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सामाजिक सरोकारः सेहतमंद सौगात

हमें शुरुआत में भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग से एक विकास अनुदान और मानव रचना न्यूजेन आइईडीसी से एक प्रोटोटाइप विकास के लिए अनुदान मिला था.

क्या पक रहा प्रणव झा (बाएं) और अंशु झा क्या पक रहा प्रणव झा (बाएं) और अंशु झा

मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च ऐंड स्टडीज, फरीदाबाद के चार छात्रों ने ऑर्गेनिक फूड के फायदों के बारे में बढ़ती जागरूकता से प्रेरणा लेते हुए नो-प्रिजर्वेटिव, नो-एडिटिव प्रोडक्ट्स बनाने के लिए फूड ऐंड बेवरेज आउटफिट, हैलस्टाइन फूडलैब्स की शुरुआत की. विश्वविद्यालय के पोषण और आहार विज्ञान विभाग की अंशु झा और प्रणव झा ने दो इंटर्न विवेक गोयल और धनंजय गौतम के साथ मिलकर एसोसिएट प्रोफेसर महक शर्मा के मार्गदर्शन में प्रोजेक्ट पर काम किया है.

कार्य प्रगति पर है

उत्पाद उन सामग्रियों से शुरू होते हैं जो आसानी से उपलब्ध हैं और जिनमें उच्च पोषक तत्व हों. अंशु कहती हैं, ''इसका लक्ष्य बड़े बाजार के लिए कम लागत वाले उत्पाद बनाना है.'' कई प्रोटोटाइप का फरीदाबाद और पास के बाजारों में परीक्षण किया गया है. प्रणव कहते हैं, ''ऐसे उत्पाद बनाना बड़ी चुनौती है जो ग्राहकों के लिए सेहतमंद और रुचिकर दोनों हो.'' छात्र विनिर्माण, परीक्षण और पैकेजिंग से लेकर बिक्री और विपणन तक, प्रोजेक्ट की सभी पहलुओं की जिम्मेदारी संभालते हैं.

महक कहती हैं, ''हमें शुरुआत में भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग से एक विकास अनुदान और मानव रचना न्यूजेन आइईडीसी से एक प्रोटोटाइप विकास के लिए अनुदान मिला था.'' फिलहाल वे प्रोजेक्ट के राजस्व से व्यय का प्रबंधन कर रहे हैं पर उन्हें इसे आगे बढ़ाने के लिए निवेश की तलाश है.

खबरों में

इस इनक्यूबेटर ने फरवरी में इनोवेटिव वर्क कर रहे युवा छात्रों और संस्थानों को प्रोत्साहित और प्रेरित करने वाली प्रतियोगिता एआइसीटीई-विश्वकर्मा अवाडर्स 2019 में तीसरा पुरस्कार और 21,000 रुपए का नकद पुरस्कार जीता.

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