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शख्सियतः सीखने में गंभीरता जरूरी

इस दौर में स्टार कलाकारों की फेहरिस्त में दर्ज वायलिन वादिका कला रामनाथ प्रशिक्षण, फिल्म संगीत और अपनी नई परिकल्पना को लेकर बेहद स्पष्ट राय रखती हैं.

कला रामनाथ कला रामनाथ

इस दौर में स्टार कलाकारों की फेहरिस्त में दर्ज वायलिन वादिका कला रामनाथ प्रशिक्षण, फिल्म संगीत और अपनी नई परिकल्पना को लेकर बेहद स्पष्ट राय रखती हैं.

 सिखाने को लेकर आपका रुझान क्या और कितना है?
बहुत सिखाती हूं. बच्चों को सिखाना मुझे पसंद है. सिखाने का एक दूसरा फायदा है खुद का कॉन्सेप्ट क्लियर होता है. विद्या बढ़ती है. बिगिनर से लेकर परफॉर्मर तक, सभी को सिखाती हूं. एक बात कहूं: राग एक डिवाइन चीज है. जब आपको उसमें वह पवित्र भाव नजर आएगा तो बेशक दूसरों को भी. आप कोई राग उठाते हैं तो उसका आह्वान करें. सही सुर, सही श्रुतियां, सही पेशकश. वरना सिर्फ व्याकरण बनकर रह जाएगा.

 वीणा, सितार या सारंगी के मुकाबले वायलिन की कीमत असाधारण है. इसे स्वाभाविक मानती हैं ?
बहुत महंगा है मेरा वाद्य, सच में! कभी सोचती हूं कि अकारण महंगा तो नहीं? असल में जिन्होंने इसे गढ़ा उनके बनाए वायलिन की कीमतें ऊंची हैं. जितना पुराना, उतना ज्यादा दाम—ऐसा भी कुछ इसके साथ जुड़ा है. डॉलर में कीमत लगाएं तो चौंक जाएंगे. बुनावट की सफाई, आवाज का दर्जा और बरसों-बरस सीजंड होते रहना—ये कारण भी इसके महंगे होने के पीछे के हैं.

 बीता बरस, सिमटी हुई दुनिया में एक स्टार कलाकार होने के बावजूद आपकी दिनचर्या कैसी रही?
कोई काम न होने से पुराने सपने पूरे करने का रास्ता दिख गया. 20 साल पुराना आइडिया था कि सारे रागों को उनकी सूक्ष्मता में समझाती, एक रेफरेंस लाइब्रेरी सभी के लिए हो. दस रागों से उसे शुरू किया है. हर सप्ताह एक राग जुड़ेगा. ऑनलाइन मंच के रूप में इस वेब साइट को 24 जुलाई 'गुरु पूर्णिमा’ के दिन गुरुओं को समर्पित कर दूंगी. इंडियन न्न्लासिकल म्यूजिक डॉट कॉम नाम से इसका डोमेन ले लिया था मैंने.

 पुराने शास्त्रीय कलाकारों ने फिल्मों में बराबरी से बजाया. आप, लगता नहीं ऐसे बजाती हैं?
मैं जिस घर से आई वहां शास्त्रीय संगीत का बोलबाला था. लेकिन मेरे पिता फिल्म संगीत से जुड़े थे. वे बजाया करते थे. मैंने हॉलीवुड की फिल्मों में लगातार बजाया. लेकिन भारत में कोई कहे तब न. अभी तक न्योता नहीं मिला. मैं वादक हूं, बजाना मेरा धर्म.

 संगीत में इधर दिखाई देती नई परफॉर्मर पीढ़ी, उन्हें लेकर आपका नजरिया क्या है?
जब मैं किसी भी नए कलाकार को गाते-बजाते देखती हूं तो मुझे बड़ी खुशी होती है. बस, उनसे एक ही अनुरोध है कि सीखने-समझने की गंभीरता कम न होने दें. अगर आप काबिल हैं तो विश्व आपको याद करता रहेगा. प्रोग्राम भी मिलेंगे. अच्छा संगीत आत्मसात करना है, इस बात को गांठ बांध लें.

—राजेश गनोदवाले.

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