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दूसरी कला की ओर रुख

यकीनन सोनाक्षी सिन्हा के लिए आने वाली कई फिल्मों से उम्मीदें भरपूर हैं, मगर फिलहाल तो उनका मन अपनी पेंटिंग की पहली सार्वजनिक प्रदर्शनी में रमा हुआ है.

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सोनाक्षी सिन्हा सोनाक्षी सिन्हा

 मुंबई में आपकी पेंटिंग की पहली प्रदर्शनी लग रही है. क्या मन में उत्तेजना शुक्रवार को रिलीज होने वाली फिल्मों जैसी ही है? 

मुझे वही एहसास हो रहा है, जैसे पहली फिल्म के वक्त था. तब मैं एक नई दुनिया में पैर रख रही थी और नहीं जानती थी कि आगे क्या होने वाला है. वही उत्तेजना आज भी है. बतौर चित्रकार मेरी पहली प्रदर्शनी है. उम्मीद है लोग सराहेंगे. इसमें मेरा दिल जो लगा है.

 आप और आपके जुड़वां भाइयों लव और कुश ने महामारी के दौरान कलाकारों और खरीदारों के बीच पुल बनाने के लिए हाउस ऑफ क्रिएटिविटी बनाई. क्या वह कामयाब रहा? 

हां, यकीनन. हर क्षेत्र के कई कलाकारों ने हमारे प्लेटफॉर्म पर आने की इच्छा जाहिर की. यह उनके लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने का जरिया बना. मैं इस पहल से जुड़कर खुश हूं.

 आप रीमा कागती की आगामी वेब सिरीज फॉलेन में मुख्य किरदार अंजलि भाटी की भूमिका में हैं. क्या सिरीज के फॉर्मेट के लिए आपको बदलना पड़ा है? 

फॉलेन में मांसपेशियां चमकाने की जरूरत थी. मेरी फिल्मों में मुख्य भूमिका पुरुष पुलिसिए की रही है, मगर इस बार मुझे वह करना था. अंजलि ने मेरे भीतर कई एहसास जिंदा किए. फिर, रीमा तो आपसे बेहतर करवा लेती हैं.

 आपको कई बार अपने वजन के कारण भेदभाव झेलना पड़ा. क्या आपको लगता है कि आगामी फिल्म डबल एक्सएल से वह नजरिया बदल जाएगा? 

मेरी राय में डबल एक्सएल हमारे समाज में कुछ गलत धारणाओं पर रोशनी डालती है. महिलाओं से लगातार खास ढांचे में ढलने, खास तरह से दिखने, खास वजन रखने को कहा जाता है.

डबल एक्सएल दो मजबूत कद-काठी, स्वतंत्र, 'अधिक वजन’ वाली महिलाओं की कहानी है, जो बाकियों की तरह सामान्य हैं. मुझे उम्मीद है, फिल्म इस बारे में लोगों को सोचने पर मजबूर करेगी.

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