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आवरण कथाः डिजिटल पुरोधा

नीलेकणि देश में स्टार्ट अप के लिए अनुकूल माहौल बना रहे हैं. उन्होंने टेक कंपनियों के लिए 10 करोड़ डॉलर (750 करोड़ रु.) के वेंचर कैपिटल फंड फंडामेंटम पाटर्नरशिप को आगे बढ़ाया.

नंदन नीलेकणि नंदन नीलेकणि

12. नंदन नीलेकणि, 66 वर्ष
सह-संस्थापक, इंफोसिस; पूर्व चेयरमैन, यूआइडीएआइ

क्योंकि नीलेकणि देश की डिजिटल क्रांति में अगुआ लोगों में रहे हैं, दिग्गज आइटी कंपनी इंफोसिस की स्थापना से लेकर दुनिया में से सबसे बड़ी डिजिटल पहचान परियोजना आधार के कार्यान्वयन, और अब डिजिटल भुगतान की आरबीआइ की कमेटी के मुखिया के नाते डिजिटल भुगतान को सहज बनाने के काम में उनका योगदान है 

क्योंकि नीलेकणि 3.4 अरब डॉलर (25,585 करोड़ रु.) के शुद्ध मूल्य की संपत्ति के साथ 2021 में देश के 100 आला अमीरों में हैं और उन्होंने अपनी आधी संपत्ति धर्मार्थ कार्यों में दान देने की प्रतिज्ञा की है. उन्होंने रतन टाटा के साथ मिलकर आवंति फाइनेंस की शुरुआत की है और गरीबों को छोटे-मोटे कर्ज देने की पेशकश की है

क्योंकि वे विविध विधाओं के मालिक हैं: उद्यमी, टेक्नोक्रेट, लेखक, नेता. वे 2014 के आम चुनावों में बेंगलूरू दक्षिण से कांग्रेस के उम्मीदवार थे

क्योंकि नीलेकणि इंफोसिस के संकटमोचन नं. 1 हैं. उन्हें 2017 में कंपनी के सीईओ के विदा होने और प्रबंधन बोर्ड में उलटफेर के बाद बतौर गैर-कार्यकारी चेयरमैन बुलाया गया

क्योंकि नीलेकणि देश में स्टार्ट अप के लिए अनुकूल माहौल बना रहे हैं. उन्होंने टेक कंपनियों के लिए 10 करोड़ डॉलर (750 करोड़ रु.) के वेंचर कैपिटल फंड फंडामेंटम पाटर्नरशिप को आगे बढ़ाया

आगे की राह ''कोविड-19 से डिजिटल खाई चौड़ी हुई है. हमें ऐप्लिकेशंस को ऐसे डिजाइन करनी चाहिए, ताकि जिन लोगों के पास ये डिवाइस नहीं हैं, वे भी सहभागी बन सकें’’.

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