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रिंदनामाः पार्टियों का दौर

रिन्दनामा का मकसद बेहतर जिंदगी से जुड़ी बातों की चर्चा करना है. इसमें खाने-पीने और मर्जी के मुताबिक जीने की बातें होंगी.खाने-पीने के ठिकाने, व्यंजन और उनका इतिहास, शेफ और उनके नए डिश, विभिन्न कंपनियों के पेय पदार्थों के साथ छुट्टी मनाने के ठिकानों का जिक्र होगा

फोटोः मुसाफ़िर फोटोः मुसाफ़िर

मुसा‌फ़िर/ रिन्दनामा

यूं तो दिल्ली में हर महीने किसी न किसी बहाने पार्टियां होती रहती हैं लेकिन जाड़े में पार्टियों का दौर-दौरा होता है. दिसंबर के पहले पखवाड़े इसी तरह की एक पार्टी दिल्ली के एक फार्म हाउस पर आयोजित की गई, जिसमें डिजाइनर वनेसा पंडिता के नए डिजाइन को बॉलीवुड की अभिनेत्री अमायरा दस्तूर और दूसरे मॉडल ने पेश किया. इसे व्हिस्की के अपेक्षाकृत एक नए ब्रांड गोल्फर्स शॉट ने प्रायोजित किया था. जाहिर है, खाने में स्नैक्स के कई वेज-नॉनवेज आइटम के अलावा, पीने के लिए गोल्फर्स शॉट की कमी नहीं थी.

ठंड और खुली जगह में खाने-पीने का इंतजाम था, जिसमें युवाओं का मजमा लगा था. ज्यादातर युवा हाथ में जाम लिए किसी न किसी से बात करने में मसरूफ थे. बार काउंटर पर हर उम्र और जेंडर के लोग मर्जी के मुताबिक ऑर्डर कर रहे थे. 

किसी को सोडा, पानी, कोल्डड्रिंक के साथ व्हिस्की चाहिए थी, किसी को तरह-तरह के कॉकटेल पसंद थी. मौसम और वक्त के लिहाज से सबके पास आराम से खाने-पीने का वक्त था.

इसी बीच गोल्फर्स शॉट बनाने वाली कंपनी एल्कोब्रू प्रा. लि. के सीओओ अनंत एस. अय्यर से मुलाकात हुई. अपने मेहमानों का स्वागत करने में व्यस्त युवा अय्यर ने बताया, ‘‘गोल्फर्स शॉट प्रीमियम व्हिस्की है और इसने काफी कम वक्त में बाजार में जगह बना लिया है.'' यह इंडियन मेड फॉरेन लिकर है और इसे कंपनी भले ही प्रीमियम बताए पर यह सर्वाधिक बिकने वाली श्रेणी में आती है. जैसा कि कंपनी के चेयरमैन और मैने‌जिंग डायरेक्टर रोमेश पंडिता बताते हैं, ‘‘गोल्फर्स शॉट महज दो साल में अपनी पहचान बना ली है.'' दरअसल, इसे ब्लेंडर्स प्राइड की श्रेणी में रख सकते हैं.

देश में बने ज्यादातर व्हिस्की की तरह इसका भी टेस्ट बहुत स्मूद नहीं है, लेकिन पीने वाले ज्यादातर भारतीयों की जबान ऐसे टेस्ट की अभ्यस्त है. अच्छी बात यह है कि स्मेल बहुत स्ट्रांग नहीं है. पंडिता बताते हैं कि आने वाले समय में कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ ही उत्पादों की रेंज भी बढ़ाने का फैसला किया है. फिलहाल, इस कंपनी के पास गोल्फर्स शॉट के अलावा व्हाइट ऐंड ब्लू व्हिस्की और व्हाइट हिल्स व्हिस्की हैं और ओल्ड स्मगलर व्हिस्की की फ्रैंचाइज है.

