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नेपोटिज्म पर बोले भुवन- गलती हमारी, 100 करोड़ी फिल्मों के पीछे हम भागते हैं

e mindrocks 2020: नेपोट‍िज्म पर कॉमेड‍ियन भुवन बम ने भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा अगर इंडस्ट्री इसकी जिम्मेदार है तो कुछ हद तक लोग भी इसके जिम्मेदार हैं. जब सुशांत सिंह राजपूत जिंदा थे तब उन्हें इतना एडमायर नहीं किया गया जितना उनके मरने के बाद किया जा रहा है.ऑड‍ियंस अच्छी फिल्मों अच्छे एक्टर्स को दिल से स्वीकार नहीं कर पाते.

भुवन बम भुवन बम

डिजिटल मंच के सबसे बड़े यूथ समिट e mindrocks 2020 में कॉमेड‍ियन और यूट्यूबर भुवन बम ने कई टॉप‍िक्स पर खुलकर बात की. एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से शुरू हुए नेपोट‍िज्म मुद्दे पर भुवन ने भी अपनी राय पेश की. कॉमेड‍ियन ने कहा कि लोग फिल्म इंडस्ट्री पर नेपोट‍िज्म का आरोप लगा रहे हैं जबकि इसमें उनकी भी बराबर गलती है.

भुवन ने नेपोट‍िज्म पर बात करते हुए अच्छे कंटेंट और अच्छे एक्टर्स की भी बात रखी. उन्होंने कहा- 'अगर इंडस्ट्री इसकी जिम्मेदार है तो कुछ हद तक लोग भी इसके जिम्मेदार हैं. जब वो (सुशांत सिंह राजपूत) जिंदा थे तब उन्हें इतना एडमायर नहीं किया गया जितना उनके मरने के बाद किया जा रहा है. लोग शानदार फिल्मों को छोड़कर 400-500 करोड़ कमाने वाली फिल्म देखते हैं. गलती हमारे यानी ऑड‍ियंस की भी है. सेलेब्स तो अपने बच्चों को मौका देंगे ही, लेक‍िन हमें भी तो एक्टर्स को मौका देना चाहिए. अच्छी फिल्मों अच्छे एक्टर्स को दिल से स्वीकार नहीं कर पाते.

इस दौरान भुवन ने अपने मन की बात शेयर करते हुए कहा कि उन्हें केके मेनन, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और मनोज बाजपेयी के साथ काम करने का मन है. ये इंडस्ट्री के कुछ बेहतरीन एक्टर्स हैं. मनोज बाजपेयी की अलीगढ़ शानदार मूवी है, उसे देखने मां को जबरदस्ती थ‍िएटर लेकर गया था. वहीं अच्छे कंटेंट से परे लोगों को मसाला मूवीज ही पसंद आएगी. हम अच्छे कंटेंट वाली मूवीज को बढ़ावा नहीं देते.

मेंटल हेल्थ पर भुवन की ये है राय

इस मुद्दे पर भुवन बम ने बेबाकी से अपनी बात रखी. ये कहना गलत नहीं होगा क‍ि उन्होंने समाज का आईना ही दिखाया है. भुवन ने कहा कि मानस‍िक तनाव से गुजर रहे लोग पागल कहने के डर से डॉक्टर के पास नहीं जाते. अपने पर‍िवार के लोग ही पागल कहते हैं. यहां लोग आसानी से पागल का टैग लगा देते हैं. हाल ही में मैंने एक ट्वीट किया था. लेक‍िन इस पर लोग कमेंट करने लगे क‍ि तुम्हें क्या परेशानी है. मेंटल हेल्थ पर कुछ लोग कहते हैं कि हमसे बात कर लेना पर जब फोन करो तो वे फोन नहीं उठाएंगे. सद्भावना खत्म हो चुकी है. अपना काम बनता है तो बाकी लोगों की कोई परवाह नहीं होती.

घर पर रहने के बावजूद बहुत कम वीड‍ियोज बनाते हैं भुवन

लॉकडाउन के दौरान जब सब घर पर हैं तो भुवन भी इस वक्त वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं. लेक‍िन इस दौरान वे घर पर रहने के बावजूद वे 4-5 वीड‍ियोज ही अपलोड कर पाएं हैं. इस पर उन्होंने कहा- 'लॉकडाउन के दौरान मेरे केवल पांच एपिसोड्स आए हैं. दरअसल, मैं यूट्यूब में लंबी रेस का घोड़ा बनना चाहता हूं. इसल‍िए मन से किया काम करता हूं. जो ट्रेंड में है उसपर कुछ बनाउं मेरा ऐसा कुछ नहीं है. मैं अपना अलग कंटेंट बनाना पसंद करता हूं. मुझे जल्दबाजी नहीं पसंद'.

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कॉमेडी के अलावा लिरिसिस्ट और सिंगर भी हैं भुवन

भुवन ने बताया कि उन्हें गाने का बहुत शौक है. वे यूट्यूब में आने से पहले 21 साल की उम्र से ही रेस्टोरेंट मोती महल में गाना भी गाते थे. उन्हें किशोर कुमार, मोहम्मद रफी, हेमंत कुमार के गाने बहुत पसंद है. भुवन बताते हैं कि उनके पिता एयर इंड‍िया में काम करते थे. वे ड्यूटी फ्री हिट्स लेकर आते थे. इन्हीं गानों को सुनकर उन्हें भी इसने लगाव हो गया.

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कितनी है भुवन के महीने की कमाई?

शो से विदा लेते हुए भुवन ने अपनी कमाई का खुलासा भी किया. हालांकि वे इससे पहले टीटू टॉक्स के बाद अपनी कमाई के बारे में लोगों को बताया था. पर फिर भी भुवन ने दोबारा लोगों को अपनी महीने की कमाई से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि एक एपिसोड के उन्हें औसत 3-4 लाख रुपये एक महीने में मिलता है.

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