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पीएमओ की पकड़

पीएमओ ने अब कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) और मंत्रियों से कहा है कि वे सिफारिश करने से पहले व्यक्ति के नाम के बारे में अनौपचारिक चर्चा कर लिया करें

इलस्ट्रेशनः सिद्धांत जुमडे इलस्ट्रेशनः सिद्धांत जुमडे

मोदी 2.0 सरकार में प्रधानमंत्री कार्यालय मंत्रालयों पर पकड़ मजबूत करता जा रहा है. वह मंत्रियों की तरफ से निजी सचिव या विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) स्टाफ के लिए की जा रही सिफारिशों को खारिज कर रहा है.

लंबित सिफारिशों में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों नितिन गडकरी व धर्मेंद्र प्रधान की सिफारिशें भी शामिल हैं.

शायद ऐसे मामलों में वृद्धि को देखते हुए पीएमओ ने अब कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) और मंत्रियों से कहा है कि वे सिफारिश करने से पहले व्यक्ति के नाम के बारे में अनौपचारिक चर्चा कर लिया करें या फिर पीएमओ ने पहले से अधिकारियों की जो सूची तैयार कर रखी है, उनमें से चुनाव करें.

मंत्रियों को इन दोनों ही विकल्पों में से किसी को चुनना आसान नहीं है.

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