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उत्तर प्रदेशः योगी और मुख्य प्रतिद्वंद्वी

चुनाव के आधे निबटने के बाद ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर राज चेंगप्पा के साथ बातचीत में दोनों नेताओं ने अब तक के मतदान पर अपने आकलन और इस बार के मुख्य मुद्दों और मसलों पर अपने विचार साझा किए. मुख्य अंश:

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दांव कितना मजबूत गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सपा की उम्मीदवार सुभावती शुक्ला प्रचार के दौरान दांव कितना मजबूत गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सपा की उम्मीदवार सुभावती शुक्ला प्रचार के दौरान

समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और भारतीय जनता पार्टी के योगी आदित्यनाथ दोनों ही देश के सबसे अधिक आबादी वाले सूबे के मुख्यमंत्री के तौर पर एक कार्यकाल पूरा कर चुके हैं. अब दोनों चुनावी मैदान में हैं और दोनों ही मुख्य प्रतिद्वंद्वी माने जा रहे हैं. चुनाव के आधे निबटने के बाद ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर राज चेंगप्पा के साथ बातचीत में दोनों नेताओं ने अब तक के मतदान पर अपने आकलन और इस बार के मुख्य मुद्दों और मसलों पर अपने विचार साझा किए. मुख्य अंश:

 विधानसभा चुनाव के आधा निबटने के बाद, आपकी राय में मुख्य चुनावी मुद्दे क्या हैं?

योगी आदित्यनाथ: उत्तर प्रदेश में मुख्य मुद्दा सुरक्षा, कानून का शासन है. प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा की गारंटी कौन दे सकता है, दंगा और भय से मुक्त वातावरण कौन प्रदान कर सकता है, सभी प्रकार की गुंडागर्दी और अराजकता से कौन छुटकारा दिला सकता है? भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार ने राज्य में ऐसा माहौल बनाया है जहां हर व्यक्ति सुरक्षित और संरक्षित महसूस करता है.

स्वतंत्रता की गारंटी है, प्रत्येक का सम्मान किया जाता है और उसे सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा गया है. मुझे खुशी है कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में लोगों की सेवा करने में सक्षम हुए हैं.

अखिलेश यादव: इस बार डबल इंजन वाली सरकार पटरी से उतर जाएगी; जनता उसे जीतने नहीं देगी. पिछले पांच साल में योगी सरकार ने कई वादे किए, लेकिन पूरा नहीं किया. उन्होंने 70 लाख नौकरियों का वादा किया था जो वे नहीं दे सके, उनकी निवेशकों के साथ बैठकें हुईं, लेकिन राज्य में कुछ भी नहीं आया. असली मुद्दा युवाओं में बेरोजगारी है.

एक अन्य मुद्दा किसानों का संकट है—योगी सरकार ने वादा किया था कि उनकी आय दोगुनी हो जाएगी लेकिन वह ऐसा नहीं कर सकी. आप भी देखिए कीमतों में कितनी तेजी आई है. और वे कानून व्यवस्था की बात करते हैं. लखनऊ में एक महिला कांस्टेबल का अपहरण कर हत्या कर दी गई, लेकिन दो दिन बाद ही लाश मिली. एक आइपीएस अधिकारी फरार है. ऐसी और भी कई घटनाएं हैं. मेरा ट्रैक रिकॉर्ड बेहतर था. आप आंकड़े देख लीजिए.

 इस चुनाव में जाति का फैक्टर कितना मजबूत है?

आदित्यनाथ: इसकी कोई भूमिका नहीं है. जनता जानती है कि उत्तर प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा जातिवाद, परिवारवाद और भ्रष्टाचार हैं. 2019 में विपक्ष ने महागठबंधन बनाया. लोगों ने भाजपा को 80 में से 62 सीटें दीं. जनता जनार्दन ने 2014, 2017 और 2019 में राष्ट्रवाद, विकास और सुशासन के मुद्दे पर मतदान किया. जनता 2022 में भाजपा को उसी तरह वोट देगी क्योंकि हम 'सबका साथ, सबका विकास’ में विश्वास करते हैं.
  
अखिलेश: इसकी भूमिका हमेशा रहती है. इस बार हमने गठबंधन बनाया है जिसमें सभी जाति और समुदाय हैं. मैंने हरेक को जगह दी है और सभी का सम्मान किया है. हमने टिकट इस तरह बांटे हैं कि सभी जाति और समुदाय शामिल हों. हम जाति नहीं विकास पर ध्यान दे रहे हैं. अगर बाबाजी (योगी) परिवारवाद की बात कर रहे हैं, तो ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बहनों का क्या? राजनाथ सिंह और उनके बेटे के बारे में क्या?  

