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डोवाल पर लगी है आईबी की नजर

इंटेलिजेंस ब्यूरो (आइबी) अपने एक पूर्व निदेशक अजीत डोवाल और विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन (वीआइएफ) पर निगाह रखने में व्यस्त है, जबकि उसे राष्ट्र-विरोधी तत्वों से संबंधित सूचनाएं एकत्र करनी चाहिए.

इंटेलिजेंस ब्यूरो (आइबी) अपने एक पूर्व निदेशक अजीत डोवाल और विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन (वीआइएफ) पर निगाह रखने में व्यस्त है, जबकि उसे राष्ट्र-विरोधी तत्वों से संबंधित सूचनाएं एकत्र करनी चाहिए.

आइबी की रिपोर्टों के आधार पर यूपीए सरकार यह प्रचार कर रही है कि देश में चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन, खास तौर पर बाबा रामदेव के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के पीछे डोवाल और वीआइएफ की उनकी टीम का दिमाग है.

डोवाल वीआइएफ के निदेशक हैं और उनकी टीम में आरएसएस के कई प्रमुख विचारक शामिल हैं. अप्रैल, 2011 में फाउंडेशन ने भ्रष्टाचार एवं काले धन पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया था. संयोग से संगोष्ठी के तुरंत बाद ही अण्णा हजारे का अनशन शुरू हुआ और बाबा रामदेव ने रामलीला मैदान पर अपने 4 जून के धरने की घोषणा की.

आइबी वाले तभी से वीआइएफ पर पैनी निगाह रख रहे हैं. और इन लोगों को बखूबी पहचानने वाले डोवाल के लिए यह थोड़ी मजेदार स्थिति है.

(-साथ में भावना विज अरोड़ा, उदय, धीरज नय्यर, रोहित परिहार, असित जॉली और सुनील नामदेव)

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