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50 लाख वोटर्स, हर पार्टी ने बांटे टिकट... दिल्ली MCD चुनाव में पूर्वांचली कितने 'पावरफुल'?

दिल्ली में एमसीडी चुनाव के लिए 4 दिसंबर को वोटिंग होनी है और 7 दिसंबर को नतीजे आने हैं. इस चुनाव में जीतने के लिए हर पार्टी पूर्वांचली वोटर्स को रिझाने की कोशिश कर रही है. चाहे बीजेपी हो या आम आदमी पार्टी या फिर कांग्रेस, सभी ने पूर्वांचली उम्मीदवार भी उतारे हैं. दिल्ली की हर विधानसभा में पूर्वांचली वोटर्स रहते हैं.

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दिल्ली में एमसीडी के लिए 4 दिसंबर को वोटिंग होनी है. (फाइल फोटो-PTI)
दिल्ली में एमसीडी के लिए 4 दिसंबर को वोटिंग होनी है. (फाइल फोटो-PTI)

Delhi MCD Election 2022: उत्तर प्रदेश के बाद अब दिल्ली में भी 'पूर्वांचलियों का पावर' चल रहा है. नगर निगम चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियां पूर्वांचलियों को रिझाने की जुगत में जुटी हैं. चाहे बीजेपी हो या कांग्रेस या फिर आम आदमी पार्टी... हर कोई पूर्वांचलियों को अपनी ओर खींचने में लगा है. वो इसलिए क्योंकि एमसीडी चुनाव में पूर्वांचली एक बड़ा वोट बैंक है.

पूर्वी यूपी, बिहार और झारखंड के रहने वाले ऐसे लोग, जो भोजपुरी बोलते हैं उन्हें पूर्वांचली माना जाता है. ये लोग दिल्ली में बसे हुए हैं. अनुमान है कि एमसीडी चुनाव के 1.46 करोड़ वोटर्स में से एक-तिहाई पूर्वांचली है. यानी, लगभग 50 लाख वोटर्स पूर्वांचली हैं. माना जाता है कि हर विधानसभा में पूर्वांचली वोटर्स हैं और यही वजह है कि इन्हें रिझाया जा रहा है.

दिल्ली में नगर निगम चुनाव के लिए 4 दिसंबर को वोटिंग होनी है. नतीजे 7 दिसंबर को आएंगे. इस बार 250 वार्ड हैं, क्योंकि अब तीनों नगर निगम एक हो गईं हैं. 2012 में नगर निगम को तीन हिस्सों में बांट दिया था और कुल 272 वार्ड बनाए गए थे. लेकिन मोदी सरकार ने फिर से तीनों को एक कर दिया है.

बीजेपी ने उतारे 50 पूर्वांचली उम्मीदवार

दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने बताया कि लगभग 50 पूर्वांचली उम्मीदवार एमसीडी चुनाव के लिए उतारे हैं. उन्होंने दावा किया कि पूर्वांचली उनके साथ हैं.

सोमवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने छठ पूजा समिति के सदस्यों के साथ बात की थी और उनसे एमसीडी चुनाव में आशीर्वाद देने की बात कही थी. नड्डा का बचपन पटना में ही बीता. उन्होंने कहा कि वो हर छठ पर ठेकुआ चखते थे और 4 दिसंबर को फिर से छठ का प्रसाद चखेंगे.

दिल्ली बीजेपी के नेताओं का अनुमान है कि पूर्वांचली वोटर्स अवैध कॉलोनियों और झुग्गी बस्तियों में बसे हैं और एमसीडी के 250 में से 75 से 80 वार्डों पर उम्मीदवार की किस्मत का फैसला करते हैं.

एमसीडी चुनाव के लिए बीजेपी के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में मनोज तिवारी, रवि किशन और दिनेश यादव निरहुआ भी शामिल हैं. तीनों पूर्वांचली हैं. 

AAP ने भी उतारे 40-50 उम्मीदवार

आम आदमी पार्टी के विधायक और एमसीडी चुनाव के प्रभारी दुर्गेश पाठक का कहना है कि उनकी पार्टी ने पूर्वांचलियों को बहुत सम्मान दिया है. उन्होंने बताया कि इस चुनाव में 40 से 50 पूर्वांचली उम्मीदवार को उतारा है.

पाठक ने कहा, पूर्वांचली वोटर्स को केजरीवाल सरकार ने बहुत सम्मान दिया है. उन्होंने दावा किया कि जब आम आदमी पार्टी की सरकार आई थी तब 50-60 ही छठ घाट थे, लेकिन अब लगभग 1200 घाट हैं. इस साल छठ पूजा भी बड़े पैमाने पर मनाई गई.

पूर्वांचलियों की परेशानी के बारे में पाठक ने दावा किया कि वो लोग अवैध कॉलोनियों में रहते हैं, जहां बहुत गंदगी रहती है. उन्होंने आरोप लगाया कि अगर उन्हें अपने घरों में कुछ करवाना हो तो उसके लिए अधिकारियों को रिश्वत देनी पड़ती है. पाठक का कहना है कि दिल्ली की हर विधानसभा में 10 हजार के करीब पूर्वांचली वोटर्स हैं.

कांग्रेस का दावा- हमने पूर्वांचलियों के मुद्दे उठाए

दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल कुमार ने दावा किया कि पूर्वांचलियों के मुद्दों को उठाने में उनकी पार्टी सबसे आगे रही है.

अनिल कुमार ने कहा कि कांग्रेस उनके मुद्दों को और उठाएगी, जैसे हमेशा करती रही है. और उन्हें याद दिलाया जाएगा कि कैसे बीजेपी और आम आदमी पार्टी उनकी समस्याओं का हल ढूंढने में नाकाम रही है.

हालांकि, कांग्रेस को रविवार को तब बड़ा झटका लगा जब पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्वांचल बैंकग्राउंड से आने वाले महाबल मिश्रा आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए. उनका स्वागत करते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल ने महाबल मिश्रा को दिल्ली में पूर्वांचल समुदाय का बड़ा नेता बताया.

 

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