ध्यान रहेः

पार्टी में जा रहे हैं और वहां आपको लिकर लेना ही है तो कुछ बातों का ख्याल रखें. अगर आप बिल्कुल भूखे पेट पहुंचे हैं तो पहले कुछ स्नैक्स ले लें. पार्टी एन्जॉय करने के लिए होती है अपनी सेहत खराब करने के लिए नहीं. कहा जाता है कि 

भूख से दो निवाले कम खाएं. यह बात पीने के मामले में ज्यादा लागू होती है. लिकर शरीर में जाने के कुछ समय बाद असर दिखाती है. कोशिश करें कि एक पैग कम से कम आधे-पौन घंटे तक चले. बैठकर पी रहे हैं तो बीच-बीच में उठकर अपनी क्षमता का परीक्षण कर लें. अगर सिर्फ एंजॉय करने का ही इरादा है तो भी जरूरत से ज्यादा एंजॉयमेंट ठीक नहीं है.

सबसे अहम यह कि पीने के बाद गाड़ी कतई नहीं चलाएं. हमेशा किसी ऐसे किसी व्यक्ति के साथ जाएं जो नहीं पीता. अगर कोई विकल्प नहीं है तो टैक्सी बुलाएं. टैक्सी आसानी से हर शहर में उपलब्ध है.

चलते-चलते

पीने-पिलाने पर सबसे ज्यादा शेरो-शायरी की गई है. शायरों ने इसका खूब गुणगान किया है. जॉन एलिया के बारे में उनके जानने वाले किसी शख्स ने लिखा है कि वे एक बार मध्य एशिया के किसी देश में मुशायरे के लिए गए. मंच पर कई शायर मौजूद थे. बारी आई एलिया की. उनके पास चाय का प्याला रखा था. उन्होंने एक-दो शेर पढ़कर समां बांधा फिर मुशायरे का इंतजाम करने वाले एक जिम्मेदार शख्स की तरफ मुड़कर कहा, ‘‘चाय गर्म हो रही है, इसमें थोड़ी बर्फ डलवा दें.''

और आखिर में जलील मानिकपुरी का एक शेरः

शब को मय ख़ूब सी पी सुब्ह को तौबा कर ली 

रिंद के रिंद रहे हाथ से जन्नत न गई

यह नया कॉलम क्यों?

इस कॉलम का मकसद बेहतर जिंदगी से जुड़ी बातों की चर्चा करना है. इसमें खाने-पीने और मर्जी के मुताबिक जीने की बातें होंगी. खाने-पीने के ठिकाने, व्यंजन और उनका इतिहास, शेफ और उनके नए डिश, विभिन्न कंपनियों के पेय पदार्थों के साथ छुट्टी मनाने के ठिकानों का जिक्र होगा.

वेजिटेरियन को नॉन वेज के आइटम पसंद नहीं हैं पर नॉन वेजिटेरियन शाकाहरी व्यंजन शौक से खाते हैं. सबसे ज्यादा भौं सिकोड़ने वाला पेय लिकर या शराब है. लिकर न लेने वालों को लिकर लेने वाले हर व्यक्ति में कुछ बुनियादी खामी नजर आती है, लेकिन ऐसा कतई नहीं है. इसमें किसी तरह का आग्रह नहीं होगा. इसमें ज्यादा से ज्यादा तरह के खाद्य और पेय चीजों का जिक्र होगा.

रिंद का मतलब होता हैः मद्यप, शराबी; रसिया, रंगीला, निश्चिंत, बेफिक्रा; मस्त, उन्मत्त, धार्मिक बंधनों से मुक्त. नामा का अर्थ होता है कहानी. इन अर्थों में से किसी एक शब्द को लेकर उसके आगे कहानी जोड़ दें और अपने हिसाब से रिंदनामा का मतलब निकाल लें.

शराब के पक्ष और विरोध में अनगिनत दलीलें हैं. इस कॉलम में किसी भी तरह से शराब का गुणगान नहीं होगा, इसे महज एक पेय पदार्थ माना जाएगा, जिसके अपने फायदे-नुक्सान हो सकते हैं.

इसके आखिर में कुछ रोचक तथ्यों के साथ शेरो-शायरी के साथ ही कॉलम खत्म होगा. 

शायर अनवर साबरी कहते हैं— 

रिंद होते जो बाशुऊर ‘अनवर'

क्या बताऊं तुम्हें वो क्या करते

लेकिन यह रिंद पूरे होशोहवास और शऊर के साथ हर हफ्ते अपनी कहानी साझा करेगा.

(मुसाफ़िर खाने-पीने का शौक़ीन और घुमक्कड़ है) 

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