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मेहमान का पन्ना

गौतम मुखोपाध्याय

म्यांमार: तलवार की धार

20 फरवरी 2021

अब जब अमेरिका ने खुद अपने लगभग दक्षिणपंथी 'तख्तापलट’ का स्वाद चख लिया है, यह तार्किक ही है कि राष्ट्रपति जो बाइडन लोकतंत्र को अपनी विदेश नीति का एक बड़ा आधार बनाने की जद्दोजहद कर रहे हैं.

युवा पीढ़ी की कल्पनाओं को पंख देते स्टार्ट-अप की एक लहर आई

बाधाओं को कैसे पार कर सकता है स्टार्टअप इंडिया

22 जनवरी 2021

भारत में स्टार्ट-अप संस्थापक युवा हैं और उन्हें उद्यमों का उतना गहरा तजुर्बा नहीं है जो बड़ी कंपनियों की समस्याओं के समाधान के लिए जरूरी होता है

नजरियाः मुनाफे का व्यापार संभव

मेहमान का पन्नाः पर्यावरण रक्षा के साथ भी मुनाफे का व्यापार संभव

18 सितंबर 2020

ईआइए अधिसूचना नुक्सानदेह चीजों के लिए मजबूत प्रोत्साहन है जो हमारे उद्योगों को पहले से कहीं ज्यादा गैर-प्रतिस्पर्धी बना देता है

उमा महादेवन दासगुप्ता

नजरियाः गंवा दिए गए मौके की कीमत

11 सितंबर 2020

साल 2020 को विद्यार्थियों के लिए 'गैप ईयर' मानने से साल बर्बाद होगा, जिसके आर्थिक नतीजे होंगे. ज्यादातर छात्र इसे गवारा नहीं कर सकते

मयूर सुरेश

आपराधिक लापरवाही

04 सितंबर 2020

गंभीर समाधान के लिए दंड प्रक्रिया की जांच जरूरी है, इसलिए किसी को ऐसे अनुसंधान का काम सौंपना समिति का पहला तार्किक कदम होना चाहिए था

अमिताभ कांत, सीईओ, नीति आयोग

भारत को चोटी का निर्माता बनाना होगा

21 अगस्त 2020

हमें भी वह नीति लागू करनी होगी जिसे अमेरिका ‘उभरते उद्योग सिद्धांत’ नाम देता है. कुछ उद्योगों की रक्षा करनी होगी पर हमेशा के लिए नहीं.











इलस्ट्रेशनः राज वर्मा

विद्यामंदिरों में महामारी से निबटने की तरकीब

06 अगस्त 2020

हम खुशकिस्मत हैं कि छात्रों की मौजूदा पीढ़ी टेक्नोलॉजी सीखने और उस अनुरूप खुद को ढालने में तेज है

डॉ. फादर अब्राहम वी.एम.

अव्वल बनना है तो...

06 अगस्त 2020

आज विश्वविद्यालयों का दायित्व नौकरी लायक व्यक्ति बनाने का ही नहीं बल्कि विद्वान नागरिक बनाने का भी है

डॉ. अतुल चौहान

भविष्य में अगुआई तो निजी विश्वविद्यालयों को ही करनी है

06 अगस्त 2020

एक छात्र के रूपांतरण के मुकाबले उसे मिलने वाली कागज की डिग्री का भला क्या मूल्य! समग्र बदलाव ज्यादा अहम है

नजरियाः भरत कारनाड

अमेरिका की पूंछ क्यों पकड़ना

05 अगस्त 2020

अमेरिकी पहल पर बनने वाले किसी संगठन में शामिल होने का भारत को ठोस लाभ न होगा क्योंकि प्रभावी ताकत होने के नाते उसके भीतरी समीकरण तो अमेरिका ही तय करेगा

मनजीव सिंह पुरी

नेपाल के लिए फासले का ख्याल रखना क्यों जरूरी है

30 जुलाई 2020

प्रधानमंत्री ओली के ये काम गर्म-दिमाग भारतीयों को उकसाने का जोखिम मोल ले रहे हैं. भारत विरोधी राष्ट्रवादी मीडिया नेपाल की जानी-मानी हकीकत है.