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''सरकार का प्रण है कि दोषियों को सही सबक मिले’’

भविष्य में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी हो इसके लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया बनाने का कार्य करने के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

उत्तराखंड में कई भर्ती प्रक्रियाओं में धांधली की खबरें आई हैं. इन मामलों में सरकार क्या कर रही है और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सरकार की क्या रणनीति है, इन मसलों पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से  इंडिया टुडे के सीनियर स्पेशल करस्पांडेंट हिमांशु शेखर की बातचीत के अंश:  

उत्तराखंड कई भर्ती घोटालों को लेकर चर्चा में है. यूकेएसएसएससी में इतने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की बात सामने आ रही है. उत्तराखंड सरकार इस मामले में क्या कर रही है? 

यूकेएसएसएससी भर्ती मामले में भी जैसे ही हमें गड़बड़ियों की जानकारी मिली, हमने जांच का काम एसटीएफ को सौंप दिया. इस जांच का नतीजा यह रहा कि 40 दिन में 34 लोग गिरफ्तार हुए. जांच अभी जारी है और संभव है कि आने वाले दिनों में और लोग गिरफ्तार हों. सरकार का प्रण है कि इस मामले में दोषियों को सही सबक मिले और भविष्य के लिए यह एक नजीर साबित हो ताकि भविष्य में कोई भी हमारी नियुक्ति प्रक्रियाओं में छेड़छाड़ न कर पाए.

विधानसभा की नियुक्तियों में भी गड़बड़ी का मामला सामने आया है. विधानसभा के अध्यक्ष रहे नेताओं ने, चाहे वे भाजपा के रहे हों या कांग्रेस के, अपने और दूसरे नेताओं, अधिकारियों और पत्रकारों के परिजनों को नौकरी दी. इस मामले में आपकी सरकार क्या कर रही है?

जहां तक विधानसभा नियुक्तियों में पाई गई अनियमितताओं का प्रश्न है उसके लिए हमने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि समस्त विवादित नियुक्तियों की जांच की जाए और जिन नियुक्तियों में तय प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ उन्हें निरस्त किया जाए. चूंकि ये मामला विधानसभा अध्यक्ष के कार्यक्षेत्र में आता है, अत: वे ही इस पर अंतिम फैसला लेंगी. मुझे खुशी है कि उन्होंने विधानसभा में राज्य बनने के उपरांत हुई सभी नियुक्तियों की जांच के आदेश दिए हैं. मुझे पूरा विश्वास है कि जांच की जो रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर न सिर्फ नियुक्तियां निरस्त होंगी बल्कि दोषियों पर उचित कानूनी कार्रवाई भी होगी. साथ ही मैंने विधानसभा अध्यक्ष से यह भी आग्रह किया है कि भविष्य की नियुक्तियां पूरी पारदर्शिता के साथ हों, इसके लिए भी जरूरी प्रक्रिया अपनाई जाए.

इन दोनों मामलों के अलावा प्रदेश की कई और भर्तीयां आरोपों के घेरे में हैं. वह चाहे सचिवालय रक्षक भर्ती मामला हो या फिर दारोगा ऑनलाइन भर्ती. आखिर प्रदेश में ऐसा क्यों हो रहा है कि कई भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा?

आपने जिन मामलों का उल्लेख किया, उन सबकी जांच चल रही है. इसके अलावा भी कुछ भर्तियों पर सवाल उठे हैं. हम उनकी भी जांच करा रहे हैं. जांच से ही यह पता चल पाएगा कि ये गड़बड़ियां कैसे हुईं और इनमें कौन लोग शामिल थे. जैसा कि मैंने पहले भी कहा कि इन भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी करने के जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी. हमें एक नजीर बनाना है ताकि भविष्य में भर्ती प्रक्रियाओं में कोई गड़बड़ी न होने पाए. 

भविष्य में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी हो और इनमें कोई ऐसी गड़बड़ी न हो, इसके लिए आपकी सरकार की क्या योजना है?

भविष्य में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी हो इसके लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया बनाने का कार्य करने के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है. इसके लिए हमने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे दिए हैं. कई जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. बहुत जल्दी इसके परिणाम प्रदेश की जनता को दिखेंगे. हमारी सरकार पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.

उत्तराखंड गठन के लिए जो आंदोलन चला था, उसमें स्थानीय युवाओं का रोजगार भी एक प्रमुख मुद्दा था. कई भर्तियों में धांधली की बात आने से प्रदेश का युवा आज कहीं न कहीं हतोत्साहित है. इस पर आप क्या कहेंगे?

मैं प्रदेश के युवाओं को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मेरी सरकार उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराया जाएगा. राज्य के विकास में युवाओं की प्रमुख भूमिका है, इसलिए उनके हितों से समझौता करने का प्रश्न ही नहीं उठता. युवाओं को समान अवसर उपलब्ध कराने और उनके भविष्य की रक्षा के लिए जो भी जरूरी कदम उठाने होंगे, सरकार वे सारे कदम उठाएगी.

 

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