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इस एक्टर को था बाइपोलर डिसऑर्डर, कहा- 'मुझे लगता ईश्वर के साथ है मेरा कनेक्शन'

डेविड ने कहा कि एक ऐसा दौर था जब मुझे लगता था कि मेरा भगवान के साथ कुछ खास तरीके का कनेक्शन है जबकि असल में ऐसा कोई कनेक्शन नहीं था. मुझे अचानक लगने लगा था कि मेरे पास दुनिया के सारे उत्तर हैं.

डेविड हार्बर सोर्स इंस्टाग्राम डेविड हार्बर सोर्स इंस्टाग्राम

सुशांत सिंह रापजूत की बीमारी का इलाज कर रहीं डॉक्टर सुजैन वॉकर के मुंबई पुलिस को दिए बयान के मुताबिक सुशांत अपनी बीमारी के बारे में अच्छी तरह जानते थे. डॉक्टर वॉकर का मुंबई पुलिस को दिया बयान आज तक के पास मौजूद है. इस बयान में  उन्हें अपनी बीमारी के बारे में पता था और उन्हें लगता था कि वह कभी ठीक नहीं होंगे. सुशांत की तरह ही हॉलीवुड एक्टर डेविड हार्बर बाइपोलर डिसऑर्डर से जूझ रहे थे. उन्होंने कहा था कि वे 25 साल के थे, जब उन्हें इस बारे में पता चला था.

हार्बर ने मार्क मैरॉन के साथ पॉडकास्ट में बातचीत करते हुए कहा था कि वे अपनी जिंदगी के धार्मिक और अध्यात्मिक फेज के दौरान मेनिया से गुजरे थे. मेनिया यानि एक ऐसा दौर जब इंसान नॉर्मल से ज्यादा खुशी,उत्साह या निराशा महसूस कर सकता है और मेनिया बढ़ने के साथ-साथ इंसान की बेेचैैनी बढ़ सकती है और वो हिंसक हो सकता है. इसे बाइपोलर डिसऑर्डर के साथ जोड़ कर भी देखा जाता है.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

Whose party was it? Okay, huh, that’s...cause when I spoke to Jenn’s mother she said it was Jasper’s party not Greg’s... I guess, yeah, I guess I must be confused...

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उन्होंने कहा कि एक ऐसा दौर था जब मुझे लगता था कि मेरा भगवान के साथ कुछ खास तरीके का कनेक्शन है जबकि असल में ऐसा कोई कनेक्शन नहीं था. मुझे अचानक लगने लगा था कि मेरे पास दुनिया के सारे उत्तर हैं. हालांकि हार्बर के हालातों को देखते हुए उनके पेरेंट्स ने उन्हें मेंटल अस्पताल में भर्ती कराया था. वहां हार्बर को बाइपोलर डिसऑर्डर के लिए दवाएं दी जाती थीं. हार्बर ने कहा- मुझे लंबे समय तक बाइपोलर के लिए दवाएं दी जाती रही हैं और मेरा इन दवाओं के साथ काफी लंबा संघर्ष रहा है. कई बार ऐसा भी होता था कि मैं कई कई हफ्तों तक दवाएं नहीं लेता था. ये ऑन-ऑफ रहता था.


हार्बर ने कहा कि मैंने नोटिस किया कि जब मैं एक्टिंग कर रहा होता था तो मैं काफी बेहतर महसूस करता था तो कहीं ना कहीं ये मेरे लिए इस बीमारी से जूझने की लाइफलाइन बन​​ गया था. अगर मैं किसी और प्रोफेशन में होता तो मेरे लिए सर्वाइव करना शायद काफी मुश्किल होता.​​ 

 

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