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फैक्ट चेक: हाथों में तलवार लिए लोगों की ये फोटो हालिया जहांगीरपुरी दंगों की नहीं, दस साल पुरानी है

दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती के मौके पर हिंसा हुई थी. अब एक फोटो को हिंसा का बताकर शेयर किया जा रहा है. इसमें लोग हाथों में तलवार लिए दिख रहे हैं. इसकी पड़ताल की गई तो हकीकत सामने आई.

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ये फोटो दिल्ली हिंसा की बताकर वायरल की जा रही है ये फोटो दिल्ली हिंसा की बताकर वायरल की जा रही है

हाथों में तलवार लिए लोगों की भीड़ की एक फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल है. ऐसा कहा जा रहा है कि ये लोग दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हाल ही में हुई हिंसा के दौरान दंगा करने गए थे.

एक ट्विटर यूजर ने इस फोटो को पोस्ट करते हुए लिखा, “हिंदुत्व आतंकवाद? तलवारें लेकर, लाठियां लेकर शोभायात्रा निकाल रहे थे? जब कोई आत्मरक्षा में आपसे लड़े, वह गुनहगार? हर कट्टरवादी देश को बर्बाद कर देगा. पुलिस को पुरे मुसलमान मिलें? क्या बात हैं? कुछ आतंकवादी CCTV में कैद नही हो सकते? न्याय पर भरोसा करें? #jahagirpuri”.

एक अन्य व्यक्ति ने इसे एक दूसरी फोटो के साथ पोस्ट करते हुए लिखा,“ असलम गिरफ्तार हो चुका है. #HindusUnderAttackInIndia #HinduLivesMatters #Delhi”.

दरअसल, असलम, जहांगीरपुरी हिंसा मामले में गिरफ्तार किए गए एक आरोपी का नाम है.

हमने पाया कि इस फोटो का दिल्ली में हाल ही में हुई हिंसा से कुछ लेना-देना नहीं है. ये तकरीबन 12 साल से इंटरनेट पर मौजूद है.

कैसे पता लगाई सच्चाई?  

रिवर्स सर्च करने पर हमें ये फोटो साल 2010 के कुछ ब्लॉग्स और न्यूज वेबसाइट्स में मिली. 

16 अप्रैल को हनुमान जयंती के मौके पर दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में दो गुटों के बीच टकराव हो गया था. इस दौरान पथराव होने और गोलियां चलने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ में शामिल लोगों को खदेड़ा था. ‘न्यूज 18’ की 22 अप्रैल की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

हालांकि हमें ये पता नहीं लग सका कि ये फोटो कहां की है और इसकी क्या कहानी है. पर इतनी बात साफ है कि एक 12 साल पुरानी तस्वीर को हालिया जहांगीरपुरी हिंसा से जोड़ते हुए भ्रम फैलाया जा रहा है.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

हाथों में तलवारें लिए लोगों की ये भीड़ हाल ही के जहांगीरपुरी दंगों में देखी गई थी.

निष्कर्ष

ये तस्वीर साल 2010 से ही इंटरनेट पर मौजूद है. जाहिर है, इसका दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हाल ही में हुए दंगों से कोई वास्ता नहीं है.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
सोशल मीडिया यूजर्स
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