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फैक्ट चेक: मुजफ्फरनगर महापंचायत में नहीं जा रहे ये आंदोलनकारी किसान, एक साल पुरानी है तस्वीर

महापंचायत से ठीक पहले सोशल मीडिया पर एक तस्वीर खूब वायरल होने लगी जिसमें कुछ बसों की छत पर लोगों की भीड़ देखी जा सकती है. तस्वीर किसी आंदोलन की लगती है क्योंकि लोगों के हाथ में किसान यूनियन के झंडे हैं.

वायरल तस्वीर वायरल तस्वीर

बीते 5 सितंबर को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हुई महापंचायत में किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा. केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हुई इस महापंचायत में देश के कई हिस्सों से किसान पहुंचे. दावा किया गया कि महापंचायत में पांच लाख किसान शामिल हुए.

महापंचायत से ठीक पहले सोशल मीडिया पर एक तस्वीर खूब वायरल होने लगी जिसमें कुछ बसों की छत पर लोगों की भीड़ देखी जा सकती है. तस्वीर किसी आंदोलन की लगती है क्योंकि लोगों के हाथ में किसान यूनियन के झंडे हैं. तस्वीर को मुजफ्फरनगर में हुई किसान महापंचायत से जोड़ा जा रहा है.

कई लोगों ने यही तस्वीर 4 सितंबर को शेयर की और अगले दिन मुजफ्फरनगर में होने वाली किसान महापंचायत से जोड़ा. कहा गया कि ये तस्वीर पंजाब की है और बसों पर दिख रहे लोग मुजफ्फरनगर किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए जा रहे हैं. तस्वीर को ट्विटर और फेसबुक पर कई यूजर्स ने शेयर किया है.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि तस्वीर का मुजफ्फरनगर में हुई महापंचायत से कोई संबंध नहीं है. हालांकि, तस्वीर किसान आंदोलन से ही जुड़ी है, लेकिन एक साल पुरानी है और पंजाब की है.

कैसे पता की सच्चाई?

तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर हमें पिछले साल सितंबर की कई खबरें मिलीं जिसमें यह तस्वीर मौजूद थी. आउटलुक की एक फोटो गैलरी में तस्वीर को 11 सितंबर 2020 को प्रकाशित किया गया था. यहां तस्वीर के साथ लिखा है कि फोटो में दिख रही भीड़ अलग-अलग किसान संगठनों की है जो पटियाला से केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का विरोध करने जा रहे हैं. इसी जानकारी के साथ तस्वीर को न्यूज़18 ने भी प्रकाशित किया था.

इसी समय के आस-पास किसानों ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों का विरोध करना शुरू किया था और दिल्ली की सीमाओं पर हजारों किसान इकट्ठा हो गए थे. इसमें ज्यादातर किसान उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा से आए थे. वायरल तस्वीर को न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के फोटोग्राफर ने खींचा था.

यहां इस बात की पुष्टि हो जाती है कि यह तस्वीर लगभग एक साल पुरानी है जिसे हाल ही में मुजफ्फरनगर में हुई किसान महापंचायत से जोड़ा जा रहा है. हालांकि, यह बात सच है कि 5 सितंबर को हुई किसान महापंचायत में भी जनसैलाब देखा गया था और लाखों की भीड़ जमा होने की खबरें आई थी. इस महापंचायत का एक वीडियो यहां देखा जा सकता है.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

तस्वीर में देखा जा सकता है कि किस तरह पंजाब से किसानों की भीड़ मुजफ्फरनगर किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए जा रही है.

निष्कर्ष

तस्वीर किसान आंदोलन से ही जुड़ी है लेकिन एक साल पुरानी है और पंजाब की है. इसका मुजफ्फरनगर में हुई महापंचायत से कोई संबंध नहीं है.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
सोशल मीडिया यूजर्स
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