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फैक्ट चेक: मायावती का बीजेपी को समर्थन देने वाला ये बयान 2020 का है, अभी का नहीं

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि सोशल मीडिया पर वायरल ये खबर अक्टूबर 2020 की है, जब मायावती ने सात बागी विधायकों को सपा से साठगांठ का आरोप लगाते हुए पार्टी से निलंबित कर दिया था. इसी वजह से उन्होंने उस वक्त एमएलसी चुनावों में सपा को हराने के लिए बीजेपी का साथ देने की बात कही थी. हाल-फिलहाल में उन्होंने ऐसा कोेई बयान नहीं दिया है.

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फैक्ट चेक फैक्ट चेक

क्या बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा को हराने के लिए बीजेपी का साथ देने की बात कही है? सोशल मीडिया पर कुछ लोग एक अखबार की कटिंग के जरिये ऐसा ही दावा कर रहे हैं.

इस खबर की हेडलाइन है, ‘बागी विधायक निलंबित, माया बोलीं- सपा को हराना है, भले ही भाजपा को देना पड़े वोट’.

एक ट्विटर यूजर ने इसे शेयर करते हुए कैप्शन लिखा, “बसपा सुप्रीमो माननीया बहन मायावती जी जुबानी बयान सपा को हराना है, भले भाजपा को वोट देना पडे.”  

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बहुत सारे लोग ऐसा समझ रहे हैं कि मायावती ने ये बयान हाल-फिलहाल में ही यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर दिया है.    

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि सोशल मीडिया पर वायरल ये खबर अक्टूबर 2020 की है, जब मायावती ने सात बागी विधायकों को सपा से साठगांठ का आरोप लगाते हुए पार्टी से निलंबित कर दिया था. इसी वजह से उन्होंने उस वक्त एमएलसी चुनावों में सपा को हराने के लिए बीजेपी का साथ देने की बात कही थी. हाल-फिलहाल में उन्होंने ऐसा कोेई बयान नहीं दिया है.

कैसे पता लगाई सच्चाई?  

जिन विधायकों को मायावती ने 2020 में निलंबित किया था, उन पर राज्यसभा चुनाव में पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार रामजी गौतम का विरोध करने का आरोप लगा था. ‘द हिंदुस्तान टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मायावती ने आरोप लगाया था कि ये विधायक पैसों और सपा द्वारा दिए गए टिकट के लालच में आकर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हो गए थे.

इसी वजह से मायावती ने नाराज होकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा था और सपा से गठबंधन को एक बड़ी भूल बताया था. उन्होंने कहा था कि लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान एनडीए को हराने के लिए उन्होंने सपा से हाथ मिलाया था लेकिन चुनाव के बाद सपा के लोग उन्हें अनदेखा करने लगे. 

मायावती ने यहां तक कहा था कि अब एमएलसी चुनावों में वो सपा को बुरी तरह हराएंगी और इसके लिए उन्हें बीजेपी या किसी अन्य पार्टी के प्रत्याशी को वोट देना पड़े तो वो भी देंगी.

मायावती का ये बयान नीचे ‘आजतक’ की वीडियो रिपोर्ट में सुना जा सकता है.

मायावती के इस बयान की उस वक्त काफी चर्चा हुई थी और तकरीबन सभी मीडिया आउटलेट्स  ने ये खबर छापी थी.

कीवर्ड सर्च की मदद से हमें वायरल कटिंग एक फेसबुक पोस्ट में मिली. यहां से पता चलता है कि ये खबर  ‘अमर उजाला’  अखबार में छपी थी.

मायावती के बीजेपी को समर्थन देने वाली खबर को लेकर काफी खलबली मची थी जिसके बाद नवंबर 2020 में उनका एक और बयान आया था. उन्होंने कहा था कि वो राजनीति से सन्यास ले लेंगी लेकिन बीजेपी से गठबंधन कभी नहीं करेंगी.

हाल-फिलहाल में मायावती ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है कि सपा को हराने के लिए अगर उन्हें बीजेपी को भी वोट देना पड़ा तो देंगी. अगर उन्होंने ऐसा कुछ कहा होता, तो इसे लेकर हर जगह चर्चा होती.

हमें मायावती के ऐसे कई ट्वीट  मिले जिनके जरिये उन्होंने मौजूदा योगी सरकार पर निशाना साधा है. मायावती बीजेपी पर लगातार हमले कर रही हैं. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में योगी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा था, “इस समय प्रदेश की भाजपा सरकार पूरी तरह से अपने घमंड में चूर है और आम आदमी के धन को बर्बाद कर रही है.”

साफ है कि मायावती के एक पुराने बयान को अभी का बताते हुए पेश किया जा रहा है.
 

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

बसपा प्रमुख मायावती ने बयान दिया है कि आगामी यूपी चुनाव में समाजवादी पार्टी को हराना है, भले ही इसके लिए बीजेपी को वोट देना पड़े.

निष्कर्ष

मायावती ने ये बयान अक्टूबर 2020 में एमएलसी चुनाव को लेकर दिया था, न कि यूपी विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

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