scorecardresearch
 

सिनेमाः सफलता की सीढ़ी पर

वे आसानी से हार मानने वाली नहीं हैं, फातिमा सना शेख धीरे-धीरे लेकिन मजबूती से इस गलाकाट उद्योग में अपनी जगह बना रही हैं.

दंगल की कामयाबी के बाद ठग्स ऑफ हिंदुस्तान में भाग्य ने उनका साथ नहीं दिया लेकिन ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नई लॉन्चिंग के साथ उन्होंने फिर वापसी की है दंगल की कामयाबी के बाद ठग्स ऑफ हिंदुस्तान में भाग्य ने उनका साथ नहीं दिया लेकिन ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नई लॉन्चिंग के साथ उन्होंने फिर वापसी की है

फातिमा सना शेख में आगे बढऩे की सारी खूबियां मौजूद थीं. एकाध अवसर गंवाने के बाद उन्होंने फिल्म दंगल में अपने लिए अहम भूमिका हासिल कर ली. उन्होंने फिल्म में महावीर की भूमिका निभाने वाले आमिर खान की विद्रोही बेटी की भूमिका निभाई थी. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 374 करोड़ रु. की कमाई की थी जो भारतीय सिनेमा में अब तक सबसे ज्यादा कारोबार करने वाली फिल्म बाहुबली: द बिगनिंग की कमाई के बाद दूसरे नंबर थी.

जल्दी ही उन्हें यश राज फिल्म्स की फिल्म ठग्स ऑफ हिंदुस्तान में बेहतरीन भूमिका मिल गई. इसमें उनके साथ खान और अमिताभ बच्चन ने भी काम किया था. ऐसा लग रहा था कि सना शेख को उस फिल्म इंडस्ट्री में उनका सपना पूरा करने से कोई रोक नहीं सकता, जहां उनकी शुरुआत बाल कलाकार (चाची 420) के रूप में हुई थी. लेकिन बॉक्स ऑफिस पर ठग्स.. के पिट जाने के बाद सना को लगा कि अब उनका करियर ज्यादा चलने वाला नहीं है. वे कहती हैं, ''इसे बहुत नापसंद किया गया. मेरा दिल टूट गया.’’ 

इसके बाद उन्हें फिल्में मिलनी बंद हो गईं. फिल्म उद्योग में नया-नया कदम रखने वाली एक, बाहरी, लड़की के तौर पर उन्हें यह पता नहीं था कि यह उद्योग कैसे काम करता है इसलिए उन्होंने वही किया जो हर कोई करता है: खुद को प्रचारित करने के लिए जनसंपर्क एजेंसी का सहारा लिया. सना शेख कहती हैं, ''अगर बात करने के लिए कुछ नहीं है तो आप इंटरव्यू में क्या बोलेंगे.’’

दीवाली पर ठग्स.. के बुरी तरह फ्लॉप हो जाने के दो साल बाद आखिरकार इस दीवाली पर 28 वर्षीया सना के पास बताने को कुछ है क्योंकि एक नहीं बल्कि दो-दो फिल्में रिलीज होने जा रही हैं. पहली फिल्म लूडो 12 नवंबर को नेटक्रिलक्स पर आ रही है तो दूसरी उसके अगले ही दिन सूरज पर मंगल भारी  रिलीज हो रही है. पहली फिल्म अपराध पर आधारित है जिसमें उन्होंने एक युवा मां की भूमिका निभाई है जो अपनी मदद के लिए अपने ऊपर फिदा एक सहपाठी (राजकुमार राव) का इस्तेमाल करती है, दूसरी फिल्म कॉमेडी है, इसमें उनकी भूमिका एक ऐसी औरत की है जो एक आदर्श बहन और एक बेफिक्र गर्लफ्रेंड के बीच झूलती रहती है.

शेख बहुत खुश है कि दोनों फिल्में रिलीज होने की तैयारी में हैं, भले ही वह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर क्यों न हो. वे कहती हैं, ''पहले से ही घबराहट महसूस हो रही है. भले ही आप अच्छे कलाकार हों लेकिन बहुत समय से नजर नहीं आ रहे हों तो लोग आपको भूल जाते हैं. और इसमें उनकी गलती नहीं है.’’

वे कहती हैं, सूरज...उनके पास तब आई जब ठग्स... के बाद उनकी जिंदगी अनिश्चय में थी. वे अभिषेक व्यास जो उस समय जी स्टूडियो में प्रोड्यूसर थे, के पास गईं और साफ-साफ कह दिया, ''मैं बेरोजगार हूं, कुछ है तो बता देना.’’ उन्हें कहानी सुनने के लिए बुलाया गया और उसी वक्त उनकी भूमिका के लिए उन्हें चुन लिया गया. मनोज वाजपेयी और दलजीत के साथ काम करते हुए उन्हें अब यकीन हो गया है कि उनका करियर अब फिर से राह पकड़ चुका है.

सना, वाजपेयी, शाहरुख खान और प्रियंका चोपड़ा जोनास की मिसाल देते हुए बताती हैं कि इंडस्ट्री के बाहर से आने वालों के लिए सफलता और प्रसिद्धि हासिल करना असंभव नहीं है. लेकिन वे यह भी जोड़ती हैं कि ऐसे लोगों के लिए चुनौतियां बहुत हैं जबकि पहले से जमे परिवार के कलाकारों को इनका सामना नहीं करना पड़ता है.

सना कहती हैं, ''उन्हें काम मिल जाता है और बहुत से मौके भी लेकिन भाई-भतीजावाद तो हर उद्योग में होता है, चाहे वह राजनीति हो या बिजनेस.’’ सना अपने संघर्ष के बारे में खुलकर बताती हैं. वे कहती हैं, ''ऐसा भी समय था जब मैंने चरित्र भूमिकाएं की थीं तो मेरे साथ दुर्व्यवहार भी हुआ था. लेकिन मैं ऐसी लड़की नहीं हूं कि मन में गांठ बांध लूं. यह बेरहम उद्योग है. मुझे पता है कि अब इसमें कदम रख चुकी हूं.’’फिल्म उद्योग में पांच साल बिताने के बाद सना शेख अब अपना पैर धीरे-धीरे जमा रही हैं. कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा कहते हैं, ''वे दौड़ तो नहीं लगा रही हैं लेकिन धीरे-धीरे जगह बनाती जा रही हैं.’’ सना ने उद्योग जमे रहने का हुनर सीख लिया है. वे लंबे समय के लिए यहां टिकने वाली हैं.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें