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घर-घर पूजे जाते थे TV के ये कृष्ण, एक रोल से यूं बदल गई जिंदगी

जब भी महाभारत और श्रीकृष्‍ण की बात आती है तो आखों के सामने एक ही चेहरा नजर आता है. वो चेहरा है एक्टर नीतीश भारद्वाज का. नीतीश भारद्वाज ने भगवान श्रीकृष्ण की मूरत को टीवी स्क्रीन पर जीवंत बना दिया था. नीतीश ने बीआर चोपड़ा की महाभारत में श्रीकृष्ण की कालजयी भूमिका निभाई.

महाभारत में श्रीकृष्ण के किरदार में नीतीश भारद्वाज. महाभारत में श्रीकृष्ण के किरदार में नीतीश भारद्वाज.

जब भी महाभारत और श्रीकृष्‍ण की बात आती है तो आंखों के सामने एक ही चेहरा नजर आता है. वो चेहरा है एक्टर नीतीश भारद्वाज का. नीतीश भारद्वाज ने भगवान श्रीकृष्ण की मूरत को टीवी स्क्रीन पर जीवंत बना दिया था. नीतीश ने बीआर चोपड़ा की महाभारत में श्रीकृष्ण की कालजयी भूमिका निभाई.

उनका ये किरदार काफी पसंद किया गया था. कहते तो यह भी हैं कि महाभारत में नीतीश की छवि वाले पोस्टर भगवान श्रीकृष्ण के रूप में पूजे जाने लगे थे. एक्टर को श्रीकृष्ण कहकर संबोधित किया जाने लगा. नीतीश के इस एकमात्र रोल ने उनकी जिंदगी बदल दी. उन्हें सितारों जैसी लोकप्रियता हासिल हुई और देश का बच्चा-बच्चा पहचानने लगा. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर लोगों को महाभारत में नीतीश भारद्वाज के किरदार की जरूर याद आएगी.

एक्टर की पॉपुलैरिटी को भारतीय जनता पार्टी ने भी भुनाया. श्रीकृष्ण के रोल से वो इतने फेमस हुए कि 1996 में उन्हें बीजेपी ने जमशेदपुर से लोकसभा का टिकट दिया. नीतीश चुनाव भी जीत गए और सांसद बने. हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने पॉलिटिक्स छोड़ दी.

आजतक को दिए एक इंटरव्यू में दोबारा पॉलिटिक्स में आने पर उन्होंने कहा था- अगले पचास वर्ष तो नहीं, क्योंकि मैंने ये जाना कि जो मैं पॉलिटिक्स के जरिए करना चाह रहा था, वो तो मैं फिल्मों के माध्यम से भी कर सकता हूं. हर इंसान मुझे यही कहता है कि आप पॉलिटिक्स में मत जाइए. अब मैं सिनेमा में ही रहूंगा.

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Chakravyu live #krishna #nitishbhardwaj #lordkrishna #play #mahabharat

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वैसे नीतीश ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत मराठी थिएटर से की थी. बाद में रवि बासवानी उन्हें हिंदी थिएटर में लेकर आए. इसके बाद नीतीश ने थिएटर ग्रुप आंख जॉइन कर लिया. एक्टर ने बॉम्बे दूरदर्शन में अनाउंसर और न्यूज रीडर का काम भी किया. 1987 में नीतीश ने मराठी में पहली फीचर फिल्म खात्याल सासू नथाल सन की. इसके बाद हिंदी में तृषाग्नि की. और फिर उन्हें वह रोल मिला जो उनकी पहचान बन गया. वो किरदार था महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण का.

एक्टर के लिए महाभारत का रोल फायदेमंद साबित हुए. लेकिन इसका उन्हें नुकसान भी कम नहीं हुआ. गौर करें तो महाभारत के बाद नीतीश को लगभग एक जैसे धार्मिक रोल्स मिले. इनमें विष्णु पुराण, रामायण जैसे कई सीरियल्स में शामिल हुए. जिस रोल ने नीतीश को घर-घर में पहचान दी, उसकी वजह से एक्टर का करियर एक ढर्रे के किरदारों में सिमटता नजर आया. हालांकि बीच-बीच में नीतीश की इक्का दुक्का फिल्में भी आई पर बड़े पर्दे पर उन्हें कोई खास मुकाम नहीं मिला.

फिलहाल पिछले कुछ सालों से नीतीश एक्टिंग में सक्रिय भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं. प्रेम शक्ति, मोहन जोदारो और यक्ष जैसी फिल्मों में नीतीश ने कैरेक्टर एक्ट प्ले किया. नीतीश भारद्वाज ने सारा अली खान की डेब्यू फिल्म भी कैरेक्टर रोल किया था.

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