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कभी 200 रु के लिए पार्टियों में गाना गाते थे जगजीत सिंह

जगजीत सिंह संगीत की दुनिया का ऐसा नाम हैं जिनकी कमी कोई भर नहीं सकता. उन्होंने कई फिल्मों में संगीत दिया, लेकिन बाद में गज़ल गायकी में ही रम गए. उन्होंने गज़ल को बिल्कुल अलग अंदाज में गाया. इसके लिए उनकी आलोचना हुई और आरोप लगा कि जगजीत ने गज़ल के शास्त्रीय अंदाज की अनदेखी की. हालांकि जगजीत ऐसे आरोपों को सिरे से खारिज करते रहे. बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी, वो कागज की कस्ती, तुम इतना जो मुस्करा रहे हो, आहिस्ता-आहिस्ता जैसे तमाम गज़ल-गीत संगीत की दुनिया को जगजीत की अनमोल भेंट हैं. आइए जानते हैं जगजीत के जीवन से जुड़ी तमाम रोचक जानकारियां...

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