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आतंकी याकूब मेमन के परिवार में कौन-कौन है, फांसी के 7 साल बाद क्यों छिड़ी कब्र पर लड़ाई?

मुंबई को दहलाने वाले आतंकी याकूब मेमन की कब्र को लेकर बवाल शुरू हो गया है. मेमन को 2015 में फांसी दे दी गई थी. अब उसकी कब्र को लेकर सियासत हो रही है. बीजेपी का आरोप है कि महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार ने याकूब मेमन की कब्र को मजार में तब्दील करने की कोशिश की.

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तस्वीर याकूब मेमन की शादी के वक्त की है. याकूब ने राहिन से शादी की थी. (फाइल फोटो)
तस्वीर याकूब मेमन की शादी के वक्त की है. याकूब ने राहिन से शादी की थी. (फाइल फोटो)

फांसी के 7 साल बाद याकूब मेमन की कब्र को लेकर बवाल हो रहा है. बीजेपी का आरोप है कि जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे, तब याकूब मेमन की कब्र को मजार में तब्दील करने की कोशिश की गई. महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि इसके लिए उद्धव ठाकरे को मुंबई और महाराष्ट्र के लोगों से माफी मांगनी चाहिए.

दरअसल, 30 जुलाई 2015 को याकूब मेमन को फांसी पर चढ़ा दिया गया. वो 1993 में मुंबई में हुए सीरियल बम ब्लास्ट का मास्टरमाइंड था. फांसी देने के बाद उसे मुंबई के 'बड़ा कब्रिस्तान' में दफनाया गया था. 

अब एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि याकूब मेमन की कब्र को मार्बल और लाइट से सजाया गया है. तस्वीर सामने आने के बाद इस पर राजनीति शुरू हो गई है. बीजेपी का कहना है कि 250 लोगों की जान लेने वाले याकूब मेमन की कब्र को सजाया गया, इसके लिए उद्धव ठाकरे, कांग्रेस और एनसीपी प्रमुख शरद पवार को माफी मांगनी चाहिए. 

इन आरोपों पर जवाब देते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि याकूब मेमन को ओसामा बिन लादेन की तरह समंदर में क्यों नहीं फेंका गया? उस समय किसकी सरकार थी? जब उसे दफनाया गया, तब भारी सुरक्षा दी गई थी, इतना सम्मान क्यों दिया गया था? क्या इस पर कोई एक्शन होगा?

मेमन परिवार के सभी सदस्यों को बम धमाकों का आरोपी बनाया गया था. इनमें से कोई जेल में सजा काट रहा है तो कोई फरार है तो किसी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है. 

याकूब मेमन को अगस्त 1994 में गिरफ्तार किया गया था. (फाइल फोटो)

कौन-कौन हैं याकूब के परिवार में?

याकूब मेमन के पिता अब्दुल रज्जाक कारोबारी परिवार से थे. लेकिन उन्हें कारोबार में कभी कामयाबी नहीं मिली. अब्दुल रज्जाक ने हनीफा से निकाह किया. दोनों के 6 बेटे थे- आरिफ उर्फ सुलेमान, इब्राहिम उर्फ मुश्ताक उर्फ टाइगर, याकूब, अयूब, अंजुम उर्फ ईसा और यूसुफ. 

मेमन सुन्नी मुसलमान हैं. कारोबार में जब कामयाबी नहीं मिली, तो याकूब के पिता अब्दुल रज्जा भिंडी बाजार की एक बिल्डिंग में आकर रहने लगे. 1980 में ये बिल्डिंग गिर गई. इसके बाद मेमन परिवार माहिम के मच्छीमार नगर के एक ट्रांजिट फ्लैट में रहने लगा. आखिरकार 1988 में परिवार अल हुसैन बिल्डिंग में रहने लगे. इस बिल्डिंग में मेमन परिवार के 5 फ्लैट थे.

सबसे बड़ा बेटा आरिफ उर्फ सुलेमान इनकम टैक्स ऑफिसर बना. बाद में उसने नौकरी छोड़ दी और सऊदी अरब चला गया. दूसरा बेटा इब्राहिम उर्फ टाइगर गैरकानूनी काम करने लगा. देखते ही देखते लोग उसे टाइगर के नाम से बुलाने लगे. गैरकानूनी धंधों से टाइगर ने खूब कमाया. मेमन परिवार के एक पड़ोसी ने इंटरव्यू में बताया था कि वो इलाके का पहला शख्स था, जिसने लाल रंग की मारूति 1000 खरीदी थी.

