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भारत में कोरोना की तीसरी लहर का पीक आना अभी बाकी, एक्सपर्ट ने बताया कब चरम पर होगा खतरा

देश में बीते 24 घंटे में ढाई लाख से ज्यादा मामले सामने आने के बाद मंगलवार को हेल्थ एक्सपर्ट ने इस पर चिंता जाहिर की है. एक्सपर्ट ने कहा कि कोविड-19 की मौजूदा लहर का पीक अभी देखना बाकी रह गया है. इस चिंता में हेल्थ एक्सपर्ट ने ग्रामीण इलाकों का हवाला दिया है.

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भारत में तीसरी लहर का पीक देखना अभी बाकी, एक्सपर्ट ने बताय कब चरम पर होगा खतरा (Photo: Reuters) भारत में तीसरी लहर का पीक देखना अभी बाकी, एक्सपर्ट ने बताय कब चरम पर होगा खतरा (Photo: Reuters)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भारत में जल्द नजर आ सकता है कोरोना का पीक
  • शहरों के बार ग्रामीण इलाकों को लेकर बढ़ी एक्सपर्ट की चिंता

कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं. देश में बीते 24 घंटे में ढाई लाख से ज्यादा मामले सामने आने के बाद मंगलवार को हेल्थ एक्सपर्ट ने इस पर चिंता जाहिर की है. एक्सपर्ट ने कहा कि कोविड-19 की मौजूदा लहर का पीक अभी आना बाकी रह गया है. हेल्थ एक्सपर्ट ने ग्रामीण इलाकों को लेकर भी चिंता जाहिर की है.

भारत में मंगलवार को पिछले दिन के मुकाबले 50,190 मामले कम दर्ज किए गए. देश में कुल 614 लोगों की मौत हुई और एक्टिव मामलों की संख्या 22 लाख 36 हजार के पार पहुंची. एक्सपर्ट ने यह भी कहा कि दूसरी लहर की तुलना में नए वैरिएंट में हॉस्पिटलाइजेशन के मामले बहुत कम हैं. लेकिन पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे कोरोना संक्रमितों को अभी भी हॉस्पिटल में एडमिट और आईसीयू बेड की जरूरत पड़ रही है.

एक्सपर्ट ने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से आई कोविड-19 की तीसरी लहर ने भारत को अपनी चपेट में ले लिया है. WHO ने भी ओमिक्रॉन को 'वैरिएंट ऑफ कन्सर्न' के रूप में सूचीबद्ध किया है जो सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था. हल्के लक्षणों वाले इस नए वैरिएंट में मौत का कम जोखिम देखा गया है. हालांकि इसका ट्रांसमिशन बहुत ज्यादा है और ये बड़ी चालाकी से इम्यूनिटी को चकमा दे सकता है.

अगले एक या दो हफ्ते में आ सकता है पीक

अपोलो हॉस्पिटल, इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सुरनजीत चटर्जी ने लाइव मिंट से बताया कि बड़े शहर पहले ही इस लहर का पीक देख चुके हैं और अब इसका ग्राफ नीचे की ओर जाता दिख रहा है. लेकिन टीयर-1 व टीयर-2 की श्रेणी में आने वाले शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में इसके कम मामले दर्ज किए गए हैं. एक देश के रूप में भारत अगले एक या दो हफ्तों के अंदर तीसरी लहर का पीक देख सकता है.

डॉ. चटर्जी ने कहा, 'भारत में ओमिक्रॉन अब तक बहुत हल्के लक्षण वाला रहा है. लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं और तेजी से रिकवर भी हो रहे हैं. इसके बावजूद हमें सुरक्षा के पैमानों में ढील नहीं देनी चाहिए.' एक अन्य एक्सपर्ट डॉ. डीएस राणा का मानना है कि हल्के इंफेक्शन और तेजी से रिकवरी के कारण लोग टेस्टिंग को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं. कई लोगों ने रैपिड एंटीजन सेल्फ-टेस्ट किट का विकल्प अपनाया है. इस वजह से भी दैनिक मामलों की संख्या में कमी आ रही है.

दिल्ली स्थित सर गंगा राम हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. राणा ने कहा, 'डेल्टा वैरिएंट के वक्त भी बिल्कुल ऐसा ही हुआ था, जब शहरों में कोरोना का ग्राफ नीचे जा रहा था तब ग्रामीण इलाकों में संक्रमितों की संख्या बढ़ रही थी. कोविड मुख्य रूप से एक रेस्पिरेटरी डिसीज है जिसकी संक्रामकता जनसंख्या घनत्व पर निर्भर करती है.'

एक्सपर्ट ने कहा, 'डेल्टा लहर के विपरीत, बहुत से लोगों ने गांव जाने की बजाए शहरों में ही रहने का विकल्प चुना. इन सबके बावजूद नए वैरिएंट के हाई ट्रांसमिशन के कारण ग्रामीण इलाकों में रहने वाली आबादी निश्चित तौर पर अगले कुछ हफ्तों में नई लहर का पीक देखेगी. हालांकि ये मामले रिकॉर्ड होंगे या नहीं, ये काफी हद तक वहां के टेस्टिंग प्रोसेस पर निर्भर करेगा.'

 

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