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जिला गोरखपुर के निर्देशक योगी को दिखाएंगे स्‍क्र‍िप्‍ट, कहा-मैं खुद हिंदूवादी

फिल्‍म जिला गोरखपुर के पोस्‍टर पर विवाद गरमाता जा रहा है. निर्देशक विनोद तिवारी ने कहा है कि वे लखनऊ जाकर योगी आदित्‍यनाथ को स्‍क्रि‍प्‍ट दिखाएंगे. उनका कहना है कि वे खुद प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करते हैं.

योगी आदित्‍यनाथ, जिला गोरखपुर का पोस्‍टर योगी आदित्‍यनाथ, जिला गोरखपुर का पोस्‍टर

उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की कथित बायोपिक 'जिला गोरखपुर' के पोस्‍टर विवाद पर निर्देशक ने सफाई दी है. निर्देशक विनोद तिवारी अपनी फिल्‍म की स्‍क्र‍िप्‍ट योगी आदित्‍यनाथ को दिखाना चाहते हैं.

विनोद तिवारी का कहना है, ''मैं खुद हिंदूवादी हूं. विरोध करने के पहले कोई स्क्रिप्ट देखता तो कभी इसका विरोध नहीं करता. मैं लखनऊ जाकर योगी आदित्यनाथ को स्क्रिप्ट दिखाऊंगा.''

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विनोद तिवारी ने फिलहाल फिल्‍म रोक दी है. फिल्म जिला गोरखपुर शूटिंग शुरू होने से पहले ही विवादों में है. अभी तक इस फिल्म के कलाकार तय हुए हैं, लेकिन फिल्म के एक पोस्टर से बवाल इतना बड़ा हो गया कि इस फिल्म के निर्देशक ने इसे बनाने का इरादा फिलहाल छोड़ दिया है. वे जल्द ही इसकी स्क्रिप्ट को लेकर योगी आदित्यनाथ से मिलने की कोशिश करेंगे.

बता दें कि मेरठ में भाजपा विधायक सोमेंद्र तोमर ने थाने में फिल्म के निर्माता-निर्देशक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. तोमर ने आपत्ति जताते हुए एक श‍िकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ को दी. श‍िकायत में आरोप लगाया गया कि फिल्म के निर्माता निर्देशक ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया है. जिस तरह से पोस्टर दिखाया गया है, उससे समाज में गलत संदेश जाता है.

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कौन हैं निर्देशक विनोद तिवारी?

भोपाल के रहने वाले विनोद तिवारी तीन फिल्मों का निर्माण कर चुके हैं, जिसमें एक भोजपुरी फिल्म है और दो हिंदी. जय मां मैहर वाली, दबंग दामाद भोजपुरी है और प्राखेश्वर की महिमा हिंदी फिल्म है. विनोद तिवारी, फिल्म के अलावा कई सीरियल्‍स के भी निर्देशक रह चुके हैं और इनके जी और सोनी पर कई सीरियल्स प्रसारित हो चुके हैं.

विनोद तिवारी की जिला गोरखपुर चौथी फिल्म होगी. तिवारी के मुताबिक यह हिंदुत्व को बिल्कुल सही परिपेक्ष्‍य में रखने वाली फिल्म है. ये न तो योगी आदित्यनाथ को और न ही गोरखपुर के गोरक्षनाथ पीठ पर आधारित है, बल्कि यह फिल्म एक्शन और प्रेम प्रसंग पर आधारित है जिसमें एक छात्र संघ के अध्यक्ष के इर्द-गिर्द इस फिल्म की कहानी को बुना गया है. आखिर में हिंदुत्व का गेरुआ चोला उस शख्स को दिया जाता है जिसने हिंदुत्व की रक्षा के लिए अपने प्राण त्याग दिए.

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विनोद तिवारी ने खुद के बारे में बताते हुए कहा "जो शख्स अपने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करता हो जो शख्स खुद को हिंदूवादी लिखता हूं जिस शख्स ने अपने डायलॉग्स में 56 इंच के सीने का इस्तेमाल किया हो वह योगी और मोदी का विरोध कैसे हो सकता है."

बीजेपी नेता आरपी सिंह के विरोध का जवाब देते हुए विनोद तिवारी कहते हैं, "अगर पोस्टर देखकर हमारे ऊपर केस करने के पहले आईपी सिंह ने मुझसे फिल्म की स्टोरी की स्क्रिप्ट मांगी होती तो वह उसके लिए मेरी पीठ थपथपाते ना कि मेरे ऊपर मुकदमा करते."

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