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फैक्ट चेक: पटाखों पर पाबंदी लगाने वाले अशोक गहलोत ने खुद जलाए पटाखे? जानें सच्चाई

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर के जरिये कुछ ऐसा ही दावा किया जा रहा है. तस्वीर में गहलोत कुछ लोगों के साथ फुलझड़ी जलाते हुए दिख रहे हैं.

वायरल तस्वीर वायरल तस्वीर

बढ़ते प्रदूषण और कोरोना की वजह से राजस्थान सहित देश के कई राज्यों ने दिवाली के मौके पर पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगाया. राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार ने पटाखे बेचने वालों पर 10,000 रुपये और जलाने वालों पर 2000 रुपये जुर्माना लगाने की बात कही. लेकिन क्या राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिवाली पर पटाखे जलाकर खुद इस नियम को तोड़ दिया?

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर के जरिये कुछ ऐसा ही दावा किया जा रहा है. तस्वीर में गहलोत कुछ लोगों के साथ फुलझड़ी जलाते हुए दिख रहे हैं. सोशल मीडिया कुछ यूजर दावा कर रहे हैं कि राजस्थान में पटाखों पर पाबंदी लगाने वाले अशोक गहलोत खुद पटाखे जला रहे हैं.

लोग तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिख रहे हैं, "राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी ने अपने राज्य में पटाखा छोड़ने को अपराध बनाया और कई बच्चों को गिरफ्तार किया गया उनके पिता ने भारी-भरकम जुर्माना देकर अपने बच्चों को पुलिस स्टेशन से वापस घर लाए और खुद वे अपने परिवार के संग मुख्यमंत्री आवास में ऑक्सीजन छोड़ने वाला पटाखा जलाकर दिवाली मना रहे हैं."

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल पोस्ट भ्रामक है. अशोक गहलोत की ये तस्वीर इस साल की नहीं, बल्कि 2019 की है जब उन्होंने अपने परिवार के साथ दिवाली मनाई थी.

इस तस्वीर को अलग-अलग कैप्शन के साथ सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है. तस्वीर को इस साल की दिवाली का मानकर लोग अशोक गहलोत की जमकर आलोचना कर रहे हैं. पोस्ट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.

तस्वीर को रिवर्स सर्च की मदद से खोजने पर हमें अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत की एक ट्विटर पोस्ट मिली. अक्टूबर 2019 में की गई इस पोस्ट में वायरल तस्वीर सहित दीपावली के अवसर की कई और भी तस्वीरें मौजूद थीं. तस्वीरें शेयर करते हुए वैभव ने लिखा था, "दीपावली के अवसर पर सपरिवार लक्ष्मी मां की पूजा-अर्चना की".

हमें ये भी पता चला कि खुद अशोक गहलोत ने भी इस तस्वीर को पिछले साल दिवाली पर इंस्टाग्राम पर शेयर किया था. 2019 में पटाखे जलाने को लेकर राजस्थान में इस साल जैसी कोई पाबंदी नहीं थी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते जयपुर में प्रशासन ने रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पटाखे जलाने पर प्रतिबंध जरूर लगाया था. इस साल की दिवाली पर पटाखों के नियम का पालन करने को लेकर अशोक गहलोत ने जनता को धन्यवाद दिया है.  

यहां इस बात की पुष्टि हो जाती है कि तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा गलत है. अशोक गहलोत की ये तस्वीर इस साल की नहीं, बल्कि पिछले साल की है.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

राजस्थान में पटाखों पर पाबंदी लगाने वाले अशोक गहलोत खुद पटाखे जला रहे हैं.

निष्कर्ष

अशोक गहलोत की ये तस्वीर इस साल की नहीं, बल्कि 2019 की है जब उन्होंने अपने परिवार के साथ दिवाली मनाई थी. 2019 में पटाखे जलाने को लेकर राजस्थान में इस साल जैसी कोई पाबंदी नहीं थी.

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