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अमिताभ का जादू अब भी बरकरार

भूल जाइए एपीजे अब्दुल कलाम या अण्णा हजारे को, भारत का आदर्श है करोड़ों रु. की कमाई करने वाला एक फिल्म स्टार.

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अमिताभ अमिताभ

सबकी कहानी में एक अमिताभ जरूर होता है. मसलन, स्लमडॉग मिलिनेयर (2008) में जमाल बताता है कि बचपन में जब उसके पड़ोस में अमिताभ का हेलिकॉप्टर उतरा था तो वह कैसे संडास में बंद था. या फिर किसी के पास अमिताभ का डायलॉग ही होगा, कोई ऐसी लाइन जिसे तखल्लुस या अभिवादन की तरह इस्तेमाल किया जा सके.

जैसे, अग्निपथ (1990) वाली खरखराते गले की ''हाएं”, या फिर दीवार (1975) का डायलॉग, ''पहले उस आदमी का साइन ले के आओ.” उनके बाल अब तक पूरी तरह नहीं पके हैं. हम सब में अमिताभ किसी-न-किसी रूप में हैं और उन्होंने जितनी भूमिकाएं निभाईं, उनमें हम सब कहीं-न-कहीं खुद को भी पाते हैं: एंग्री यंग मैन से लेकर एक रोमांटिक युवा, कड़क पिता और टीवी हॉस्ट तक ढेर सारे अमिताभ, जिनका सहज आकर्षण उनके आभामंडल से जुड़ी किसी भी असहजता को खत्म कर देता है.amitabh

नौजवानों के पह्न में और रूढिय़ों के खिलाफ बोलने वाले और किसी भी उगते सूरज को सलाम करने वाले इस नए भारत में अमिताभ का जादू अब तक कायम है, न सिर्फ  उनके बीच जो अमिताभ को देखते बड़े हुए हैं बल्कि उनके बीच भी जिन्होंने पहली बार डायरेक्ट टू होम बॉक्सेस पर उन्हें देखा है. सामाजिक टीकाकार संतोष देसाई कहते हैं, ''अमिताभ किसी दौर में सिमटते नहीं दिखते. वे किसी एक दौर के नहीं हैं बल्कि हर बात में प्रासंगिक हैं.”

अमिताभ की जिंदगी में भी हालांकि ’90 के दशक की शुरुआत में एक ऐसा वक्त आया था जब दूसरे बुढ़ाते अभिनेताओं की तरह वे भी अपनी जवानी लंबी करने की कवायद कर रहे थे. उस वक्त की तूफान (1989) और अजूबा (1991) जैसी उनकी फिल्में इसका उदाहरण हैं. अमिताभ की वापसी का श्रेय यश चोपड़ा की मोहब्बतें (2000) और समीर नायर के टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति  को दिया जा सकता है. हम आज उनकी जो इमेज देखते हैं, उसे बनाकर उन्होंने बदलाव का फॉर्मूला ढूंढ़ लिया. अमिताभ की दाढ़ी भले सफेद हो पर उनके बाल अब तक पूरी तरह नहीं पके हैं.

70 वर्ष की उम्र में भी वे एकाध घंटे जिम में वर्जिश करते हैं और लेखन, ब्लॉग और ट्वीट करते हुए काफी वक्त गुजारते हैं. उनका यह कद बॉलीवुड पर दो दशक तक चले उनके राज से नहीं बना है बल्कि उन्होंने खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए मेहनत की है. इसीलिए वे 2013 के सर्वेक्षण में अब्दुल कलाम, अण्णा हजारे, आमिर खान और सचिन तेंडुलकर से ऊपर बने हुए हैं. इसलिए कंप्यूटर जी, लॉक किया जाए!

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