याकूब पढ़ने-लिखने में तेज था. उसने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया से पढ़ाई की. 1990 में सीए की डिग्री ली. याकूब ने अपने बचपन के दोस्त चेतन मेहता के साथ मिलकर 'सीसी मेहता एंड मेमन एसोसिएट्स' नाम से एक फर्म शुरू की. बाद में उसने 'एआर एंड सन्स' नाम से एक और अकाउंटेंसी फर्म शुरू की. उसने मांस का कारोबार करने के लिए 'तेजरथ' नाम से एक कंपनी शुरू की.

चौथे भाई अयूब ने दुबई में कारोबार शुरू किया. बड़े भाई आरिफ ने सऊदी अरब की नौकरी छोड़ी और भाई अयूब की मदद के लिए दुबई आ गया. टाइगर मेमन स्मगलिंग किया करता था और याकूब उसके अकाउंट्स को संभालता था. टाइगर के अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से भी अच्छे रिश्ते थे. छोटा भाई अयूब अपने बड़े भाई याकूब की मदद करता था. जबकि, सबसे छोटा भाई युसुफ कुछ ज्यादा काम नहीं करता था. वो अपने सभी भाइयों में सबसे कम एक्टिव था.

याकूब ने राहिन से शादी की थी. उसकी शादी में फिल्मी सितारे और कई बड़े लोग शामिल हुए थे. वहीं, बड़े सुलेमान ने रूबीना से शादी की थी.

अब कहां है याकूब का परिवार?

पिता अब्दुल रज्जाक और मां हनीफा को भी बम धमाके का आरोपी बनाया गया था. 2001 में अब्दुल रज्जाक की मौत हो गई थी. मां हनीफा को बाद में बरी कर दिया गया था. 

आरिफ उर्फ सुलेमान को भी गिरफ्तार किया गया था और उसे बाद में बरी कर दिया गया था. टाइगर मेमन और अयूब मेमन फरार हैं. यूसुफ और अंजुम उर्फ ईसा मेमन दोनों जेल में सजा काट रहे हैं. 

याकूब मेमन की पत्नी राहिन को भी बम धमाकों का आरोपी बनाया गया था, लेकिन बाद में उसे भी रिहा कर दिया गया था. वहीं, सुलेमान की पत्नी रूबीना उम्रकैद की सजा काट रही है.

12 बम धमाकों से दहल गई थी मुंबई

12 मार्च 1993 को मुंबई में 12 सीरियल ब्लास्ट हुए थे. इन बम धमाकों में 257 लोग मारे गए थे, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. ये बम ब्लास्ट 1992 में हुए हिंदू-मुस्लिम दंगों में मारे गए मुस्लिमों का बदला लेने के लिए किए गए थे. 

सीबीआई ने याकूब को 5 अगस्त 1994 को दिल्ली से गिरफ्तार किया था. मुंबई बम धमाकों की साजिश रचने के मामले में याकूब को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई गई थी. याकूब ने दो बार राष्ट्रपति के सामने दया याचिका दायर की और दोनों ही बार खारिज हो गई. उसकी फांसी रुकवाने के लिए रात 3 बजे तक सुप्रीम कोर्ट में बहस चली. याकूब को उसके जन्मदिन पर ही 30 जुलाई 2015 को फांसी दे दी गई थी. 

याकूब मेमन काफी पढ़ा-लिखा था. वो चार्टर्ड अकाउंटेंट था. उसने अपने बचपन के दोस्त चेतन मेहता के साथ मिलकर चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म भी शुरू की थी. यहां तक कि गिरफ्तारी के बाद भी उसने दो डिग्रियां ली थीं. उसने 2013 में इंग्लिश लिटरेचर और 2014 में पॉलिटिकल साइंस की डिग्री ली थी. 

अब कब्र को लेकर बहस क्यों?

फांसी के बाद याकूब मेमन को मरीन लाइन्स रेलवे स्टेशन के सामने करीब 7 एकड़ में बने 'बड़ा कब्रिस्तान' में दफनाया गया था. याकूब मेमन की कब्र की एक तस्वीर वायरल हो रही है. दावा किया जा रहा है कि उसकी कब्र को मार्बल और लाइटिंग से सजाया गया है. 

हालांकि, एक पुलिस अधिकारी ने न्यूज एजेंसी को बताया कि बड़ा कब्रिस्तान में हेलोजन लाइट बड़ी रात (शब-ए-बारात) के मौके पर लगाई गई थी और बाद में इसे कब्रिस्तान के ट्रस्टीज ने हटा दिया था.

उन्होंने कहा कि याकूब मेमन की कब्र के आसपास मार्बल टाइल्स तीन साल पहले लगाई गई थीं. उन्होंने बताया कि यहां 13 और कब्रें हैं.

 

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