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सुशांत केस में हो रही राजनीति, CBI जांच की नहीं है जरूरत: अनिल देशमुख

महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने अपने हालिया ट्वीट में बिहार पुलिस की सुशांत केस में जांच पर सवाल उठाए हैं और उन्होंने ये भी कहा कि पॉलिटिकल फायदे के लिए इस मामले का अब राजनीतिकरण किया जा रहा है.

सुशांत सिंह राजपूत सुशांत सिंह राजपूत

सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस में जहां फैंस और इंडस्ट्री के कुछ सितारे लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं वही महाराष्ट्र के गृहमंत्री ने लगातार इस मांग को ठुकराया है. उन्होंने अपने हालिया ट्वीट में बिहार पुलिस की सुशांत केस में जांच पर सवाल उठाए हैं और उन्होंने ये भी कहा कि मुंबई पुलिस इस मामले की तह तक जाने की पूरी कोशिश कर रही है.

अनिल देशमुख ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'मुंबई पुलिस ने सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या के बारे में आरोपों की जांच शुरू कर दी है. भले ही बिहार पुलिस ने पटना में केस दर्ज किया है. लेकिन सीआरपीसी की धारा 12 और 13 के तहत इसकी जांच, पूछताछ के अधिकार स्थानीय पुलिस और अदालतों के पास हैं जिनके अधिकार क्षेत्र में, यह घटना घटी है.'

अनिल देशमुख ने आगे लिखा, 'मैं सुशांत सिंह केस को सीबीआई को सौंपने की मांग की निंदा करता हूं. पॉलिटिकल फायदे के लिए इस मामले का अब राजनीतिकरण किया जा रहा है. महाराष्ट्र पुलिस इस मामले में प्रोफेशनल तरीके से पूछताछ कर रही है और सच्चाई का पता लगाने में सक्षम है, कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है.'

मुंबई पुलिस की जांच को लेकर संतुष्ट नहीं है सुशांत की फैमिली और फैंस

बता दें कि इस मामले में चल रहे घटनाक्रम को देखते हुए मुंबई पुलिस के एक्शन की कई फैंस निंदा कर रहे हैं. मुंबई पुलिस ने सुशांत सिंह राजपूत मामले में एफआईआर भी दर्ज नहीं की थी और इस मामले में पहली एफआईआर बिहार के राजीव नगर थाने में सुशांत के पिता केके सिंह ने दर्ज कराई थी. उन्होंने ये भी कहा था कि उन्हें मुंबई पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है. इस एफआईआर के बाद बिहार पुलिस से जुड़े चार लोग मुंबई रवाना हुए थे. इसके बाद पटना के तेजतर्रार एसपी सिटी तिवारी भी मुंबई जांच के लिए पहुंचे लेकिन उन्हें बीएमसी ने 14 दिनों के लिए क्वारनटीन कर दिया जिस पर सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने भी नाराजगी जताई थी.

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