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फैक्ट चेक: बरेली के मौलाना ने मुस्लिम लड़कियों से नहीं कहा कि बीजेपी को हराने के लिए हिंदू लड़कों को फंसाओ

सोशल मीडिया पर वायरल ट्विटर के एक स्क्रीनशॉट के मुताबिक एक मौलवी मुस्लिम लड़कियों से कह रहे हैं कि वो हिन्दू लड़को को प्रेमजाल में फसाएं ताकि आने वाले चुनाव में बीजेपी जो हराया जा सके.

सोशल मीडिया पर किया जा रहा है दावा. सोशल मीडिया पर किया जा रहा है दावा.

सोशल मीडिया पर वायरल ट्विटर के एक स्क्रीनशॉट के मुताबिक एक मौलवी मुस्लिम लड़कियों से कह रहे हैं कि वो हिन्दू लड़कों को प्रेमजाल में फसाएं ताकि आने वाले चुनाव में बीजेपी जो हराया जा सके. अगर इस स्क्रीनशॉट यकीन करें तो ये ट्विटर अकाउंट अहमद अली अंसारी नाम के एक व्यक्ति का है जिनका ट्विटर हैंडल "@Ansar2ali2" है.

स्क्रीनशॉट में लिखा है "बीजेपी के मुख्य वोटर हैं हिंदू लड़के, सभी मुस्लिम लड़कियों से गुजारिश है कि अगले छह महीने तक हिन्दू लड़को को प्रेमजाल में फसाओं, फिर कांग्रेस को वोट देने के लिए मनाओं जिससे बीजेपी हार जायेगी."
 

ये स्क्रीनशॉट फेसबुक  और ट्विटर  पर हजारों लोगों में शेयर हो चुका है. इसे सच मानकर यूजर्स लिख रहे हैं कि मौलवी द्वारा हिंदू लड़कों को फंसाने की साजिश रची जा रही है. एक ट्विटर यूजर ने कैप्शन में लिखा है कि अब इस जिहाद को क्या नाम दिया जाए.  वायरल ट्वीट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल ट्वीट फर्जी है. इसे एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से बनाया गया है. इस नाम का कोई अकाउंट ट्विटर पर मौजूद नहीं है. स्क्रीनशॉट में जो प्रोफाइल पिक्चर दिख रही है वो तंजीम उलेमा-ए-इस्लाम नाम की एक संस्था के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी की है.

कैसे की पड़ताल?

वायरल स्क्रीशॉट में जो ट्विटर हैंडल (@Ansar2ali2) दिख रहा है, उसे ट्विटर पर खोजने पर हमें कोई प्रोफाइल नहीं मिली. अलग-अलग तरीकों से भी ढूंढने पर हमारे सामने ऐसा कोई ट्विटर हैंडल या अकाउंट नहीं आया. अगर इस नाम और हैंडल का अकाउंट ट्विटर पर सचमुच मौजूद होता तो डिलीट होने के बावजूद भी अकाउंट से जुड़ी कोई न कोई जानकारी इंटरनेट पर जरूर मिलती.

ट्वीट फर्जी होने का एक सबूत ये भी है कि स्क्रीशॉट में यूजर का नाम अहमद अली अंसारी है लेकिन तस्वीर किसी और व्यक्ति की इस्तेमाल की गई है. क्रॉप करके तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर हमें पता चला कि ये फोटो तंजीम उलेमा-ए-इस्लाम के महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी  की है. तंजीम उलेमा-ए-इस्लाम बरेलवी -सुन्नी मुस्लिमों की एक संस्था है.

 

इस बारे में हमारी बात शहाबुद्दीन रजवी से भी हुई. उन्होंने हमें बताया कि उनकी तस्वीर का किसी शरारती तत्व ने गलत इस्तेमाल किया है. रजवी के मुताबिक उनका इस कथित ट्वीट से कोई संबंध नहीं है और वो इसके खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाने वाले हैं.  

इसके बाद हमने "@Ansar2Ali2" हैंडल का इस्तेमाल करते हुए एक नया ट्विटर अकाउंट बनाने की कोशिश की. इस हैंडल से अकाउंट आसानी से बन गया. यानी कि ये हैंडल ट्विटर के डेटाबेस में उपलब्ध था. किसी भी ट्विटर अकाउंट का हैंडल या यूजरनेम यूनीक होता है. एक हैंडल पर एक से ज्यादा अकाउंट बनाने की इजाजत ट्विटर नहीं देता. ट्विटर की पॉलिसी कहती है कि जब कोई अकाउंट डीएक्टिवेट होता है तो उसे वेबसाइट पर कोई देख नहीं सकता लेकिन उसका हैंडल 30 दिनों तक ट्विटर के सिस्टम में रहता है. इस हैंडल से 30 दिनों तक कोई दूसरी प्रोफाइल नहीं बनाई जा सकती. 30 दिनों के बाद अकाउंट हमेशा के लिए डिलीट जो जाता है और हैंडल से दूसरा अकाउंट बन सकता है.

वायरल स्क्रीनशॉट में तारीख 13 जुलाई दिख रही है. अगर ये अकाउंट ट्विटर पर सचमुच मौजूद होता और 13 जुलाई को ये ट्वीट करने के बाद डीएक्टिवेट भी हो गया होता तो हम इस हैंडल से अकाउंट नहीं बना पाते. 

वायरल ट्वीट का सोर्स जान्ने के लिए हमने स्क्रीशॉट शेयर करने वाली एक ट्विटर यूजर डॉ ऋचा राजपूत से भी बात की. हमनें ऋचा से "असली ट्वीट" के लिंक के बारे में पूछा. कई बार संपर्क किये जाने पर भी खबर लिखे जाने तक उनका जवाब नहीं आया. ऋचा राजपूत के ट्विटर बायो के अनुसार वो एक बीजेपी कार्यकर्त्ता हैं.

इसी तरह "KreatelyMedia" नाम के ट्विटर हैंडल से भी ये स्क्रीनशॉट पोस्ट किया गया था. हमनें इस अकाउंट से भी मैसेज के जरिये संपर्क करने की कोशिश की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. यहां हमारी तफ्तीश में इस बात की पुष्टि हो जाती है कि वायरल हो रहा है ये कथित ट्वीट असली नहीं है. भ्रम फैलाने के लिए इसे एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से बनाया गया है.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूज़र ने

दावा

अहमद अली अंसारी नाम के एक मौलवी ने ट्वीट किया है कि बीजेपी के मुख्य वोटर हिंदू लड़के हैं, इसलिए अगले छह महीने तक मुस्लिम लड़कियां उन्हें प्रेमजाल में फसाएं और कांग्रेस को वोट देने के लिए मनाएं. इससे बीजेपी की हार हो जाएगी.

निष्कर्ष

वायरल ट्वीट फर्जी है और इसे एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से बनाया गया है.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
सोशल मीडिया यूज़र ने
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