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कोरोना के योद्धाः बैरिकेड, ड्रोन कैमरा और CCTV, हॉटस्पॉट एरिया में ऐसी है चौकसी

देश के सबसे बड़े टीवी चैनल पर ई़-एजेंडा आजतक का आयोजन किया गया. जहां देश के तीन पुलिस अधिकारियों ने लॉकडाउन के दौरान उनके अनुभवों को साझा किया. इस दौरान हॉटस्पॉट इलाकों को लेकर लखनऊ के पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे ने जानकारी दी.

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लखनऊ के सीपी सुजीत पांडे ने बताया कि निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल हो रहा है (फोटो- आजतक) लखनऊ के सीपी सुजीत पांडे ने बताया कि निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल हो रहा है (फोटो- आजतक)

  • लखनऊ के हॉटस्पॉट एरिया में ड्रोन से निगरानी
  • कई इलाकों में लगाए गए CCTV कैमरा

कोरोना महामारी के चलते देश में दूसरे दौर का लॉकडाउन जारी है. इस दौरान देश के सभी राज्यों में हॉटस्पॉट एरिया पुलिस और चिकित्सा विभाग के लिए बड़ी चुनौती हैं. जहां सख्ती भी बरती जा रही है और निवासियों की ज़रूरतों का ख्याल रखा जा रहा है. हॉटस्पॉट इलाकों में ना तो कोई जा सकता है और ना आ सकता है. केवल चुनिंदा सरकारी टीमें और पुलिस इन इलाकों में ज़रूरत के हिसाब से जाती है.

शुक्रवार को देश के सबसे बड़े टीवी चैनल पर ई़-एजेंडा आजतक का आयोजन किया गया. जहां देश के तीन पुलिस अधिकारियों ने लॉकडाउन के दौरान उनके अनुभवों को साझा किया. इस दौरान हॉटस्पॉट इलाकों को लेकर लखनऊ के पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे ने कहा कि लखनऊ में 17 हॉटस्पाट एरिया हैं. जिनकी निगरानी के लिए खास तौर पर इंतजाम किए गए हैं. इन हॉटस्पॉट इलाकों को दो लेयर में सील किया गया है. पुलिस बैरिकेड लगाए गए हैं. किसी को वहां जाने की इजाजत नहीं है. प्राइवेट वाहनों को पूरी तरह से बैन किया गया है. लेकिन वहां सैनिटाइजेशन टीम, मेडिकल टीम, पुलिस और ज़रूरत का सामान लेकर जाने वाली वैन को ज़रूरत के हिसाब से भेजा जा रहा है.

पुलिस कमिश्नर के मुताबिक निगरानी के लिहाज से इन इलाकों में ड्रोन कैमरा का इस्तेमाल किया जा रहा है. यहां तक कि पुलिस ने किसी भी तरह के मूवमेंट को रोकने के लिए इन इलाकों में सीसीटीवी कैमरा भी लगाए हैं. जिनके माध्यम से वहां होने वाली हर हलचल पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है. इन इलाकों के बाहर लखनऊ में लॉकडाउन पूरी तरह से अमल में लाया गया है. बहुत कम वाहन सड़कों पर दिख रहे हैं, जिन्हें पास दिए गए हैं.

उधर, दिल्ली पुलिस के एडिशनल कमिश्नर व जनसंपर्क अधिकारी मनदीप सिंह रंधावा ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान ज़रूरी सामान की सप्लाई बनी रहे और सभी जगह पीकेट हों. लॉकडाउन का पालन हो और स्टाफ का मोराल हाई रहे. ऐसे में लॉकडाउन लागू होते ही पुलिस ने जगह-जगह पीकेट लगाई. बार्डर पर बैरिकेड लगाए गए. स्टाफ का मोराल हाई रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारी मौके पर जाकर स्टाफ से बात कर रहे हैं.

मुंबई पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर विनय चौबे ने आजतक से कहा कि मुंबई में बड़ी चुनौती स्लम की है. लॉकडाउन के दौरान वहां राशन और खाना पहुंचाना बहुत ज़रूरी था. ऐसे में पुलिस ने नार्मल सोसाइटी की समस्या को ध्यान में रखते हुए अलग तरीके से टैकल किया और धारावी और शिवाजी नगर में अलग तरीका अपनाया. जो टारगेट एरिया थे, उन पर खास फोकस किया गया है. कई थानों के बीच कोऑर्डिनेशन बनाकर काम किया जा रहा है.

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