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फैक्ट चेक: फूलदान ना तोड़ पाने की वजह से बेइज्जती झेल रहे जवानों का ये वीडियो भारतीय सेना का नहीं है

फूलदान को लात से तोड़ने की कोशिश में जवान जमीन पर गिरते नजर आ रहे हैं. एक ट्विटर यूजर ने वीडियो को साझा करते हुए दावा किया है कि ये जवान भारतीय सेना के हैं जो पाकिस्तान से युद्ध करने के लिए तैयारी कर रहे हैं.

सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो रहा है. सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो रहा है.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसके जरिए कुछ पाकिस्तानी यूजर्स भारतीय सेना का मजाक उड़ा रहे हैं. वीडियो किसी सैन्य परेड का लग रहा है जहां कुछ जवान बड़े अफसरों के सामने करतब दिखा रहें हैं. करतब में जवान लात और मुक्के से फूलदान जैसी दिख रही किसी वस्तु को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल रही.

फूलदान को लात से तोड़ने की कोशिश में जवान जमीन पर गिरते नजर आ रहे हैं. एक ट्विटर यूजर ने वीडियो को साझा करते हुए दावा किया है कि ये जवान भारतीय सेना के हैं जो पाकिस्तान से युद्ध करने के लिए तैयारी कर रहे हैं.

वीडियो को इसी दावे के साथ कुछ और भी लोगों ने ट्विटर और यूट्यूब पर शेयर किया है. पोस्ट का आर्कइव यहां देखा जा सकता है.


क्या है सच्चाई?

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. ये 2016 का ईरान की एक मिलिट्री परेड का वीडियो है. इसका भारतीय सेना से कोई संबंध नहीं है. वीडियो के कीफ्रेम्स को इन-विड टूल की मदद से खोजने पर हमें इसको लेकर कुछ खबरें मिलीं. दिसंबर 2016 में छपी अरबी टीवी न्यूज़ चैनल "Al Arabiya" की एक खबर  में वीडियो को ईरानियन मिलिट्री परेड का बताया गया था. वीडियो के वायरल हो जाने की वजह से सोशल मीडिया पर ईरान की सेना का मजाक बन गया था.

उस समय "अल जजीरा" ने भी वीडियो के बारे में अरबी में एक खबर प्रकाशित की थी. खबर में बताया गया था कि इस परेड में उस समय के ईरान के आर्मी चीफ जनरल अताउल्लाह सलेही भी मौजूद थे. परेड में फूलदान ना टूटने की वजह से सलेही और जवानों को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी थी.

रूसी टेलीविजन नेटवर्क "आर टी" ने भी इस वीडियो को 28 दिसंबर 2016 को अपलोड किया था. यहां भी वीडियो को ईरानियन मिलिट्री का बताया गया था.

इन सबूतों से यह स्पष्ट हो जाता है कि वीडियो भारतीय सेना का नहीं बल्कि ईरानी सेना का है. भ्रम फैलाने के लिए पाकिस्तानी यूजर्स इसे झूठे दावे के साथ शेयर कर रहे हैं.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

वीडियो भारतीय सेना के जवानों की पाकिस्तान से युद्ध के करने के लिए की गई तैयारी को दिखाता है.

निष्कर्ष

वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. ये 2016 का ईरान की एक मिलट्री परेड का वीडियो है. इसका भारतीय सेना से कोई संबंध नहीं है.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
सोशल मीडिया यूजर्स
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