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'पहेली' में शाहरुख संग काम कर चुके यह एक्टर रेयर न्यूरॉलॉजिकल डिसऑर्डर से हैं ग्रस्त, मांगी मदद

शाहरुख खान संग पहेली में काम कर चुके आलोक शुक्ला GBS (Guillain Barre Syndrom)जैसी रेयर न्यूरॉलॉजिकल डिसऑर्डर से ग्रस्त हैं. पिछले दो सालों से आलोक बेड पर थे. अपने इस इलाज के लिए उन्हें मदद की जरूरत है. जिस वजह से उन्होंने फंडरेज शुरू किया है. 24 साल से आलोक फिल्मों में छोटे-मोटे रोल कर चुके हैं.

शाहरुख खान और आलोक शुक्ला शाहरुख खान और आलोक शुक्ला
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पिछले दो साल से हैं बेड पर
  • 24 साल के फिल्मी करियर में किए हैं अनगिनत छोटे रोल्स
  • एक इंजेक्शन की है कीमत 17 हजार रुपये

शाहरुख खान संग पहेली में काम कर चुके आलोक शुक्ला GBS जैसी रेयर न्यूरॉलॉजिकल डिसऑर्डर से ग्रस्त हैं. पिछले दो साल से आलोक बेड पर थे. अभी भी उनके शरीर का पूरा हिस्सा बड़ी ही मुश्किल से काम करता है. आलोक ने बताया वे घर पर जॉम्बी की तरह चलते हैं. 

लोगों को समझाने के लिए बोलना पड़ता है पैरालाइसिस 

आजतक से बातचीत के दौरान आलोक ने बताया, मुझे दो साल पहले 2 जून को GBS हुआ था. जिससे मेरे गले के नीचे का पूरा हिस्सा पैरालाइस हो गया था. मेरे हाथ-पांव ने काम करना बंद कर दिया था. हालांकि अभी मूवमेंट तो आए हैं लेकिन अभी भी मेरी उंगलियों, हथेली, ऐड़ी व घुटने में ताकत जरा सी भी नहीं है. इस बीमारी से आपके पूरे शरीर की मसल्स कमजोर पड़ जाती है. हालांकि GBS बीमारी कई लोगों को समझ नहीं आती है, तो उन्हें समझाने के लिए पैरालिसिस ही बोलना पड़ता है. पैरालिसिस और इसमें बहुत अंतर है. पैरालिसिस ब्रेन से होता है और GBS स्पाइनल कॉर्ड की वजह से होता है. 

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पिछले 24 साल से कर रहे हैं एक्टिंग 

अपने काम के बारे में आलोक बताते हैं, मैं थिएटर में 34 साल से हूं. वहीं 24 साल से फिल्म व सीरियल्स में छोटे-मोटे रोल्स किए हैं. शाहरुख संग पहेली और डरना जरूरी जैसी फिल्म की हैं. इसके अलावा मैं कहानियां भी लिखता हूं. लेकिन इस बीमारी ने मेरा सबकुछ छीन लिया है. मुझे एक कमरे से दूसरे कमरे तक पहुंचने में काफी दिक्कत होती है. मैं टेड़ा होकर जॉम्बी की तरह चलता हूं. बैलेंस बनता नहीं है बॉडी का, तो बमुश्किल ही चल पाता हूं. 

एक इंजेक्शन की कीमत है 17 हजार रूपये 

रोजाना फिजियोथेरेपिस्ट की जरूरत पड़ती है. महीने के 15 हजार लग जाते हैं. वहीं जब अटैक हुआ था, तो डॉक्टर ने कहा था कि बीस इंजेक्शन शुरूआत में लगने हैं. एक इंजेक्शन का दाम लगभग 17 हजार रूपये हैं. यही एक एलोपेथिक दवा है, जो एडमिट के दौरान लग गए थे. अब बस इसका इलाज फिजियोथेरेपिस्ट पर ही निर्भर है. इसके अलावा विटामीन डी कॉम्पलेक्स और प्रोटीन इनटेक वाले खाने का सेवन करना है. 

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बढ़ता कर्ज देखकर, मांगी है मदद 

आलोक कहते हैं, मुझे ठीक होने में सालभर लगेगा. मेरे घर पर केवल एकमात्र मैं ही पैसे कमाने वाला इंसान हूं. मेरी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं. इलाज के दौरान कई फिल्मी दोस्तों ने मदद की है. मेरे सर्किल वालों ने मेरी मदद की है. उन्होंने जनवरी तक मेरी मदद भी की है. लेकिन अब तो मदद मांगने में हिचकिचाहट होती है. बहुत संकोच होता है. मुझे महीने 30 से 35 हजार खर्च होते हैं. ये पैसे उधार पर जा रहे हैं. जिसकी वजह से कर्ज भी बढ़ता जा रहा है. ऐसे में मेरे पास फंड रेज करने के अलावा कोई और ऑप्शन नहीं बचा है. मैं जल्द से जल्द ठीक होना चाहता हूं ताकि अपने परिवार को संभाल सकूं. 

 

 

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