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फैक्ट चेक: धार्मिक सौहार्द की मिसाल को सोशल मीडिया ने दिया सांप्रदायिक रंग

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर जमकर वायरल है, जिसके जरिये दावा किया जा रहा है कि केरल में एक मुस्लिम माता-पिता ने अपनी बेटी की शादी एक हिंदू लड़के से करा दी.

वायरल तस्वीर वायरल तस्वीर

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर जमकर वायरल है, जिसके जरिये दावा किया जा रहा है कि केरल में एक मुस्लिम माता-पिता ने अपनी बेटी की शादी एक हिंदू लड़के से करा दी. तस्वीर में एक सजी-संवरी महिला, बुर्का पहने एक अन्य महिला और उसके साथ खड़े एक आदमी के पैर छूते हुए नजर आ रही है. पैर छू रही महिला के बगल में वरमाला पहने एक अन्य व्यक्ति भी देखा जा सकता है. तस्वीर के साथ ये भी कहा जा रहा है कि बेटी अब हिंदू धर्म में सुरक्षित रहेगी.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा आधा सच है. तस्वीर में जो लड़की पैर छूते हुए दिख रही है वो जन्म से ही हिंदू थी जिसे केरल में कई साल पहले एक मुस्लिम दंपति ने गोद लिया था. दंपति ने पिछले साल फरवरी में हिंदू रीति-रिवाज से लड़की की शादी एक हिंदू लड़के से करवाई थी जिसकी काफी सरहाना की गई थी.  

इस तस्वीर को शेयर करते हुए लोग कैप्शन में लिख रहे हैं, "स्वागत नही करोगे? केरल मे मुस्लिम माता पिता ने अपनी बेटी की शादी एक #सनातनी लड़के से करा दी...बेटी हिन्दू धर्म मे सुरक्षित रहेगी... ". फेसबुक और ट्विटर पर अधूरी जानकारी के साथ इस तस्वीर को काफी शेयर किया जा रहा है. वायरल पोस्ट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.

कैसे पता की सच्चाई?

तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर हमें 'जनसत्ता' की वेबसाइट पर फरवरी 2020 की एक खबर मिली जिसमें वायरल तस्वीर सहित शादी की अन्य तस्वीरें मौजूद थीं. यहां दी गई जानकारी के अनुसार, ये शादी केरल के कासरगोड जिले में हुई थी. दुल्हन का नाम राजेश्वरी था जिसकी शादी मंदिर में एक मुस्लिम परिवार ने करवाई थी.

राजेश्वरी करीब पांच-सात साल की थी जब उसे एक मुस्लिम दंपति अब्दुल्ला और खदीजा ने गोद ले लिया था. अब्दुल्ला और खदीजा ने राजेश्वरी के माता-पिता के निधन के बाद उसे गोद लिया था. गोद लिए जाने के बाद राजेश्वरी, अब्दुल्ला और खदीजा के बच्चों के साथ ही पली-बढ़ी. राजेश्वरी की शादी विष्णु प्रसाद नाम के एक लड़के से 16 फरवरी 2020 को हुई थी. मुस्लिम दंपति ने ही राजेश्वरी की शादी के लिए हिंदू लड़का ढूंढा था.

इस बारे में "द टाइम्स ऑफ़ इंडिया" में भी खबर प्रकाशित हुई थी. इस खबर के मुताबिक अब्दुल्ला का कहना था कि उन्होंने राजेश्वरी को कानूनी तौर गोद नहीं लिया था लेकिन वो उनकी बेटी की तरह ही थी. राजेश्वरी की शादी के समय वो 22 साल की थीं. अब्दुल्ला राजेश्वरी के पिता को पहले से जानते थे क्योंकि वो अब्दुल्ला के घर में काम कर चुके थे. राजेश्वरी की शादी पिछले साल सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही थी और इसकी तस्वीरें और वीडियो भी इंटरनेट पर मौजूद हैं.

 

यहां साबित हो जाता कि वायरल पोस्ट पूरी तरह से सच नहीं है. पोस्ट में इस बात का जिक्र नहीं है कि लड़की पहले से हिंदू थी जिसे एक मुस्लिम दंपति ने गोद लिया था. पोस्ट के जरिये ऐसा दिखाने की कोशिश की गई है कि मुस्लिम लड़की की शादी उसके माता-पिता ने एक हिंदू लड़के से करवाई.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

केरल में एक मुस्लिम माता-पिता ने अपनी बेटी की शादी एक हिंदू लड़के से करवाई. लड़की अब हिंदू घर में सुरक्षि‍त रहेगी.

निष्कर्ष

तस्वीर में जो लड़की पैर छूते हुए दिख रही है वो जन्म से ही हिंदू थी जिसे केरल में कई साल पहले एक मुस्लिम दंपति ने गोद लिया था. दंपति ने पिछले साल फरवरी में हिंदू रीति-रिवाज से लड़की की शादी से एक हिंदू लड़के से करवाई थी.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
सोशल मीडिया यूजर्स
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