scorecardresearch
 

कुमार विश्वास को फिल्मों की स्क्रिप्ट से शिकायत, बोले- भाषा पर रहम करो

कुमार विश्वास ने आगे लिखा, एक ही घर के पांच सदस्यों में से बेटा भोजपुरी में सवाल करता है तो बाप अवधी में जवाब देता है. हमारी भाषाओं पर रहम करो भाई. कुमार विश्वास के इस ट्वीट पर फैन्स ने एक के बाद एक ढेरों रिप्लाई किए हैं.

कुमार विश्वास कुमार विश्वास

मशहूर कवि और राजनेता कुमार विश्वास ने भारतीय फिल्मों और वेबसीरीज में दिखाए गए किरदारों की बोली को लेकर नाराजगी जताई है. कुमार विश्वास ने ट्वीट करके अपना गुस्सा जाहिर किया है और उनका ये ट्वीट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. कुमार ने अपने ट्वीट में लिखा, "यूपी-बिहार की पृष्ठभूमि पर फिल्में-वेब सीरीज बनाने वाले मुम्बईया लेखकों को यह क्यूं लगता है कि भोजपुरी-अवधी-बृज-बुंदेली-मगही-अंगिका-वज्जिका सब एक ही हैं."

अपने ट्वीट में कुमार विश्वास ने आगे लिखा, "एक ही घर के पांच सदस्यों में से बेटा भोजपुरी में सवाल करता है तो बाप अवधी में जवाब देता है. हमारी भाषाओं पर रहम करो भाई." कुमार विश्वास के इस ट्वीट पर फैन्स ने एक के बाद एक ढेरों रिप्लाई किए हैं. एक यूजर ने कमेंट बॉक्स में लिखा, "हरियाणवी तो इस बार सुना है पाताल लोक में सही बोली, वरना हरियाणवी का सबसे ज्यादा सत्यानाश करते थे. अरे ताऊ बोलने को हरियाणवी बोलना समझते थे."

इसके जवाब में कुमार विश्वास ने लिखा कि वो शायद इसलिए हो गया क्योंकि जयदीप अहलावत खुद हरियाणा के हैं. इसके बाद दादी चंद्रो तोमर ने कुमार विश्वास के ट्वीट पर रिप्लाई किया है. उन्होंने लिखा, "100 आन्ने की एक कहदी. कतई नास ठा रख्या महारी बोलियों का." कुमार विश्वास के ट्वीट पर एक यूजर ने लिखा, "कही की ईंट कहीं का रोड़ा, भानुमति ने कुनबा जोड़ा. भद्दी गालियां, छोटे कपड़े, धर्म का मजाक, उसमें साम्प्रदायिकता का मसाला डालो और UP, बिहार की पृष्ठभूमि पर सफल वेब सीरीज बनालो."

लॉकडाउन में दीपिका पादुकोण का वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन सुन रही हैं स्क्रिप्ट

कोरोना की लड़ाई में सोशल मीडिया बना बड़ा हथियार, सितारों ने जुटाए फंड्स

यूजर बोला बोलियों से अवगत नहीं हैं

यूजर ने लिखा कि यही फॉर्मूला है आजकल, भाषा की किसको पड़ी है? कभी अच्छा साहित्य और क्षेत्रीय भाषाएं पढ़ी हों तो जाने. एक अन्य यूजर ने लिखा, "एकदम सही बात पकड़ी आपने. जैसे कुछ उत्तर भारत के लोग दक्षिण के बड़े विभिन्न संस्कृति और भाषाओं वाले लोगों को 'मद्रासी' कह कर सम्बोधित करते हैं, उसी प्रकार यह लोग भी उत्तर भारतीयों की संस्कृति और बोलियों से अवगत नहीं हैं."

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें