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आवरण कथाः तस्वीरों में गुजरात गौरव की जंग

भाजपा की शीर्षस्थ जोड़ी नरेंद्र मोदी और अमित शाह अपनी सबसे मुश्किल चुनावी लड़ाइयों में से एक से मुकाबिल, अपने गृह प्रदेश को नए जोशो-खरोश से भरे विपक्ष से बचाने की चुनौती मुंहबाए खड़ी

तस्वीरों में गुजरात गौरव की जंग तस्वीरों में गुजरात गौरव की जंग

भाजपा की शीर्षस्थ जोड़ी नरेंद्र मोदी और अमित शाह अपनी सबसे मुश्किल चुनावी लड़ाइयों में से एक से मुकाबिल, अपने गृह प्रदेश को नए जोशो-खरोश से भरे विपक्ष से बचाने की चुनौती मुंहबाए खड़ी

तस्वीर एकः प्रधानमंत्री मोदी 8 अक्तूबर को वडनगर में. 

वोट पडऩे में अभी डेढ़ महीना बाकी है और भाजपा के स्टार प्रचारक नरेंद्र मोदी अभी चुनाव प्रचार के अखाड़े में उतरे ही हैं. पार्टी मानती है कि मोदी का असर उन्हें वोटों की दौड़ में आगे निकाल देगा. शुरुआती रिपोर्टों ने उनका उत्साह बढ़ाया है. वडोदरा में 22 अक्तूबर को मोदी के रोडशो और अहमदाबाद में उनके गुजरात गौरव सम्मेलन को उत्साह से भरी प्रतिक्रिया मिली.

तस्वीर दोः राहुल गांधी दाहोद की सभा मेंः राज्य के कुल 4.32 करोड़ मतदाताओं में से 65 फीसदी 35 साल से कम उम्र के हैं और पाटीदार, ओबीसी क्षत्रिय और दलित समुदायों के नेताओं की तिकड़ी के साथ खुद कांग्रेस भी नए जोश के साथ करवट लेती दिखाई दे रही है जिसकी अगुआई अगली कतार से पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी कर रहे हैं और गद्दीनशीन पार्टी पर एक के बाद एक तंज के गोले दाग रहे हैं.

और तिकड़ीः

जातियों से जुड़े तीन नेताओं—हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश मेवाणी—के नए विपक्षी मोर्चे ने राज्य भाजपा के नेताओं की रातों की नींद उड़ा दी है. राज्य के कुल 4.32 करोड़ मतदाताओं में से 65 फीसदी 35 साल से कम उम्र के हैं और पाटीदार, ओबीसी क्षत्रिय और दलित समुदायों के नेताओं की इस तिकड़ी ने अपने युवाओं के मन को छुआ है और अपनी ताकत कांग्रेस के साथ झोंक दी है.

तस्वीर चारः ताकत की मालाः अहमदाबाद के पास 16 अक्तूबर को गुजरात गौरव सम्मेलन में अमित शाह और मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

भाजपा मानती है कि मोदी का असर उन्हें वोटों की दौड़ में आगे निकाल देगा. शुरुआती रिपोर्टों ने उनका उत्साह बढ़ाया है. वडोदरा में 22 अक्तूबर को मोदी के रोडशो और अहमदाबाद में उनके गुजरात गौरव सम्मेलन को उत्साह से भरी प्रतिक्रिया मिली. वाकई कई विश्लेषक मानते हैं कि भाजपा भले ही चौतरफा घिरी हो पर वह हारेगी नहीं. मुख्यमंत्री विजय रूपाणी कांग्रेस को खारिज करते हुए कहते हैं, ''बह हर चुनाव से पहले भाजपा के खिलाफ भावनाएं भड़काने की कोशिश करती है और फिर धूल चाटती है." कुछ आंकड़े दोहराते हुए वे बताते हैं कि भाजपा और अमित शाह का 150 सीटों का लक्ष्य ठोस तर्क पर टिका है. 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को 182 विधानसभा क्षेत्रों में से 165 में बढ़त मिली थी और उसने राज्य की सभी 26 सीटें अपनी झोली में डाल ली थीं. वे कहते हैं, ''यह प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर नरेंद्रभाई का असर था. और आज वह प्रधानमंत्री हैं, बेदाग प्रधानमंत्री, जिन्होंने कई साल बाद हिंदुस्तान की सबसे साफ-सुथरी सरकार दी है." जादू जगाने के लिए पार्टी मोदी के अलावा अमित शाह की रणनीति, पार्टी की संगठन क्षमता, और गौरव यात्राओं पर भरोसा कर रही है. इन गौरव यात्राओं की अगुआई राज्य भाजपा अध्यक्ष जीतू वाघानी और उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने की और इनमें 5,000 किमी का फासला तय किया गया. इन यात्राओं में नारा थाकृहूं छूं विकास, हूं छूं गुजरात (मैं विकास हूं, मैं गुजरात हूं). 

तस्वीर चारः तोहफो की झड़ी

गुजरात की चिंता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बारंबार गुजरात यात्राओं में भी झलकती है. वे पिछले पांच महीनों में आठ बार गुजरात का सफर कर चुके हैं. अपनी गैर-मौजूदगी की भरपाई कर रहे बहुत ज्यादा लाड़ करने वाले अभिभावक की तरह मोदी ने तोहफों की झड़ी लगा दी. उन्होंने 15,000 करोड़ रु. से ज्यादा की परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किया. इसमें 1.1 लाख करोड़ रु. की अहमदाबाद-मुंबई हाइ स्पीड रेल शामिल नहीं है जिसकी आधारशिला उन्होंने 14 सितंबर को रखी थी. यह सिलसिला यहीं नहीं रुका. उन्होंने सरदार सरोवर बांध परियोजना राष्ट्र को समर्पित की और घोघा तथा दाहेज के बीच 615 करोड़ रु. की रोल-ऑन रोल-ऑफ फेरी सेवा के पहले चरण का उद्घाटन भी किया.

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