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फैक्ट चेक: ‘मिर्जापुर 2’ ट्रेलर रिलीज के बाद एक्टर अली फजल का फर्जी ट्वीट वायरल

एक्टर अली फजल के एक कथित ट्वीट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें दिल्ली दंगों को जायज ठहराने के अंदाज में दंगों में मारे गए एक अफसर की लाश की फोटो के साथ तंज कसा गया है. नाले से निकाली जा रही अफसर की लाश की दर्दनाक तस्वीर के साथ लिखा है, “विरोध प्रदर्शन: शुरू मजबूरी में किए थे पर अब मजा आ रहा है.” जानते हैं क्या है सच्चाई.

सोशल मीडिया में मिर्जापुर 2 के बहिष्कार की बात की जा रही सोशल मीडिया में मिर्जापुर 2 के बहिष्कार की बात की जा रही

गोलियों की बौछार और अपने टशन में चूर कालीन भैया, गुड्डू पंडित जैसे किरदारों वाली वेब सिरीज ‘मिर्जापुर 2’ का ट्रेलर रिलीज हो चुका है. खबर लिखे जाने तक तकरीबन 1.6 करोड़ लोग ये ट्रेलर देख चुके हैं. जहां एक बड़े वर्ग को इस सिरीज का बेसब्री से इंतजार है तो एक वर्ग ऐसा भी है जो इसके खिलाफ ‘#BoycottMirzapur2’ अभियान चला रहा है. इस नाराजगी की एक बड़ी वजह यह है कि इस सिरीज से जुड़े अभिनेता अली फजल ने नागरिकता कानून के विरोध में होने वाले प्रदर्शनों का समर्थन किया था.

इस बीच अचानक एक्टर अली फजल के एक कथित ट्वीट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें दिल्ली दंगों को जायज ठहराने के अंदाज में दंगों में मारे गए एक अफसर की लाश की फोटो के साथ तंज कसा गया है. नाले से निकाली जा रही अफसर की लाश की दर्दनाक तस्वीर के साथ लिखा है, “विरोध प्रदर्शन: शुरू मजबूरी में किए थे पर अब मजा आ रहा है.”

कहा जा रहा है कि एक्टर अली फजल ने अपने इस ट्वीट के जरिये फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों का समर्थन किया था, अपनी वेब सिरीज मिर्जापुर के डायलॉग का सहारा लेकर दंगों में हुई हिंसा को जायज ठहराया था. लिहाजा, अब उनकी वेब सिरीज ‘मिर्जापुर 2’ का बहिष्कार किया जाना चाहिए.

अली फजल का डिलीट ट्वीट

इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि एक्टर अली फजल के जिस कथित ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर हो रहा है, उसमें लिखी बात तो उन्होंने अपने ट्वीट में कही थी, पर उसके साथ कोई फोटो नहीं शेयर की थी. दिल्ली दंगों से जुड़ी फोटो अली फजल के असली ट्वीट में अलग से जोड़ी गई है.

अली फजल के नाम से शेयर हो रहे कथित ट्वीट के स्क्रीनशॉट में जो फोटो है, उसमें एक नाले के अंदर पड़ी लाश को हाथ में रस्सी बांध कर निकाला जा रहा है.

ट्वीट के स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, “हिंदुओं से डरने वाले अली फजल की वेब सिरीज ‘मिर्जापुर 2’ का बहिष्कार करो. वार ऐसे करो कि उन्हें तकलीफ हो!”

यह दावा ट्विटर पर काफी वायरल है.
 
क्या अली फजल ने ऐसा कोई ट्वीट किया था?

अली फजल ने 19 दिसंबर 2019 को नागरिकता कानून के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए एक ट्वीट किया था- “विरोध प्रदर्शन: शुरू मजबूरी में किए थे, अब मजा आ रहा है!!”.
 

अली फजल का डिलीट ट्वीट

यह साफ देखा जा सकता है कि इस ट्वीट के साथ अली ने कोई भी फोटो शेयर नहीं की थी. बाद में उन्होंने यह ट्वीट डिलीट कर दिया था जिसका आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
 
अली ने ट्वीट को डिलीट करने की वजह भी बताई थी. उन्होंने कहा था कि उनके ट्वीट के जरिये आम लोगों को भ्रमित किया जा सकता था, इसलिए उन्होंने इसे डिलीट कर दिया.

वायरल ट्वीट में इस्तेमाल फोटो की सच्चाई

जब हमने वायरल ट्वीट में शेयर हो रही फोटो को रिवर्स सर्च किया, तो वह हमें ‘इंडिया टुडे’ की एक दिल्ली दंगों से जुड़ी रिपोर्ट में मिली. रिपोर्ट में लिखा है कि दिल्ली दंगों में हुई हिंसा में आईबी के 26 वर्षीय अफसर अंकित शर्मा की जान चली गई थी और बाद में उसकी लाश चांद बाग इलाके के एक नाले से बरामद हुई थी. इस तस्वीर में अंकित की लाश को नाले से निकालने की प्रक्रिया नजर आ रही है. साथ ही, रिपोर्ट में लाश को निकाले जाने की एक और तस्वीर भी है जिसमें कुछ लोग लाठियां पकड़े हुए नाले के अंदर खड़े नजर आ रहे हैं.

'हिंदुस्तान टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों में तकरीबन 50 लोगों की जान चली गई थी और 400 के करीब लोग घायल हुए थे. ये दंगे शुरू तब हुए थे जब नागरिकता कानून का समर्थन करने वालों और इसका विरोध करने वालों के बीच जाफराबाद मेट्रो स्टेशन में टकराव हो गया था.

यानी यह साफ है कि सोशल मीडिया पर एक्टर अली फजल के कथित ट्वीट का जो स्क्रीनशॉट शेयर हो रहा है, वह ​एडिट किया हुआ है. उसमें लिखी बात को अली फजल ने ट्वीट तो किया था पर उन्होंने इसके साथ कोई फोटो शेयर नहीं किया था. दिल्ली दंगों से संबंधित फोटो अली फजल के असली ट्वीट में अलग से जोड़ी गई है.
 

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

एक्टर अली फजल ने अपने एक कथित ट्वीट में दिल्ली दंगों में मारे गए आईबी अफसर की लाश की फोटो शेयर करते हुए ​दंगों को जायज ठहराया.

निष्कर्ष

वायरल ट्वीट में जो बात लिखी है, वह अली फजल ने दिसंबर 2019 में ट्वीट की थी, लेकिन उन्होंने इसके साथ कोई फोटो शेयर नहीं की थी.

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