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स्मार्ट मनीः गिफ्ट लेने पर कब बनता है टैक्स?

अपने प्रियजनों को दिया गया आपका उपहार भी उन्हें कई प्रकार के करों के बोझ से लाद सकता है, सिवाय इन मामलों के...

इलस्ट्रेशनः तन्मय चक्रवर्ती इलस्ट्रेशनः तन्मय चक्रवर्ती

किसी प्रियजन से उपहार प्राप्त करना निश्चित रूप से खुशी ला सकता है लेकिन कई उपहार आपकी कर देनदारी बढ़ा सकते हैं. सभी उपहारों पर कर छूट नहीं है. टैक्समैन के डीजीएम नवीन वाधवा कहते हैं, ''यदि एक वर्ष के दौरान प्राप्त उपहार 50,000 रुपए की सीमा से अधिक है, तो अतिरिक्त राशि को 'अन्य स्रोतों से आय' के तहत कुल आय में शामिल किया जाना है. इस आय पर सामान्य रूप से लागू स्लैब दरों पर कर लगाया जाता है.'' यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि यह अगर कुल प्राप्त राशि पर लागू होता है—यदि किसी वित्तीय वर्ष के दौरान प्राप्त उपहारों की कुल राशि 50,000 रुपए की सीमा से अधिक है, तो यह अतिरिक्त राशि कर मुक्त नहीं है. हालांकि, सभी उपहार इस तरीके से कर योग्य नहीं होते.

उपहार जो कर के दायरे से हैं बाहर

कुछ विशेष अवसर उदाहरण के लिए शादी को ले लें, जिसमें प्राप्त उपहार को गैर-कर योग्य माना जाता है. इसी तरह, वसीयत के माध्यम से या विरासत के रूप में प्राप्त किसी भी राशि को कर से छूट दी गई है. इसके अतिरिक्त, कोई व्यक्ति जो खुद को मृत्यु के कगार पर पहुंचा महसूस करता है और अपनी संपत्ति का निपटारा किसी को उपहारस्वरूप भेंट करके करता है—उसे भी करों से छूट दी जाती है. इन मामलों के अलावा, स्थानीय अधिकारियों से प्राप्त उपहारों को भी छूट दी गई है. वाधवा कहते हैं, ''किसी फंड, संस्थान, विश्वविद्यालय, अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान से प्राप्त राशि या धारा 10 एए (23सी) में उल्लिखित कोई ट्रस्ट या संस्थान, या धारा 12 एए के तहत पंजीकृत ट्रस्ट से प्राप्त राशि को कर से छूट प्राप्त है.''

रिश्तेदारी में मिले उपहार कब होते हैं करमुक्त

कर संबंधी जटिलताएं जो सबसे अधिक मायने रखती हैं वे हैं निकट संबंधियों से प्राप्त उपहार क्योंकि ये अक्सर बड़ी मात्रा के होते हैं. कुछ 'करीबी रिश्तेदारों' से मिले उपहारों को पूरी तरह से छूट दी गई है—इन रिश्तेदारों में माता-पिता, बच्चे, भाई-बहन और पति-पत्नी के माता-पिता और भाई-बहन शामिल हैं.

इसमें एक करीबी रिश्तेदार का जीवनसाथी भी शामिल है. इन रिश्तेदारों से अलग रिश्तेदारों से प्राप्त उपहार को कर से छूट नहीं मिलती—उदाहरण के लिए, चचेरे भाई से प्राप्त उपहार कर छूट के तहत नहीं आता.

यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि प्राप्त उपहारों से अर्जित आय कर मुक्त नहीं होती. क्लियरटैक्स के संस्थापक और सीईओ अर्चित गुप्ता, कहते हैं, ''अगर आप उपहार से कोई आय प्राप्त करते हैं—जैसे कि ब्याज, या निवेश से प्राप्त अन्य लाभ, तो आपको अपने कर रिटर्न में इस तरह की आय को 'अन्य स्रोतों से आय' के रूप में दर्शाना होगा और लागू कर स्लैब के अनुसार कर का भुगतान करना होगा.''

कब और कैसे दी जाए उपहार की जानकारी

यदि आपकी आय मूल छूट सीमा से ऊपर है—60 वर्ष से कम आयु के लोगों के लिए 2.5 लाख रुपए—तो आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है. इसलिए, उपहारों को आपकी आय के हिस्से के रूप में घोषित किया जाना चाहिए, भले ही यह छूट के दायरे में आते हों हालांकि, यदि आपकी आय मूल छूट सीमा से कम है तो यह अनिवार्य नहीं हो सकता है.

वाधवा कहते हैं, ''अगर निर्धारिती (असेसी) को कर रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता नहीं है, तो पिछले वर्ष के दौरान प्राप्त उपहारों के विवरण प्रस्तुत करने की कोई आवश्यकता नहीं है.''

हालांकि, भले ही यह अनिवार्य नहीं है, फिर भी इसका खुलासा करना बेहतर होगा. गुप्ता कहते हैं, ''आपको अपना कर रिटर्न दाखिल करते समय उपहारों के मूल्य का खुलासा करना चाहिए. कर योग्य उपहार के मामले में, राशि का उल्लेख 'अन्य स्रोतों' के तहत किया जाना है.

उपहारों को आयकर रिटर्न में 'छूट वाली आय' के रूप में प्रकट किया जाना चाहिए.'' यह सुनिश्चित करेगा कि आपके पास प्राप्त सभी उपहारों का एक आधिकारिक रिकॉर्ड है, जो कर अधिकारियों द्वारा अगर जांच की जाए तो आपकी बहुत मदद कर सकता है.

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