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फैक्ट चेक: मु​स्लिम युवकों का बर्तन चाटने वाला पुराना वीडियो कोरोना वायरस से जोड़कर वायरल

दावा किया जा रहा है कि भारत में कोरोना वायरस फैलाने के लिए निजामुद्दीन से मिले खाली बर्तनों को इस तरह जूठा किया जा रहा है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वीडियो

हाल ही​ में दिल्ली स्थित निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात के कार्यक्रम के बाद वहां शामिल होने वाले कुछ लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि होने के बाद से ही मुश्किलें बढ़ गई हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में टोपी पहने कुछ युवक जूठे बर्तन चाटते नजर आ रहे हैं.

दावा किया जा रहा है कि भारत में कोरोना वायरस फैलाने के लिए निजामुद्दीन से मिले खाली बर्तनों को इस तरह जूठा किया जा रहा है.

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहा वीडियो काफी पुराना है. इस वीडियो का संबंध कोरोना वायरस से नहीं है.

हमें वीमियो पर यह वीडियो मिला जिसके डिस्क्रिप्शन में लिखा गया है कि वीडियो में नजर आ रहे लोग दाउदी बोहरा समुदाय के हैं. ये लोग खाने की बर्बादी नहीं करने में विश्वास करते हैं, इसके चलते ये लोग बर्तन चाट कर इन पर बचा हुआ खाना खत्म करते हैं. वीडियो पर यह वीडियो 31 जुलाई 2018 को अपलोड किया गया था.

वीडियो के साथ दी गई जानकारी के अनुसार, ये युवक सैयदना के आदेश का पालन कर रहे थे. सैयदना आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन दाउदी बोहराओं के 53वें व मौजूदा धर्मगुरु हैं.

लिहाजा वायरल वीडियो का कोरोना वायरस से कोई लेना-देना नहीं है. यह करीब दो साल पुराना वीडियो है.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

कोरोना वायरस फैलाने के लिए निजामुद्दीन से मिले खाली बर्तन को जूठा करते लोग.

निष्कर्ष

वायरल वीडियो करीब दो साल पुराना है और बोहरा समाज की एक परंपरा का है.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
सोशल मीडिया यूजर्स
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