 बतौर मुख्यमंत्री आपकी क्या उपलब्धियां रही हैं और अगले कार्यकाल के लिए क्या योजनाएं हैं?

आदित्यनाथ: मैंने पांच साल में उत्तर प्रदेश के बारे में देश और दुनिया की धारणा बदल दी है. 2017 से पहले, लोगों का मानना था कि यूपी में दंगे होते हैं, भय का माहौल, अराजकता, गुंडागर्दी थी और युवा पहचान के संकट का सामना कर रहे थे. यूपी ने पांच साल में उस धारणा को बदल दिया है. आज यूपी विकास के बारे में सोच रहा है, यूपी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में सोच रहा है.

उत्तर प्रदेश एक प्रगतिशील राज्य बन गया है, इसकी अर्थव्यवस्था बहुत अच्छी स्थिति में है. पहले इसे देश की छठी या सातवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था माना जाता था, आज यह दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में हम 14वें स्थान पर थे; पिछले पांच वर्षों में हम दूसरे स्थान पर पहुंचे हैं. हम आने वाले पांच साल में उत्तर प्रदेश को नंबर वन अर्थव्यवस्था बनाएंगे. इसके लिए हमें डबल इंजन वाली सरकार चाहिए. 

अखिलेश: इन्फ्रास्ट्रक्चर में हमने जो काम किया था, उसे लोग आज भी याद करते हैं. हमने विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे, महानगरों, विश्वविद्यालयों, प्रशिक्षण संस्थानों और अस्पतालों का निर्माण किया. हम बेहतरीन पुलिस सुधार प्रणाली ले आए. भाजपा केवल उन परियोजनाओं का फीता काट रही है, जिन्हें हमने मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल में शुरू किया था.

हमारे पहले किए कामों पर लोगों को भरोसा है और अगर हम जीतते हैं तो हम लोगों की सेवा करना जारी रखेंगे. मेरा इरादा अगली पीढ़ी के लिए हालात निर्माण करने की है. उनके सपने हैं और हमें उन्हें पूरा करने में उनकी मदद करनी चाहिए. अगर उनके पास कुछ नहीं होगा, तो हमारे भविष्य का क्या होगा? मैं दोगुनी रफ्तार से काम करूंगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तिगुना बड़ा कर दूंगा.

 अपने प्रतिद्वंद्वी को कैसे देखते हैं?

आदित्यनाथ: अखिलेश जी को देश और दुनिया के बारे में कुछ पता नहीं है. वे दोपहर 12 बजे उठते हैं, दोपहर 2 बजे तक तैयार होते हैं. उसके बाद कोई पढ़ा-लिखा आदमी आकर उनको समझाता है. वे तीन-चार बातें रटकर बोलते हैं और फिर उनका दिन भर का काम निबट जाता है. उनसे इससे बेहतर की उम्मीद नहीं की जा सकती. उन्हें सबसे निकम्मा मुख्यमंत्री का दर्जा दिया गया था. आज उत्तर प्रदेश में एक ऐसा सीएम है जिसे देश में नंबर एक के रूप में दर्जा दिया गया है. हमारे बीच यही अंतर है.

अखिलेश: हमने देखा है कि जब कोई बच्चा फेल हो जाता है, तो उसके माता-पिता स्कूल जाते हैं और स्कूल के अधिकारियों को उसे पास करने के लिए मना लेते हैं. यही प्रधानमंत्री करने की कोशिश कर रहे हैं, साथ ही डबल इंजन वाली सरकार की भी बात कर रहे हैं. बाबा मुख्यमंत्री पूरी तरह विफल रहे हैं.

 चुनाव कौन जीतेगा?

आदित्यनाथ: हमने एक बार फिर 300+ का लक्ष्य रखा है और मुझे 100 प्रतिशत विश्वास है कि हम इसे पार कर लेंगे.

अखिलेश: यूपी ने पिछले चुनावों में हमेशा पूर्ण बहुमत दिया है और इस बार हमें फिर से बहुमत मिलेगा.

अखिलेश जी को देश-दुनिया के बारे में कुछ पता नहीं है. उन्हें सबसे निकम्मा मुख्यमंत्री कहा गया था. आज यूपी के सीएम का दर्ज नंबर एक का है 
योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

जब कोई बच्चा फेल हो जाता है, तो उसके मां-बाप स्कूल जाते हैं और उसे पास करने को कहते हैं. यही प्रधानमंत्री बाबाजी के लिए करने की कोशिश कर रहे हैं 
अखिलेश यादव, अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी

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