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फैक्ट चेक: क्या रवि किशन ने दलितों के पसीने से बदबू आने की बात कही? भ्रामक है ये पोस्ट

सोशल मीडिया पर रवि किशन का एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो के साथ कहा जा रहा है कि रवि किशन ने दलित के घर मजबूरी में खाना खाया और कहा कि दलित के पसीने से बदबू आती है.

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बीजेपी सांसद और एक्टर रवि किशन इस समय चर्चा में है. कुछ दिनों पहले रवि यूपी के गोरखपुर में एक दलित के घर भोजन करने पहुंचे थे. इसकी तस्वीरें रवि किशन ने सोशल मीडिया पर शेयर की थीं जिसके बाद उन्हें ट्रोल किया जाने लगा. लोगों का कहना था कि इस भोज में दलित और रवि किशन ने जिन बर्तनों में खाना खाया उनमें फर्क था.

अब इसी के मद्देनजर सोशल मीडिया पर रवि किशन का एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो के साथ कहा जा रहा है कि रवि किशन ने दलित के घर मजबूरी में खाना खाया और कहा कि दलित के पसीने से बदबू आती है.

वीडियो एक कार के अंदर का है जिसमें रवि किशन कुछ लोगों के साथ भोजपुरी में बातचीत करते नजर आ रहे हैं. 30 सेकंड लंबे इस वीडियो में रवि किशन एक जगह बोल रहे हैं, "तुम लोगों का पसीना ऐसा महक रहा है ना कि क्या बोलें" फेसबुक  और ट्विटर पर यह वीडियो काफी वायरल है.

क्या है सच्चाई?

इंडिया टुडे ने अपनी जांच में पाया कि वीडियो के साथ भ्रामक दावा किया जा रहा है. यह वीडियो डेढ़ साल से ज्यादा पुराना है, ना कि हाल-फिलहाल का. वीडियो में रवि पसीना महकने वाली बात कार में मौजूद अपने साथियों के लिए कह रहे हैं.

कैसे पता चली सच्चाई?

सबसे पहले हमने इस वीडियो को ध्यान से सुना. वीडियो में रवि किशन और कार में उनके साथ मौजूद लोग भोजपुरी में बात कर रहे हैं जिसका हिंदी अनुवाद इस तरह से है.

रवि किशन - तुम लोग कितने लोग बैठा दिए हो इसके (कार के) अंदर.

कार में मौजूद एक व्यक्ति- इसी में तो बैठे हुए हैं. आप ही के पीछे-पीछे सब दौड़ते हुए आ गए. किसी तरह से बैठ गए.

दूसरा व्यक्ति- बाकी लोग बाद में आ गए, हम दो-तीन बंदे पहले से थे इसमें.

रवि किशन- तुम लोगों का पसीना ऐसा महक रहा है ना कि क्या बोलें.

पहला व्यक्ति - अब क्या बताएं रवि भैया, कन्हैया भैया के लिए हम लोग दिन-भर दौड़ रहे हैं.

रवि किशन - तो क्या हम ही को पूरा पसीना सुंघाओगे. बंद करो ये वीडियो.

इस बातचीत से इतनी बात साफ हो जाती है कि रवि किशन पसीने वाली बात कार में मौजूद अपने समर्थकों से कह रहे हैं. वीडियो में कहीं पर भी किसी दलित का जिक्र नहीं हो रहा है.

मई 2020 में भी वायरल हुआ था वीडियो

कुछ कीवर्ड्स की मदद से खोजने कर हमें यह वीडियो "लाइव हिंदुस्तान" के यूट्यूब चैनल पर मिला. यहां यह वीडियो 17 मई 2020 को अपलोड किया गया था. उस समय भी वीडियो रवि किशन पर निशाना साधते हुए वायरल हुआ था. यह वो समय था जब कोरोना लॉकडाउन की वजह से गरीबों और मजदूरों को पलायन करना पड़ रहा था.

इस दौरान वीडियो को शेयर करते हुए लोगों ने लिखा था कि रवि किशन को गरीबों के पसीने से बदबू आती है.

इस पर रवि किशन ने अपना एक वीडियो शेयर करते हुए स्पष्टीकरण  दिया था कि यह वीडियो लॉकडाउन का नहीं बल्कि 2017 में हुए यूपी चुनाव का है. रवि का कहना था कि वायरल वीडियो चुनाव प्रचार के समय का था और कार में दिख रहे लोग उनके कार्यकर्ता थे.

कुल मिलाकर निष्कर्ष ये निकलता है कि रवि किशन के एक सालों पुराने वीडियो को अभी का बताकर उन्हें घेरा जा रहा है.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

रवि किशन ने दलित के घर मजबूरी में खाना खाया और कहा कि दलित के पसीने से बदबू आती है.

निष्कर्ष

यह वीडियो डेढ़ साल से ज्यादा पुराना है, ना कि हाल-फिलहाल का. वीडियो में रवि पसीना महकने वाली बात कार में मौजूद अपने साथियों के लिए कह रहे हैं.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
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