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श्रेयस तलपड़े ने बताया कंगना रनौत की 'इमरजेंसी' में कैसे मिला अटल का किरदार?

श्रेयस बताते हैं कि सुबह जब मैंने सोशल मीडिया पर पोस्टर शेयर किया, तो लोग सरप्राइज हो गए. दरअसल किसी को भनक ही नहीं थी कि वो अटल बिहारी वाजपेयी का किरदार निभाने जा रहे हैं. लोगों के रिएक्शन बहुत ही पॉजिटिव हैं. श्रेयस फिल्म में इमरजेंसी के वक्त के युवा अटल बिहारी बने हैं, जो पॉलिटिक्स में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्षरत हैं.

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श्रेयस तलपड़े श्रेयस तलपड़े

कंगना रनौत की अपकमिंग फिल्म 'इमरजेंसी' का तीसरा पोस्टर लॉन्च हो गया है. इस पोस्टर में श्रेयस तलपड़े, अटल बिहारी वाजपेयी के किरदार में नजर आ रहे हैं. श्रेयस को अटल के किरदार में देखकर उनके फैंस हैरान हैं. aajtak.in से बातचीत में श्रेयस ने पर्दे के अटल के लिए खुद के चयन और इस किरदार के लिए अपनी तैयारियों पर खुलकर बात की. 

श्रेयस ने शेयर किया किस्सा
श्रेयस बताते हैं कि सुबह जब मैंने सोशल मीडिया पर पोस्टर शेयर किया, तो लोग सरप्राइज हो गए. दरअसल किसी को भनक ही नहीं थी कि वो अटल बिहारी वाजपेयी का किरदार निभाने जा रहे हैं. लोगों के रिएक्शन बहुत ही पॉजिटिव हैं. श्रेयस फिल्म में इमरजेंसी के वक्त के युवा अटल बिहारी बने हैं, जो पॉलिटिक्स में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्षरत हैं. 

हालांकि इस फिल्म को एजेंडा करार देते हुए इसपर कंट्रोवर्सी भी हो रही है. श्रेयस को भी इसका अंदाजा था. वो कहते हैं, पता था कि ऐसी बातें होंगी ही. पॉलिटिक्स, एजेंडा, जजमेंट सब झेलना पड़ेगा. आप इन फैक्टर्स को इग्नोर नहीं कर सकते, न काम करना बंद कर सकते हैं. इन सबका डर लेकर हम रुके रहेंगे, तो आगे बढ़ ही नहीं पाएंगे. 

कैसा रहा कंगना संग काम करने का अनुभव?
कंगना रनौट संग काम करने का अनुभव कई एक्टर्स के लिए अच्छा नहीं रहा है. हालांकि श्रेयस बताते हैं कि पहली मीटिंग में ही कंगना ने उन्हें कुछ चीजें बहुत ही स्पष्ट समझा दी थीं. श्रेयस कहते हैं कि ट्रांसपरेसी हो, तो बिना वजह कोई क्रिएटिव डिफरेंसेस नहीं होते. हमारे बीच कोई तनाव नहीं था बल्कि उनके साथ काम कर बहुत मजा आया. 

अपने लुक की तैयारी पर श्रेयस बताते हैं कि पूरी तरह तो नहीं लेकिन कुछ हिस्सों के लिए प्रोस्थेटिक मेकअप का सहारा लिया है. एक एक्टर के तौर पर मैं मानता हूं कि मेकअप से ज्यादा आपको किरदार के स्पिरिट को समझना जरूरी है. आइडिया यही था कि मैं उनका एटीट्यूड, बॉडी लैंग्वेज और स्पिरिट समझ स्क्रीन पर पेश कर सकूं. 

इस किरदार से जुड़ने की कहानी भी श्रेयस ने शेयर की. उन्होंने बताया कि कंगना का मुझे कॉल आया. उन्होंने कहा कि वो एक फिल्म कर रही हैं इमरजेंसी, जिसके सिलसिले में वो मुझसे मिलना चाहती हैं. हमारी मुलाकात हुई और उन्होंने कहानी मुझे सुनाते हुए कहा कि क्या तुम अटल जी का किरदार निभाओगे. इस दौरान कंगना ने मुझे अटल जी के यंग ऐज की कुछ तस्वीरें दिखाई. उनका ऑफर सुनकर पहले तो मैं दो मिनट के लिए चुप हो गया क्योंकि शॉक्ड और सरप्राइज था कि मुझे क्यों अटल जी के लिए ऑफर किया. अटल जी का किरदार निभाना चुनौतीपूर्ण है क्योंकि हर कोई मैग्नीफाइिंग ग्लास लेकर आपके काम को जज करेगा. 

श्रेयस कहते हैं, अटल का किरदार करना मेरे लिए चैलेंजिंग होने के साथ-साथ प्रेशर से भरा भी महसूस होता है. वो एक इंटरनैशनल पर्सनैलिटी रहे हैं. एक पॉलिटिशियन के साथ-साथ कवि भी हैं. उनके बोलने का अंदाज थोड़ा अलग है, वो पॉज लेकर बात करते हैं. उनके एक होंठ बाहर हैं, बात करने के अंदाज में पोयटिक फील है. स्क्रीन्स पर उन्हें कई बार चरितार्थ किया गया है, जिसे मैं मिमिक्री ही समझता हूं. मैं उनकी मिमिक्री बिलकुल भी नहीं करना चाहता था.
 
वो बताते हैं कि उस दिन के बाद से मैंने खुद को अटल जी में ढाल लिया है. मैं सिचुएशन पर भी उन्हीं की तरह रिएक्ट करता हूं. हां, ये सब करते वक्त बस इसी बात की कोशिश करता हूं कि उनकी मिमिक्री न करूं. इस पर कंगना को फुल मार्क देना चाहूंगा कि वो अपने विजन को लेकर क्लीयर रही हैं. उन्होंने मुझे अपने रिक्वायरमेंट्स बता दिया था, जिसने मेरे जॉब को और सरल कर दिया था. लेकिन प्रेशर अब भी महसूस करता हूं.

 

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