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मनोरंजन

वो 7 प्रेम कहानियां जिन्हें देखकर थियेटर से रोते हुए निकले थे लोग

वो 7 प्रेम कहानियां जिन्हें देखकर थियेटर से रोते हुए निकले थे लोग
  • 1/7
तेरे नाम
ब्रैंड सलमान खान बनने से पहले की फिल्म. जब सलमान एक्शन फिल्मों से ज्यादा अपनी रोमांटिक इमेज के लिए जाने जाते थे. यूपी के राधे भैया बने सलमान खान का हेयरकट एक दौर में देश के कुछ हिस्सों में कल्ट साबित हुआ था. पहले हाफ में बदमाशी के दौर के बाद सलमान को दूसरे हाफ में कई त्रासदियों का सामना करना पड़ता है. पर्दे पर सल्लू भाई को इन परेशानियों से जूझते देखना एक इमोशनल अनुभव होता है. फिल्म का क्लाइमेक्स डार्क और बेहद दुखदायी है. इसे सलमान की सबसे त्रासदी भरी फिल्मों में शुमार किया जा सकता है. खास बात ये है कि इसे अनुराग कश्यप डायरेक्ट करने वाले थे. लेकिन अनुराग ने सलमान को इस रोल के लिए छाती के बाल उगाने की सलाह दे दी थी और अनुराग का इस फिल्म से पत्ता साफ हो गया था.
वो 7 प्रेम कहानियां जिन्हें देखकर थियेटर से रोते हुए निकले थे लोग
  • 2/7
कल हो ना हो
शाहरुख खान फिल्म में प्रीति जिंटा से बेपनाह मोहब्बत करते हैं लेकिन एक लाइलाज बीमारी से ग्रस्त होने के चलते वे प्रीति को अपनी ज़िंदगी से ना सिर्फ अलग करते हैं बल्कि सैफ अली खान को प्रीति जिंटा से मिलवाने की कोशिश भी करते है. शाहरुख की इस मेलोड्रामा फिल्म का सार यही है कि  'सच्चा प्यार वही है जब आप अपने चाहने वाले की खुशियों के लिए कुछ भी कर गुजरने को आमादा हो फिर वो भले ही उनसे अलग होना ही क्यों न हो.' शाहरुख की ये इकलौती फिल्म है जिसमें उन्होंने और प्रीति जिंटा ने जमकर आंसू बहाए हैं.

वो 7 प्रेम कहानियां जिन्हें देखकर थियेटर से रोते हुए निकले थे लोग
  • 3/7
गुजारिश
ऋतिक रोशन की सबसे बेहतरीन फिल्मों में शुमार. ऋतिक ने एक ऐसे शख्स की भूमिका निभाई है जो एक समय में जादूगर था लेकिन अब लकवे के चलते वो अपनी ज़िंदगी से परेशान हो चुका है और इच्छा मृत्यु चाहता है. फिल्म के एक सीन में असहायता की पराकाष्ठा देखने को मिलती है जब अपने बेड में सो रहे ऋतिक के ऊपर पानी गिरता है, लेकिन अपने लकवेपन के कारण वो कुछ नहीं कर पाता है. ये फिल्म संजय लीला भंसाली की सबसे इमोशनल फिल्मों में शुमार है.

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  • 4/7
हाईवे
इम्तियाज अली के दिल के बेहद करीब इस प्रोजेक्ट में आलिया और रणदीप हुड्डा नज़र आए थे.  अरबपति बाप की बेटी होने के बावजूद आलिया कितनी अकेली है, ये इस बात से पता चलता है जब वो अपने किडनैपर की तरफ ही आकर्षित हो जाती है, लेकिन फिल्म का क्लाइमेक्स आलिया को तमाम तकलीफें दे जाता है और एक दर्शक के तौर पर वो तकलीफ बेहद रिलेटेबल लगती है. इस फिल्म के साथ ही आलिया ने दिखा दिया था कि वे बॉलीवुड में लंबी पारी खेलेंगी.
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  • 5/7
लुटेरा
रणवीर सिंह को भले ही बॉलीवुड मसाला फिल्मों को प्राथमिकता देना पसंद हो, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि वे ऑफबीट और गंभीर फिल्मों में भी अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहते हैं. विक्रमादित्य मोटवानी की फिल्म लुटेरा इसका सबसे शानदार उदाहरण है. इस फिल्म को सोनाक्षी सिन्हा की भी सबसे बेहतरीन फिल्मों में शुमार किया जाता है. फिल्म के गाने और फील इसे कहीं-कहीं एक विजुअल डिप्रेसिंग कविता जैसा अनुभव देते हैं. फिल्म के क्लाइमैक्स में अमित त्रिवेदी का म्यूजिक दिमाग पर अमिट छाप छोड़ जाता है.    

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  • 6/7
रांझणा
रजनीकांत के दामाद और एक्टर धनुष ने इस फिल्म से अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत की थी. बनारस का एक नौजवान जो एक लड़की के प्यार में सब कुछ खो बैठता है. फिल्म में उसकी बेवकूफियों पर हंसी आती है लेकिन धनुष की प्रैक्टिकल लव इंटरेस्ट उसका फायदा उठाने में बिल्कुल गुरेज नहीं करती. आनंद एल राय इस फिल्म के पहले हाफ में धनुष को एक स्टॉकर के रुप में पेश करते हैं लेकिन अंत होते-होते इस केरेक्टर के साथ सहानुभूति पैदा होने लगती हैं.  

वो 7 प्रेम कहानियां जिन्हें देखकर थियेटर से रोते हुए निकले थे लोग
  • 7/7
सदमा
स्वर्गीय श्रीदेवी और कमल हासन की इस फिल्म के क्लाइमैक्स को देखकर शायद ही कोई ऐसा इंसान है जिसकी पलकें न भीगी हों. पूरी फिल्म में कमल हासन श्रीदेवी की देखभाल करते हैं क्योंकि उनकी याददाशत वापस चली जाती है लेकिन याददाशत वापस आने के बाद श्रीदेवी कमल हासन को पूरी तरह से भूल जाती हैं. आखिरी सीन में ट्रेन में बैठी श्रीदेवी को बुलाने की कोशिश करते कमल हासन अपनी अद्भुत फॉर्म में होते हैं और ये सीन वाकई दिल तोड़ने वाले सीन्स की श्रेणी में काफी ऊपर रखा जा सकता है.