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मणिपुरः बाधाओं के पार विकास

मणिपुर 10 श्रेणियों में सुधार के साथ-साथ दो श्रेणियों में शीर्ष दो राज्यों में शामिल है. अब राज्य विकास के अगले दौर के लिए तैयार हो रहा है

तगड़ा अनुशासन इंफाल में 22 मार्च को जनता कर्फ्यू दिवस के दौरान तगड़ा अनुशासन इंफाल में 22 मार्च को जनता कर्फ्यू दिवस के दौरान

मणिपुर
सर्वाधिक सुधार, समग्र और कानून-व्यवस्था

राजनीतिक उठापटक से लेकर व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर चिंता तक, मणिपुर ने पिछले साल गलत कारणों से सुर्खियां बटोरीं. लेकिन राज्य ने स्थिर आर्थिक और सामाजिक विकास भी देखा है, जो मुख्य रूप से इस पूर्वोत्तर राज्य में शांति के लिए बढ़ती जनभावना से शुरू हुआ. राज्य से उग्रवाद भले ही पूरी तरह से न खत्म हुआ हो, लेकिन उग्रवादी वारदातों और हताहतों की संख्या में भारी कमी आई है. मसलन, 2019 और 2020 में आतंकी घटनाओं में केवल 10 लोगों की जान गई जो कि 2017 में 37 और 2018 में 21 की तुलना में काफी कम है.

चरमपंथियों की ओर से अक्सर होने वाली सड़क बंद करने की घटनाओं में कमी राज्य के लोगों के लिए सबसे उत्साहजनक बात रही क्योंकि इससे आवागमन ठप हो जाता था. मणिपुर में पिछले तीन साल में एक भी नाकाबंदी नहीं हुई है, जो राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार का प्रमाण है. 2017 में भाजपा सरकार के नेतृत्व वाले गठबंधन की सरकार के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह कहते हैं, ''सड़क अवरोध की समस्या पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के चलते खड़ी होती थी.''

राज्य में धीरे-धीरे बहाल हो रही शांति का असर दिख रहा है और मणिपुर 10 श्रेणियों में सुधार के साथ-साथ दो श्रेणियों में शीर्ष दो राज्यों में शामिल है. अब राज्य विकास के अगले दौर के लिए तैयार हो रहा है. हालांकि कोविड-19 ने कुछ क्षेत्रों, विशेष रूप से पर्यटन को बुरी तरह से प्रभावित किया है. इस कारण पर्यटन के क्षेत्र में मणिपुर ने जहां पिछले साल छोटे राज्यों में से सबसे अधिक सुधार वाले राज्य के रूप में जगह बनाई थी, इस बार एक पायदान फिसलकर दूसरे स्थान पर पहुंच गया.

राज्य ने महामारी से उबरकर विकास की योजना बनाई है. यह सभी 60 विधानसभा क्षेत्रों में इको टुरिज्म की सुविधा स्थापित करने की योजना बना रहा है. सरकार हर निर्वाचन क्षेत्र में इन सुविधाओं को स्थापित करने के लिए 30 लाख रुपए प्रदान करेगी, जबकि 20 लाख रुपये हर विधायक के स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से आएंगे.

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