scorecardresearch
 

फैक्ट चेक: सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर वाराणसी में भांजी गईं लाठियां? भ्रामक है ये पोस्ट

इंडिया टुडे ने अपनी जांच में पाया कि यह वीडियो वाराणसी का नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के जबलपुर का है. ये अक्टूबर 2021 की घटना है जब ईद का जुलूस निकालने को लेकर पुलिस और लोगों में झड़प हो गई थी और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था.

इंडिया टुडे ने अपनी जांच में पाया कि यह वीडियो वाराणसी का नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के जबलपुर का है. इंडिया टुडे ने अपनी जांच में पाया कि यह वीडियो वाराणसी का नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के जबलपुर का है.

हाल ही के दिनों में सार्वजनिक स्थलों पर नमाज पढ़ने को लेकर कुछ जगहों पर बवाल देखने को मिला. इसी के मद्देनजर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में सड़क पर बैठे कुछ लोगों पर पुलिस लाठियां भांजते हुए उन्हें तितर-बितर कर रही है. हर तरफ अफरा-तफरी मची हुई है. दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो वाराणसी का है जहां सड़क पर नमाज पढ़ने वाले लोगों को पुलिस ने खदेड़ दिया.

 

 

 

वीडियो के साथ कैप्शन में लोग लिख रहे हैं, "बनारस में रोड पर नमाज पढ़ने का अंजाम देख लो ,क्या ये और किसी के राज में सम्भव है ? धन्यवाद योगीजी का #योगी_मतलब_भरोसा". फेसबुक और ट्विटर पर इस कैप्शन के साथ वीडियो को खूब शेयर किया जा रहा है. इंडिया टुडे ने अपनी जांच में पाया कि यह वीडियो वाराणसी का नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के जबलपुर का है. ये अक्टूबर 2021 की घटना है जब ईद का जुलूस निकालने को लेकर पुलिस और लोगों में झड़प हो गई थी और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था.कैसे पता की सच्चाई? वायरल वीडियो को गौर से देखने पर एक दुकान के शटर पर "एस दीन टेलर्स" लिखा हुआ नजर आ रहा है. खोजने पर सामने आया कि इस नाम की एक दुकान जबलपुर के गोहलपुर इलाके में है.

इसके बाद कुछ कीवर्ड्स की मदद से सर्च करने पर हमें 22 अक्टूबर 2021 का एक फेसबुक पोस्ट मिला जो "मेरा शहर जबलपुर" नाम के एक पेज से किया गया था. पोस्ट में वीडियो से मिलती-जुलती तस्वीरें मौजूद थीं. कैप्शन में लिखा था कि जबलपुर में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान हंगामा हुआ जिसमें पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. इसी पोस्ट की एक तस्वीर में "एसदीन टेलर्स" नाम की वही दुकान देखी जा सकती है जो वायरल वीडियो में नजर आ रही है. उस समय वायरल वीडियो को भी कुछ लोगों ने जबलपुर का बताकर शेयर किया था.

जबलपुर में ईद के दिन हंगामे को लेकर हमें कई खबरें भी मिलीं जिनमें वायरल वीडियो वाली जगह देखी जा सकती है. ये खबरें 19-20 अक्टूबर 2021 को छापी गईं थीं.  "न्यूज 18" और 'पत्रिका' की रिपोर्ट्स के अनुसार, ईद के मौके पर एमपी के जबलपुर, धार और बड़वानी में माहौल बिगड़ गया था. जबलपुर में ईद पर मुस्लिम समुदाय को कोरोना संक्रमण के कारण जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई थी. इसके बावजूद कुछ इलाकों में जुलूस निकाले गए और जब पुलिस ने मना किया तो उपद्रवियों ने पुलिस बल पर पथराव कर दिया और उन पर पटाखे जला कर फेंक दिए. हालात तनावपूर्ण हो गए और पुलिस ने कारवाई करते हुए भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया. इस झड़प में लोगों सहित कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे. इस तरह हमारी जांच में यह स्पष्ट हो जाता है कि वीडियो का वाराणसी से कोई लेना-देना नहीं है. यह लगभग तीन महीने पुराना जबलपुर का वीडियो है. पिछले साल अक्टूबर महीने में भी ये वीडियो गलत दावे का साथ वायरल हुआ था. उस समय "द क्विंट" ने इसकी सच्चाई सामने रखी थी.

 

 

 

 

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

ये वीडियो वाराणसी का है जहां सड़क पर नमाज पढ़ने वाले लोगों को पुलिस ने खदेड़ दिया.

निष्कर्ष

यह वीडियो वाराणसी का नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के जबलपुर का है. ये अक्टूबर 2021 की घटना है जब ईद का जुलूस निकालने को लेकर पुलिस और लोगों में झड़प हो गई थी और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
सोशल मीडिया यूजर्स
क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें
ऐप में खोलें×