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बिटिया की पिक्चरबुक

सोहा अली खान और उनके शौहर कुणाल केमू ने मिलकर अपनी बिटिया के लिए एक किताब लिखी है. अभिनय के साथ वे कुछ इस तरह तालमेल बिठाना चाहती हैं कि परिवार को प्राथमिकता मिलती रहे.

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सोहा अली खान सोहा अली खान

 आप पहले भी एक किताब लिख चुकी हैं पर शौहर कुणाल केमू के साथ इन्नी ऐंड बोबो लिखना कैसे मुमकिन हुआ?

ये कुणाल का ही आइडिया था. बेटी इनाया को वे यूं ही गढ़-गढ़कर कहानियां सुनाते रहते हैं. दोनों मिलकर उसे बुनते हैं. इन्हीं में से एक इनाया और पपी बोबो की थी. वह बार-बार बोबो की तस्वीर दिखाने को कहती. हमने सोचा उसके जन्मदिन पर एक पिक्चरबुक ही तैयार कर लें.

 आपने देसी नस्ल के दो कुत्ते गोद ले रखे हैं ना?

हमने पशुओं की सहायता करने वाली, मुंबई की एक संस्था वर्ल्ड फॉर ऑल से उन्हें लिया था. मिष्टी से हमारा अच्छा राब्ता बन गया था लेकिन साथ ही मौजूद मस्ती को दूसरे कुत्ते का घर में होना सुहा नहीं रहा था. मां (शर्मिला टैगोर) मिष्टी को दिल्ली ले गईं तो हम निमकी को लाए. पटौदी वाले हमारे घर पर सड़कछाप चार देसी कुत्ते हैं.

 घर में एक अदद कुत्ते की मौजूदगी से बच्चे को किस तरह से मदद मिलती है?

कुत्ते कोई खिलौने तो होते नहीं. पशुओं को आपको एक खास ढंग से छूना होता है. भले बोले न, पर उसमें उसकी सहमति जरूरी होती है. उन्हें खिलाने और घुमाने की भी एक जिम्मेदारी होती है.

पापा ने हमेशा यही सिखाया कि बच्चों के लिए घर में कुत्ते रखना अच्छा होता है; वे हमें जुदाई का सामना करना सिखाते हैं क्योंकि कुत्ते की उम्र अमूमन हमसे-आपसे तो कम ही होती है ना.

 2022 में आप कौन बनेगा शिखरवती के जरिए वेब सीरीज में दाखिल हुईं और अब हश हश आने वाली है. आप कैसे तय करती हैं कि आपके लिए क्या कारगर है?

साथ में काम करने वाले लोग, काम के घंटे और काम वाली जगह, सब मायने रखते हैं. मैं काम और जीवन के बीच संतुलन साधते हुए बिटिया के सोने तक घर पहुंच जाना चाहती हूं.

—सुहानी सिंह.

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