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स्मार्ट एजुकेशनः फैशन डिजाइन

ग्रेजुएट को खुद अपने शाहकार का स्केच, फिनिश, स्टाइल और फोटोग्राफ लेने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है

शेखर घोष शेखर घोष

फैशन डिजाइन

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन (निफ्ट), दिल्ली

www.nift.ac.in

फैशन डिजाइन का वास्ता रेखांकन, ड्रेपिंग, ब्यौरे तैयार करने और पैटर्न बनाने से है. एक ओर जहां इन पाठ्यक्रमों में स्केचिंग, इनसानी शरीर को बनाने से लेकर ऐक्सेसरी की बारीकियां सिखाई जाती हैं, वहीं ग्रेजुएट कपड़े बना सकते हैं, कपड़ों की साज-सज्जा और कपड़ों से ड्रेस तैयार करना सीख सकते हैं. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन (निफ्ट), दिल्ली इस क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एक है.

अपने आप में अलग

स्टुडेंट्स का चयन निफ्ट की प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है, जिसमें स्केच बनाने की परीक्षा होती है और उसके बाद स्टुडियो या परिस्थिति के मुताबिक परीक्षा होती है, जिसमें उन्हें किसी प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए मौका दिया जाता है. निफ्ट, दिल्ली की कैंपस डायरेक्टर वंदना नारंग के मुताबिक, ''हमारा पाठ्यक्रम समग्रता वाला है और इसमें बच्चों को प्रशिक्षण और लिबरल आर्ट की शिक्षा दी जाती है. स्टुडेंट्स को मशीनों का इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण दिया जाता है और कपड़ों को काटने और सिलने के साथ ही उन पर कढ़ाई और छपाई के तरीके सिखाए जाते हैं. वे खुद ही स्केच, फिनिश, स्टाइल और अपने शाहकार की फोटोग्राफी का तरीका सीख जाते हैं.'' डिजाइनर राजेश प्रताप सिंह का कहना है, ''मैं निफ्ट के पहले बैच में था, तब दिल्ली में उनका केवल एक कैंपस था. मेरे शिक्षक मुझे हर तरह मदद करने के लिए प्रतिबद्ध थे और आगे बढ़कर मदद करते थे.''

उद्योग के लिए तैयार

शिल्प कला इस पाठ्यक्रम का हिस्सा होने की वजह से स्टुडेंट्स उत्तर प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, छत्तीसगढ़ और हरियाणा के शिल्पकारों से मिलते हैं. नारंग का कहना है, ''स्टुडेंट्स इन शिल्पकारों की मदद से अपने अंतिम वर्ष में 'शिल्प आधारित प्रोडक्ट डेवलपमेंट' प्रोजेक्ट तैयार करते हैं.'' इस संस्थान ने अंतर विभागीय छोटे पाठ्यक्रम भी शुरू किए हैं, जिनमें स्टुडेंट्स दूसरे विभागों के विषय चुन सकते हैं.

शुरुआती वेतन

5-7 लाख रु. प्रति वर्ष

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