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फैक्ट चेक: आदित्य ठाकरे की उर्दू भाषा वाली होर्डिंग की तस्वीर भ्रामक दावे के साथ हुई शेयर

सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे और मंत्री आदित्य ठाकरे को लेकर एक पोस्ट वायरल हो रही है. पोस्ट में हरे रंग की एक होर्डिंग की तस्वीर है जिसमें आदित्य ठाकरे हाथ हिलाते हुए दिख रहे हैं और साथ में उर्दू में लिखा है "सलाम वर्ली".

सोशल मीडिया पर यह तस्वीर वायरल हो रही है. सोशल मीडिया पर यह तस्वीर वायरल हो रही है.

सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे और मंत्री आदित्य ठाकरे को लेकर एक पोस्ट वायरल हो रही है. पोस्ट में हरे रंग की एक होर्डिंग की तस्वीर है जिसमें आदित्य ठाकरे हाथ हिलाते हुए दिख रहे हैं और साथ में उर्दू में लिखा है "सलाम वर्ली". ट्विटर पर कई वेरीफाइड हैंडल्स ने तस्वीर शेयर की है. तस्वीर को इस तरह से पेश किया जा रहा है कि आदित्य ठाकरे होर्डिंग के जरिए मुस्लिमों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं.

लोगों ने तंज करते हुए कहा है कि शिवसेना या आदित्य ठाकरे भगवा रंग से हरे पर उतर आए हैं और मराठी की जगह उर्दू इस्तेमाल करने लगे हैं. "क्या अब शिवसेना का नाम भी बदल जाएगा." इस तरह के कैप्शन के साथ फोटो फेसबुक और ट्विटर पर जमकर शेयर की जा रही है.

क्या है सच्चाई?

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल पोस्ट भ्रामक है. यह तस्वीर अक्टूबर 2019 की है जब महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान शिवसेना ने मुंबई में इस तरह के कई होर्डिंग लगाए थे. इन होर्डिंग पर उर्दू के अलावा मराठी, गुजराती और तेलुगू भाषा में भी "नमस्ते वर्ली" और "कैसे हो वर्ली" लिखा गया था.

 

तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर हमें इसको लेकर कई खबरें मिलीं. अक्टूबर 2019 में प्रकाशित हुई कि इन खबरों में बताया गया है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शिवसेना ने आदित्य ठाकरे के प्रचार में ये बैनर लगाए थे. आदित्य चुनाव में वर्ली विधानसभा सीट से उम्मीदवार थे. होर्डिंग की इन तस्वीरों को न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने 2 अक्टूबर 2019 को ट्वीट किया था. इन ट्वीट्स में उर्दू के अलावा गुजराती, तेलुगू और मराठी भाषा में लिखें होर्डिंग भी देखे जा सकते हैं.

 

 

एक होर्डिंग पर गुजराती में लिखा है "केम छो वर्ली", वहीं अन्य बैनर पर अलग-अलग भाषाओं में "नमस्ते वर्ली" छपा हुआ है. चुनाव में आदित्य ठाकरे को वर्ली सीट से जीत मिली थी.इन तस्वीरों से ये साबित हो जाता है कि शिवसेना ने सिर्फ उर्दू भाषी पोस्टर नहीं लगाए थे. चुनाव में वोटरों को लुभाने के लिए पार्टी ने कुछ अन्य भारतीय भाषाओं के होर्डिंग के जरिये भी आदित्य ठाकरे के लिए प्रचार किया था. लगभग दो साल पुरानी तस्वीरों को सांप्रदायिक रंग देकर पोस्ट किया जा रहा है.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

मुस्लिमों को लुभाने के लिए शिवसेना ने मुंबई में उर्दू भाषी होर्डिंग लगाए हैं जिन पर "सलाम वर्ली" लिखा हुआ है.

निष्कर्ष

तस्वीर अक्टूबर 2019 की है जब महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान शिवसेना ने मुंबई में इस तरह के कई होर्डिंग लगाए थे. इन होर्डिंग पर उर्दू के अलावा मराठी, गुजराती और तेलुगू भाषा में भी "नमस्ते वर्ली" और "कैसे हो वर्ली" लिखा गया था.

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