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''जो गलत तरीके से नौकरी में आया है, उसे जाना होगा’’

मैं नियुक्तियों में हुई गड़बड़ियों के आरोपों पर सर्जिकल अप्रोच के साथ काम कर रही हूं. रिपोर्ट के आधार पर पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की जाएगी

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उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण

उत्तराखंड विधानसभा की भर्तियों में गड़बड़ी के आरोपों पर विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण से इंडिया टुडे के सीनियर स्पेशल करस्पांडेंट  हिमांशु शेखर की बातचीत के अंश:

उत्तराखंड के गठन से लेकर अब तक विधानसभा में हुई नियुक्तियों में गड़बड़ियों के आरोप लग रहे हैं. विधानसभा अध्यक्ष के तौर पर आप इन आरोपों को कैसे देख रही हैं?

कुछ दिन पहले से मीडिया में यह बात आ रही थी कि विधानसभा में हुई नियुक्तियों में गड़बड़ी के कुछ मामले हैं. मैंने नियुक्त लोगों की सूची मंगाई और उसे देखा. इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का पत्र भी आया जिसमें उन्होंने इन आरोपों की जांच कराने का सुझाव दिया. इसके बाद हमने एक तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया ताकि इस मामले की निष्पक्ष और सही जांच हो सके.

यह समिति क्या राज्य गठन से लेकर अब तक विधानसभा में हुई सभी नियुक्तियों की जांच करेगी?

जब राज्य बना था तो हमारे पास नियुक्तियों के लिए अपनी कोई नियमावली नहीं थी. 2012 तक उत्तर प्रदेश की नियमावली के आधार पर नियुक्तियां हुईं. इसके बाद उत्तराखंड की अलग नियमावली बनी और उसके आधार पर नियुक्तियां हुईं. 2012 के बाद के सारे मामले जांच के दायरे में हैं और अगर जरूरत पड़ी तो समिति इसके पहले के मामलों की भी जांच करेगी. 

आज उत्तर प्रदेश से अधिक कर्मचारी उत्तराखंड विधानसभा में हैं. इस विसंगति को आप कैसे दूर करेंगी?

उत्तराखंड में अधिक नियुक्तियों की एक वजह दो राजधानी देहरादून और गैरसेण होना भी है. फिर भी यह सही है कि विधानसभा में कर्मचारियों की संख्या को लेकर राइट साइजिंग की जरूरत है. समिति की सिफारिश आने के बाद हम कर्मचारियों की अधिकतम संख्या तय करेंगे.

आपके द्वारा तय संख्या से अधिक कर्मचारी हुए तो क्या आप उन्हें हटाएंगे?

अभी यह तय नहीं किया गया. एक विकल्प यह है कि नई नियुक्तियों पर एक निश्चित अवधि के लिए रोक लगा दें.

एक विधानसभा अध्यक्ष ने इस पद के विशेषाधिकार का हवाला देकर नियुक्तियों को सही ठहराने की कोशिश की है. इस पर आप क्या कहेंगी?
जब हर नियुक्ति की जांच होगी तो उसमें संविधान के दायरे में विशेषाधिकार को भी देखा जाएगा और तय किया जाएगा कि सही हुआ है या गलत.

जो नियुक्तियां तय प्रक्रिया के तहत नहीं पाई गईं, क्या आप उन्हें रद्द करेंगी?

जो गलत प्रक्रिया से आया है, उसे जाना पड़ेगा. मैं नियुक्तियों में हुई गड़बड़ियों के आरोपों पर सर्जिकल अप्रोच के साथ काम कर रही हूं. रिपोर्ट के आधार पर पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की जाएगी और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई होगी.

-हिमांशु शेखर

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