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बिहारः दीर्घकालिक योजनाएं

राज्य में बदले सत्ता समीकरण के बावजूद पहले बजट पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन की छाप साफ दिखाई देती है.

शुरुआत  उप-मुख्यमंत्री और वि‌त्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने 22 फरवरी को बजट पेश किया शुरुआत  उप-मुख्यमंत्री और वि‌त्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने 22 फरवरी को बजट पेश किया

अमिताभ श्रीवास्तव 
महामारी के दौरान विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार की पार्टी जद (यू) एनडीए सरकार की कनिष्ठ सहयोगी हो गई. इसके बावजूद भाजपा के वित्त मंत्री तारकिशोर कुमार ने 22 फरवरी को जो पूर्ण बजट पेश किया, उसमें नीतीश कुमार की छाप साफ दिखती है. महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा, युवाओं की कौशल वृद्धि और रोजगार सृजन के उपायों पर जोर दिया गया है. हालांकि कई योजनाओं के नतीजे दिखने में काफी वक्त लग सकता है.

कोविड महामारी की वजह से 2020-21 के बजट की कई प्राथमिकताएं और योजनाएं बदल गईं या फिर परवान नहीं चढ़ सकीं. बड़े पैमाने पर मजदूरों की वापसी से रोजगार की समस्या दिखाई देने लगी. स्वास्थ्य ढांचे के सामने चुनौतियां खड़ी हो गईं. इसी को ध्यान में रखकर बजट में बिहार को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए गए हैं. 

प्रसाद का वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बिहार का 2.18 लाख करोड़ रु. का बजट राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट है, यह पिछले साल तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के पेश किए गए 2.11 लाख करोड़ रु. के बजट से 6,541.21 करोड़ रु. अधिक का है. इस बजट की एक विशेषता यह रही कि कोई नया कर नहीं लगाया गया.

सबसे अधिक आवंटन शिक्षा के लिए 38,035 करोड़ रु. रहा. उसके बाद ग्रामीण विकास के लिए 16,835.67 करोड़ रु., सड़कों के लिए 15,227 करोड़ रु., स्वास्थ्य के लिए 13,264 करोड़ रु. और ऊर्जा के लिए 8,560 करोड़ रु. का आवंटन किया गया है. शिक्षा के बजट के तहत अन्य योजनाओं के अलावा बेरोजगारी दूर करने के लिए सभी जिलों में कौशल केंद्र खोले जाएंगे ताकि युवाओं को रोजगार योग्य बनाया जा सके और राज्य से बाहर उनके पलायन को कम किया जा सके.

सरकार ने एक नया युवा कौशल और उद्यमिता विभाग स्थापित करने का निर्णय लिया है. इस प्रशासनिक विंग में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान और पॉलिटेक्निक शामिल होंगे और पाठ्यक्रम में उद्यमिता भी शामिल होगी. महामारी के अनुभवों को देखते हुए स्वास्थ्य बजट को पिछले साल के मुकाबले बढ़ा दिया गया है और इसके तहत न केवल सरकारी अस्पतालों में बेड बढ़ाए जाएंगे और 14 नए मेडिकल खोले जाएंगे बल्कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति सुधारी जाएगी.

प्रसाद ने अगले पांच वर्षों में हर खेत को पानी सुनिश्चित करने के लिए सरकार के संकल्प को दोहराया और बजट में इसके लिए 550 करोड़ रुपए का आंवटित हुआ है. बजट में नीतीश के सात निश्चयों (भाग -2) के लिए अलग से 4,671 करोड़ रु. का आवंटन किया गया है. अगले पांच वर्षों में निजी और सरकारी, दोनों क्षेत्रों में 20 लाख नौकरियों के सृजन के बारे में बजट की घोषणा युवाओं की हताशा को दूर कर सकती है, तो उद्यमी बनने की इच्छुक महिलाओं को प्रस्तावित वित्तीय मदद (देखें बॉक्स) यहां महिला सशक्तिकरण को अगले स्तर तक ले जा सकती है.

लेकिन ऐसे बजट के सामने लक्ष्यों को पूरा करने की प्रशासनिक क्षमता चुनौती होती है. एक वरिष्ठ आइएएस अधिकारी अपना नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहते हैं, ''सरकार की मंशा पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण उपायों को फलीभूत करने के लिए समाज की पहल समेत कई कारक जिम्मेदार होंगे. मिसाल के तौर पर महिला उद्यमशीलता को प्रोत्साहन देने के लिए 200 करोड़ रु. का आवंटन किया गया है.

इसके लिए महिलाओं और उनके परिवार वालों को आगे बढ़कर उद्यम शुरू करना होगा. फिर उसकी सफलता बाजार अर्थव्यवस्था जैसे विभिन्न कारकों पर निर्भर होगी. हालांकि इस पहल से महत्वाकांक्षी महिलाओं को प्रोत्साहन मिलेगा लेकिन पांच लाख रु. का अनुदान हासिल करने के लिए फर्जी आवेदनों की बाढ़ आ सकती है.’’ 

इस बजट की खास बात यह है कि सरकार ने पहले की तुलना में वेतन और पेंशन खर्च को घटाकर 70 हजार करोड़ रु. से 60 हजार करोड़ रु. कर दिया है. सरकार का खर्च कम होने से विकास कार्यों के लिए धन मिलेगा. 

बजट में युवाओं के लिए क्या है
 इंजीनियरिंग, मेडिकल और स्पोर्ट्स के लिए तीन नए विश्वविद्यालय खोले जाएंगे
 28 जिलों में 12 नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे
 5 जिलों में फार्मेसी कॉलेज खोले जाएंगे 
 युवाओं के कौशल विकास के लिए हर जिले में मेगा स्किल सेंटर खोले जाएंगे 
 आइटीआइ और पॉलिटेक्निक सेंटरों का आधुनिकीकरण किया जाएगा
 उच्चस्तरीय उत्कृष्टता केंद्र (हाइ लेवल सेंटर फॉर एक्सीलेंस) बनाए जाएंगे
 राजगीर में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी
 20 लाख रोजगार के अवसर मिलेंगे

महिलाओं के लिए
 महिलाओं को उद्यम के लिए पांच लाख रु. तक का अनुदान, बिना किसी ब्याज के पांच लाख तक का ऋण भी मिलेगा. इसके लिए 200 करोड़ रु. का प्रावधान
 सरकारी नौकरियों में 35 फीसद आरक्षण, पुलिस थानों समेत जिला कार्यालयों में आरक्षण के अनुपात में तैनाती होगी 
 अविवाहित महिलाओं को इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने पर 25,000 रुपए, स्नातक परीक्षा पास करने पर 50,000 रुपए 

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए
 पीएम स्वच्छता अभियान पर 400 करोड़ रुपए खर्च होंगे और सभी गांव स्वच्छ होंगे
 450 करोड़ रुपए खर्च करके जल जमाव की परेशानी को दूर किया जाएगा
 ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण पर 250 करोड़ रुपए खर्च होंगे
 गांवों में बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली के विकास के लिए 300 करोड़ रुपए खर्च होंगे

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