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विशेषांकः जीवन के सबक

हिमाचल ने अपने बजट का 16 प्रतिशत शिक्षा के लिए रखा है ताकि यह पक्का किया जा सके कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा राज्य के कोने-कोने तक पहुंचे.

कक्षा की सुरक्षा मंडी जिले के एक स्कूल में छात्रों की थर्मल स्क्रीनिंग कक्षा की सुरक्षा मंडी जिले के एक स्कूल में छात्रों की थर्मल स्क्रीनिंग

हिमाचल प्रदेश: शिक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन वाले बड़े राज्य

इस समय लगभग 88 प्रतिशत साक्षरता दर वाले हिमाचल प्रदेश ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में अपने बजट का 16 प्रतिशत (8,024 करोड़ रुपये) शिक्षा क्षेत्र के लिए रखा है. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कहते हैं, ''राज्य के हर बच्चे की न सिर्फ सेहत अच्छी होनी चाहिए बल्कि उसे बेहतर शिक्षा भी मिलनी चाहिए ताकि जब वह कार्यबल में शामिल हो, वह अधिक कार्यकुशल हो.’’

वैसे तो हिमाचल कक्षा 8 तक सभी बच्चों के स्कूल में नामांकन के लक्ष्य को हासिल करने वाले पहले राज्यों में से एक था, पर सूबे की एक बड़ी समस्या कक्षाओं से बच्चों का नदारद रहना था. पिछले दो वर्षों में जब इंटरनेट के उपयोग के जरिए छात्र घर से कक्षाओं में भाग ले रहे थे, यह पहलू एक बड़ा मसला बन गया.

विशेषांकः जीवन के सबक
विशेषांकः जीवन के सबक

हिमाचल सितंबर से स्कूल खोलने की कोशिश कर रहा है, लेकिन छात्रों और बच्चों के बीच कोविड संक्रमण में वृद्धि के कारण बहुत सफल नहीं हो पाया है. एक बार जब स्कूल पूरी तरह से खुल जाएंगे, तो राज्य की योजना कक्षाओं से गैरहाजिरी के मुद्दे से आक्रामक तरीके से निबटने की है.

इस बीच, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के साथ-साथ दूर-दराज के कोनों तक शिक्षा के प्रसार को पक्का करने के लिए स्कूली परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा. इसमें 15 नए अटल आदर्श विद्या केंद्रों का निर्माण शामिल है, जहां छात्रावास की सुविधा के साथ-साथ मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी; ऐसे 10 स्कूल अभी काम कर रहे हैं.

राज्य सभी सरकारी स्कूलों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाओं से लैस कर रहा है ताकि हाइब्रिड क्लासरूम को असल मायने में जमीन पर ला पाने की बात को पुख्ता किया जा सके.

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