scorecardresearch
 

फैक्ट चेक: बंगाल में हिंदुओं को धर्म का प्रचार करने से रोका गया? गोवा का है ये 12 साल पुराना वीडियो

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में हिंदू धर्म का प्रचार करने पर ममता बनर्जी की पुलिस ने विदेशी हिंदुओं को खदेड़ दिया. पर असल में ये वीडियो 2008 का है और गोवा का है.

गोवा के वीडियो को बंगाल का बताकर वायरल किया जा रहा गोवा के वीडियो को बंगाल का बताकर वायरल किया जा रहा

पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हुई हिंसा के बाद से सोशल मीडिया पर तेजी से भ्रामक खबरें फैल रही हैं. अब ट्विटर पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें बीच सड़क पर भगवा वस्त्र पहने कुछ लोगों की पुलिसकर्मियों से जोरदार झड़प होती दिख रही है. वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में हिंदू धर्म का प्रचार करने पर ममता बनर्जी की पुलिस ने विदेशी हिंदुओं को खदेड़ दिया. पोस्ट में कहा गया है कि ये विदेशी हिंदू श्रीमदभागवत गीता की प्रतियां बांट रहे थे.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. ये वीडियो 2008 का और गोवा का है. इसका पश्चिम बंगाल से कोई ताल्लुक नहीं है.

वीडियो को शेयर करते हुए एक ट्विटर यूजर ने कैप्शन में लिखा है, "पश्चिम बंगाल में विदेशी हिन्दू एक गाड़ी से हिन्दू धर्म का प्रचार कर रहे थे श्रीमदभागवत गीता जी की प्रतियां बांट रहे थे हिन्दू विरोधी विचारधारा वाली ममता की सेक्युलर पुलिस को जब ये खबर पता चली सेक्युलर पुलिस वाले पहुँच गए ममता की नजर में आने के लिए प्रचार क्या बंद कराते भागना पड़ा". वीडियो गलत दावे के साथ फेसबुक पर भी शेयर किया गया है. वायरल पोस्ट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.  

कैसे पता की सच्चाई?

वीडियो के कीफ्रेम्स को 'येन्डेक्स' पर रिवर्स सर्च करने पर ये वीडियो हमें यूट्यूब पर मिला. वीडियो को अगस्त 2013 में अपलोड किया गया था और टाइटल में रूसी भाषा का इस्तेमाल किया गया था. टाइटल का अनुवाद करने पर ऐसा समझ आता है कि वीडियो में भगवा वस्त्र पहने लोग रूस के हैं और "हरे कृष्णा" भक्त हैं. वीडियो पर कुछ लोगों ने रूसी भाषा में कमेंट भी किया है. इनमें में से एक व्यक्ति ने वीडियो को गोवा का बताया है.  

वायरल वीडियो को "Discover Goa" नाम के एक यूट्यूब चैनल पर भी अप्रैल 2018 में शेयर किया गया था. इस यूट्यूब वीडियो के मुताबिक, यह  गोवा के मापुसा टाउन का है जहां आठ रूसी पर्यटकों को पुलिस के साथ मारपीट करने पर गिरफ्तार किया गया था. अगर वीडियो को ध्यान से और स्पीड कम करके देखें तो इसमें नजर आ रही गाड़ी पर "Goa Police" लिखा दिखता है. इससे इतनी साफ हो जाती कि वीडियो सालों पुराना है और गोवा का है.

कुछ कीवर्ड्स की मदद से खोजने पर हमें गोवा के मीडिया हाउस "O Heraldo" की साइट पर एक खबर भी मिली जिसे 26 नवंबर 2008 को पब्लिश किया गया था. हालांकि, कुछ तकनीकी दिक्कत के कारण ये खबर विस्तार में नहीं दिख रही, लेकिन यहां दी गई हेडलाइन और अन्य जानकारी से ऐसा समझ आता है कि इसमें वायरल वीडियो के बारे में ही जिक्र किया गया है. यहां बताया गया है कि गोवा के मापुसा में "हरे रामा हरे कृष्णा" सेक्ट से जुड़े आठ रूसी लोगों को पुलिस से लड़ाई करने पर गिरफ्तार किया गया. "O Heraldo" की इस खबर को "The Goan Voice" नाम की एक वेबसाइट ने भी अपने नवंबर 2008 के न्यूज लेटर में इस्तेमाल किया था. यहां साथ में एक तस्वीर भी देखी जा सकती है जिसमें भगवा कपड़ों में एक व्यक्ति और एक पुलिसकर्मी नजर आ रहा है.

"O Heraldo" की खबर को इंटरनेट पर खोजने हमें 'रेडिट' पर एक चैट मिली जिसमें इस खबर का पूरा हिस्सा मौजूद था. इसके अनुसार, मापुसा में भगवा वस्त्र पहने रूसी पर्यटकों का एक समूह ढोलक और हारमोनियम के साथ सड़क पर "हरे रामा हरे कृष्णा" का जाप कर रहा था. इससे ट्रैफिक बाधित हो रहा था और जनता को भी परेशानी हो रही थी. इसको लेकर लोगों ने पुलिस से शिकायत की और कुछ पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए.

पुलिसकर्मियों ने रूसी पर्यटकों से ये गतिविधि रोकने के लिए आग्रह किया लेकिन पर्यटकों ने इस पर ध्यान नहीं दिया. इसके बाद मामला बढ़ गया और पुलिस ने जब पर्यटकों को थाने ले जाने की कोशिश की तो पर्यटकों ने पुलिस पर हमला कर दिया. पुलिस पर हमला देख आम जनता की भी रूसी पर्यटकों से झड़प हो गई. पुलिस ने आठ पर्यटकों को गिरफ्तार कर लिया और थाने ले गई. घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए थे.

यहां इस बात की पुष्टि हो जाती है कि वायरल पोस्ट में झूठी जानकारी दी जा रही है. 12 साल से ज्यादा पुराने गोवा के वीडियो को पश्चिम बंगाल हिंसा से जोड़कर शेयर किया जा रहा है.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

पश्चिम बंगाल में हिन्दू धर्म का प्रचार करने पर ममता बनर्जी की पुलिस ने विदेशी हिन्दुओं को खदेड़ दिया.

निष्कर्ष

ये वीडियो 2008 का और गोवा का है. इसका पश्चिम बंगाल से कोई ताल्लुक नहीं है.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
सोशल मीडिया यूजर्स
क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
TAGS:
आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें