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Explainer: क्या अब दिल्ली में ग्रीन पटाखे भी नहीं फूटेंगे? ऑनलाइन सेल भी बैन, जानिए बड़े सवालों के जवाब

Delhi Firecrackers Ban: राजधानी दिल्ली में इस बार भी पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने ट्वीट कर बताया कि दिल्ली में पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर 1 जनवरी 2023 तक प्रतिबंध रहेगा. ये फैसला वायु प्रदूषण को काबू में करने के मकसद से लिया गया है.

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पिछले साल दिवाली के अगले दिन दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स 462 पहुंच गया था. (फाइल फोटो-PTI)
पिछले साल दिवाली के अगले दिन दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स 462 पहुंच गया था. (फाइल फोटो-PTI)

Delhi Firecrackers Ban: दिल्ली में इस साल भी बिना पटाखों वाली दिवाली ही मनेगी. दिल्ली सरकार ने पटाखों की बिक्री और भंडारण पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी. 

गोपाल राय ने ट्वीट कर कहा कि दिल्ली में लोगों को प्रदूषण के खतरे से बचाने के लिए पिछले साल की तरह इस बार भी सभी तरह के पटाखों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जा रहा है, ताकि लोगों की जिंदगी बचाई जा सके.

उन्होंने ये भी बताया कि इस बार पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर भी रोक लगाई जा रही है. हालांकि, उन्होंने ये नहीं बताया कि ये प्रतिबंध कब से लागू होगा.

1. पटाखों पर बैन क्यों?

अक्टूबर से दिल्ली की हवा खराब होने लगती है. इसके दो कारण हैं. पहला तो ये कि अक्टूबर से मौसम बदलने लगता है. तापमान गिर जाता है और हवा की स्पीड पर भी असर पड़ता है, जिस कारण पॉल्यूटेंट्स जम जाते हैं और प्रदूषण बढ़ जाता है.

इसी मौसम में दिल्ली के आसपास के राज्यों में किसान पराली भी जलाना शुरू करते हैं. इससे प्रदूषण और बढ़ता है. दिवाली में पटाखे फोड़ने से हालात और खराब हो जाते हैं. 

प्रदूषण बढ़ने से रोकने के लिए पिछले साल भी दिल्ली में पटाखों पर बैन लगा दिया गया था. इसलिए इस साल भी दिल्ली सरकार ने पटाखों पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है.

2. कब तक रहेगा बैन?

दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया है कि पटाखों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह रोक रहेगी. ये प्रतिबंध 1 जनवरी 2023 तक रहेगा. हालांकि, उन्होंने ये नहीं बताया कि ये प्रतिबंध कब से लागू होगा. पिछली साल 28 सितंबर 2021 से 1 जनवरी 2022 तक प्रतिबंध था.

3. ग्रीन पटाखे भी नहीं फोड़ सकेंगे क्या?

सरकार ने सभी तरह के पटाखों की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. गोपाल राय ने अपने ट्वीट में लिखा है कि 'सभी तरह के पटाखों' पर प्रतिबंध रहेगा. इसका मतलब ये हुआ कि ग्रीन पटाखों पर ये प्रतिबंध लागू होगा. 

4. कहीं और से खरीदकर यहां फोड़ सकते हैं?

दिल्ली में तो पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर भी रोक है. यानी, अगर आप ऑनलाइन भी इन्हें खरीदना चाहें तो दिल्ली में तो नहीं खरीद सकते. वहीं, अगर आप किसी दूसरे राज्य से पटाखे खरीदकर लाते हैं तो भी 1 जनवरी 2023 तक नहीं फोड़ सकेंगे. सिर्फ दिवाली ही नहीं, बल्कि इस दौरान शादी या कोई भी कार्यक्रम में पटाखे नहीं फोड़ सकेंगे.

5. अगर पटाखे जलाए तो क्या होगा?

प्रतिबंध के बावजूद अगर पटाखे जलाते हैं तो कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. पिछली साल दिल्ली पुलिस ने 281 लोगों को गिरफ्तार किया था. 

इनमें से 138 लोगों को पटाखों की बिक्री और 143 को जलाने के लिए गिरफ्तार किया गया था. ये गिरफ्तारी 29 सितंबर से 4 नवंबर के बीच हुई थी. इसी दौरान करीब 20 हजार किलो के पटाखे जब्त किए गए थे.

6. प्रतिबंधों को लागू कैसे किया जाएगा?

दिल्ली सरकार ने अभी तक ये नहीं बताया है कि ये प्रतिबंध कब से लागू होगा. लेकिन मंत्री गोपाल राय ने बताया है कि प्रतिबंधों को सख्ती से लागू कराने के लिए दिल्ली पुलिस, दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी और रेवेन्यू डिपार्टमेंट के साथ मिलकर एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा.

7. क्या पटाखों से सच में होता है प्रदूषण?

2 दिसंबर 2020 को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने दिल्ली-एनसीआर समेत उन सभी शहरों में पटाखों की बिक्री और उपयोग पर रोक लगाने का आदेश दिया था, जहां एयर क्वालिटी खराब थी. 

दिवाली पर पटाखे जलाने से वातावरण में PM10 और PM2.5 पॉल्यूटेंट्स की मात्रा बढ़ जाती है. ये दोनों ही पॉल्यूटेंट्स बेहद खतरनाक होते हैं और ये इतने छोटे होते हैं कि शरीर के अंदर चले जाते हैं, जिससे कई तरह की बीमारियां होती हैं.

पिछले साल भी पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक थी, लेकिन उसके बावजूद लोगों ने पटाखे फोड़े थे. पिछले साल पटाखों और पराली जलाने से दिवाली के अगले दिन दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 462 पर था. ये आंकड़ा 5 साल में सबसे ज्यादा है. एयर क्वालिटी इंडेक्स का 462 होने का मतलब है कि दिल्ली में हवा 'गंभीर से ज्यादा' खतरनाक स्तर पर थी.

8. एक्सपर्ट क्या मानते हैं?

ग्रीनपीस इंडिया से जुड़े अविनाश चंचल ने न्यूज एजेंसी को बताया कि पटाखे प्रदूषण बढ़ाते हैं, लेकिन इसके अलावा और दूसरे सोर्स भी हैं जो हवा खराब करते हैं. जैसे- ट्रांसपोर्ट, इंडस्ट्री, कंस्ट्रक्शन और थर्मल पावर प्लांट भी प्रदूषण बढ़ाने के लिए उतने ही जिम्मेदार हैं.

पर्यावरणविद भवरीन कंधारी ने न्यूज एजेंसी से कहा कि दिल्ली सरकार पटाखों को सालभर के लिए बैन क्यों नहीं करती? इसे सिर्फ एक तय समय के लिए ही क्यों प्रतिबंधित किया जाता है. उन्होंने कहा कि दुकानदारों ने स्टॉक रख लिया होगा और इसे खत्म करने के लिए डिस्काउंट प्राइस पर बेचा जाएगा. उन्होंने ये भी कहा कि कोई अधिकारी या वॉलेंटियर भी नहीं है, जो इस प्रतिबंध को जमीन पर लागू करवा सके.

सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के एनालिस्ट सुनील दाहिया ने कहा कि पटाखों पर प्रतिबंध लगाना सही है, ताकि त्योहार के समय लोग साफ हवा में सांस ले सकें. लेकिन कोयले पर चलने वाले पावर प्लांट के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए ऐसे पावर प्लांट को दिल्ली-एनसीआर में बंद कर देना चाहिए.

पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पटाखों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से कोई प्रतिबंध नहीं है और केवल उन पटाखों पर प्रतिबंध है जिनमें बेरियम सॉल्ट होता है. हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को सुप्रीम कोर्ट ने 'इमरजेंसी' बताया था और दिल्ली में लॉकडाउन लगाने का सुझाव दिया था.

 

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