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इरफान पठानः 370 नॉट आउट

जम्मू और कश्मीर किक्रेट टीम के मेंटर इरफान पठान के लिए बाउंड्री ने नए मायने अख्तियर कर लिए हैं.

इरफान पठान इरफान पठान

जम्मू और कश्मीर क्रिकेट टीम के मेंटर इरफान पठान पिछले महीने राज्य में ही थे और आगामी घरेलू सीजन के लिए टीम को तैयार कर रहे थे. तभी उन्हें खबर मिली कि अमरनाथ यात्रा रद्द कर दी गई है. उन्होंने फौरन ताड़ लिया कि यह बेहद गैरमामूली कदम है. लिहाजा, उन्होंने खिलाडिय़ों को वापस भेज दिया और खुद भी राज्य से रुखसत हो गए. कुछ दिन बाद भारत सरकार ने कश्मीर का विशेष दर्जा कमजोर कर दिया, संचार की लाइनें काट दीं और राज्य में कर्फ्यू लगा दिया. पठान अभी तक अपने खिलाडिय़ों के साथ संपर्क कायम नहीं कर पाए हैं.

भारत के पूर्व ऑलराउंडर पठान ने राज्य की टीम के साथ पिछले जून में काम शुरू किया था. वे कहते हैं, ''संचार सेवाएं शुरू हो जाएं तो हम अपनी योजना को आगे बढ़ा पाएंगे. इस वक्त हमारी पूरी तैयारी है, पर हम कुछ हफ्ते गंवा चुके हैं. सीजन के पहले ऐसा होना अच्छी बात नहीं है.'' टीम महीने भर से तैयारी कर रही थी, पर उसे विज्जी ट्रॉफी से नाम वापस लेना पड़ा, क्योंकि एक दूसरे से संपर्क का कोई जरिया ही नहीं था.

पठान उम्मीद जाहिर करते हैं कि बाकी का सीजन सामान्य रहेगा. वे कहते हैं, ''बात बस इतनी है कि तैयारी पहले ही गड़बड़ा गई है. इस वक्त सारी चीजें दुरुस्त होनी चाहिए थीं. हमने महीने भर गजब की तैयारी की थी. अब वे ट्रेनिंग नहीं ले सकते, तो उनकी फिटनेस फिर जहां की तहां. हमें फिर नए सिरे से शुरू करना होगा. देखना होगा कि वे सीजन के लिए कितने तैयार हैं.''

राज्य में क्रिकेट अच्छी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. पिछले साल राज्य क्रिकेट लीग में 40,000 खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया था. इस साल 50,000 आए. इरफान कहते हैं, ''बीते वक्त में टीम के तौर पर राज्य ने ज्यादा कुछ हासिल नहीं किया है. अलग-अलग आयु समूहों के पांच से छह लड़के राष्ट्रीय क्रिकेट एकेडमी में गए हैं,

जो राज्य के इतिहास में पहले कभी

नहीं हुआ था.''

इरफान पठान के जम्मू-कश्मीर टीम के कोच और मेंटर बनने के बाद से टीम ने कामयाबी हासिल करनी शुरू कर दी

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