scorecardresearch
 
डाउनलोड करें इंडिया टुडे हिंदी मैगजीन का लेटेस्ट इशू सिर्फ 25/- रुपये में

विशेषांकः हरीतिमा की छतरी

केरल में स्वास्थ्य सेवा के विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और यहां की आबोहवा ने इसे हमेशा एक ऊंचे पायदान पर बनाए रखा है.

X
देखा-अनदेखा कोच्चि में क्रूज शिप के पर्यटकों का स्वागत करते मार्शल डांस के साथ देखा-अनदेखा कोच्चि में क्रूज शिप के पर्यटकों का स्वागत करते मार्शल डांस के साथ

केरल: स्वास्थ्य, पर्यावरण और पर्यटन के क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन वाले बड़े राज्य

केरल ने कोविड-19 चुनौतियों के बावजूद स्वास्थ्य, पर्यावरण और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लगातार बढ़त बनाए रखी है. पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार ने महामारी के दौरान चिकित्सा देखभाल और सामाजिक सहायता प्रदान करने के लिए उम्दा रणनीति तैयार की.

देश में सबसे अच्छे स्वास्थ्य संकेतक केरल में ही हैं. यहां पैदा होने वाले प्रति 1,000 शिशुओं में से सिर्फ सात की यानी सबसे कम मृत्यु दर है और यहां लोगों का औसत जीवन 75 वर्ष का है. 2016 में आद्रर्म मिशन शुरू होने के बाद से केरल लगातार सार्वजनिक स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ा रहा है और सरकारी अस्पतालों में बुनियादी ढांचे में सुधार कर रहा है.

प्रति एक लाख आबादी पर राज्य में चार सरकारी अस्पताल हैं. सूबे की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज कहती हैं, ''कोविड टीकाकरण के मामले में हम सर्वश्रेष्ठ हैं जिसमें लक्षित आबादी (18 की उम्र से अधिक) का 95.5 फीसद हिस्सा कवर कर लिया गया है, उनमें से 60.2 फीसद ने दूसरी डोज भी ले ली है.

हरीतिमा की छतरी
हरीतिमा की छतरी

हमने सुपर-स्पेशियलिटी डॉक्टरों से टेलि-मेडिसिन परामर्श भी शुरू किया है और संक्रमितों में पोस्ट-कोविड बीमारियों के लिए विशेष क्लीनिक शुरू हुई हैं.’’

केरल पर्यटन को पिछले दो वर्षों में महामारी से बड़ा झटका लगा है. 'गॉड्स ओन कंट्री’ ने 2019-20 तक राज्य में आने वाले 1.84 करोड़ घरेलू और 12 लाख विदेशी पर्यटकों की आवक में 10 फीसदी की स्थिर वार्षिक वृद्धि बनाए रखी थी.

पर्यटन मंत्री मोहक्वमद रियास कहते हैं, ''हम घरेलू पर्यटकों को आकर्षित करने की रणनीति तैयार कर रहे हैं. टीकाकरण की उच्च दर के साथ राज्य सुरक्षित है और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तैयार है. हम अपने ब्रांड को उम्दा बनाए रखेंगे और इसके लिए टूरिस्ट-फ्रेंडली पहलकदमियां कर रहे हैं.’’

हरीतिमा की छतरी
हरीतिमा की छतरी

2018 की भीषण बाढ़ और अप्रत्याशित मानसून ने राज्य को वन क्षेत्र बढ़ाने की जरूरत का एहसास कराया है. अब वृक्षारोपण सहित वनों के अंतर्गत कुल क्षेत्रफल 21,144 वर्ग किमी होने का अनुमान है, जिसमें 2017-19 के लिहाज से 2.1 प्रतिशत की वृद्धि है.

हरीतिमा की छतरी
हरीतिमा की छतरी

वन मंत्री ए.के. शशिधरन कहते हैं, ''वन क्षेत्र बढ़ाते हुए हम पर्यावरण को साफ-सुथरा बनाए रखने के कदम भी उठा रहे हैं. इसके तहत हम वायु प्रदूषण की निगरानी कर रहे हैं और कार्बन उत्सर्जन कम कर रहे हैं.’’

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें